Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh

पुलिस और माइनिंग विभाग की मिलीभगत से दौड़ रहे हैं ओवरलोड वाहन... ???

Gwalior Gird, Gwalior | Jun 28, 2026

MORE NEWS

मध्यप्रदेश मे पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर हुये फेर बदल..
Pushpanjali Today
Home Department of Madhya Pradesh
CM Madhya Pradesh
Madhya Pradesh Police
IGP Chambal Zone
Jansampark Madhya Pradesh
Bharat Singh Chouhan

मध्यप्रदेश मे पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर हुये फेर बदल.. Pushpanjali Today Home Department of Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Madhya Pradesh Police IGP Chambal Zone Jansampark Madhya Pradesh Bharat Singh Chouhan

Gwalior Gird, Gwalior | Jun 28, 2026

NEWS IMPACT | नामांकन दाखिल करने के बाद प्रवीण अग्रवाल ने पदाधिकारियों पर चैंबर के नवीन भवन की परमिशन रोकने को लेकर लगाए आरोप, सुनकर रहजाओगे सन्न | आखिर क्या है चैंबर के नवीन भवन की परमीशन का सच | देखें न्यूज़ इम्पैक्ट की यह एक्सक्लूसिव खबर | चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें |
#vyapari #gwaliornews #newsimpact #news #gwalior #businessnews #gwaliorcity

NEWS IMPACT | नामांकन दाखिल करने के बाद प्रवीण अग्रवाल ने पदाधिकारियों पर चैंबर के नवीन भवन की परमिशन रोकने को लेकर लगाए आरोप, सुनकर रहजाओगे सन्न | आखिर क्या है चैंबर के नवीन भवन की परमीशन का सच | देखें न्यूज़ इम्पैक्ट की यह एक्सक्लूसिव खबर | चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें | #vyapari #gwaliornews #newsimpact #news #gwalior #businessnews #gwaliorcity

Gwalior Gird, Gwalior | Jun 28, 2026

सड़क की पोल खुली तो मचा बवाल, घटिया निर्माण पर भिड़े लोग, ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों की पिटाई...

ग्वालियर के सिंहपुर रोड पर करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। निर्माण कार्य की शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और स्थानीय रहवासियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जिसके बाद ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई और कर्मचारियों को दौड़ाकर पीटे जाने का आरोप लगा। सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क की कोर कटिंग कर जांच कराई। प्रारंभिक जांच में कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम पाई गई, जिसके बाद निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया गया। अधिकारियों ने सैंपल लैब परीक्षण के लिए भेज दिए हैं और रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

सड़क की पोल खुली तो मचा बवाल, घटिया निर्माण पर भिड़े लोग, ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों की पिटाई... ग्वालियर के सिंहपुर रोड पर करीब 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। निर्माण कार्य की शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों और स्थानीय रहवासियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जिसके बाद ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई और कर्मचारियों को दौड़ाकर पीटे जाने का आरोप लगा। सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क की कोर कटिंग कर जांच कराई। प्रारंभिक जांच में कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम पाई गई, जिसके बाद निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया गया। अधिकारियों ने सैंपल लैब परीक्षण के लिए भेज दिए हैं और रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

Gwalior Gird, Gwalior | Jun 28, 2026

ट्रैक्टर हस्तांतरण में फर्जीवाड़े का आरोप: पीड़िता ने RTO अधिकारियों और पूर्व ड्राइवर पर लगाए गंभीर आरोप

मुरैना। लता भदोरिया, पत्नी अनिल तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2020 में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे उनका ड्राइवर चलाता था। उनका कहना है कि ड्राइवर ने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करते हुए उनकी जगह किसी अन्य महिला को प्रस्तुत कर ट्रैक्टर का स्वामित्व अपने नाम पर स्थानांतरित करा लिया।

लता भदोरिया के अनुसार, वह स्वयं ट्रैक्टर हस्तांतरण की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई थीं, बल्कि उनकी जगह किसी दूसरी महिला को खड़ा कर दिया गया था। उनका दावा है कि उपलब्ध फोटो और दस्तावेजों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

पीड़िता का कहना है कि मामले की जांच के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने अपनी त्रुटि स्वीकार की और ट्रैक्टर को पुनः उसके वास्तविक मालिक लता भदोरिया के नाम दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि विभाग द्वारा लिखित रूप में गलती स्वीकार की गई है।

हालांकि, लता भदोरिया का आरोप है कि कथित फर्जीवाड़ा करने वाले उनके पूर्व ड्राइवर के खिलाफ न तो कोई शिकायत दर्ज की गई और न ही कोई एफआईआर कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब विभाग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

लता भदोरिया ने RTO अधिकारी अर्चना परिहार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी लापरवाही के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी और कथित तौर पर ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं होने दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत या प्रकरण दर्ज कराया गया है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। मामले में RTO अधिकारी अर्चना परिहार का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके बयान और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रैक्टर हस्तांतरण में फर्जीवाड़े का आरोप: पीड़िता ने RTO अधिकारियों और पूर्व ड्राइवर पर लगाए गंभीर आरोप मुरैना। लता भदोरिया, पत्नी अनिल तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2020 में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे उनका ड्राइवर चलाता था। उनका कहना है कि ड्राइवर ने कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करते हुए उनकी जगह किसी अन्य महिला को प्रस्तुत कर ट्रैक्टर का स्वामित्व अपने नाम पर स्थानांतरित करा लिया। लता भदोरिया के अनुसार, वह स्वयं ट्रैक्टर हस्तांतरण की प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई थीं, बल्कि उनकी जगह किसी दूसरी महिला को खड़ा कर दिया गया था। उनका दावा है कि उपलब्ध फोटो और दस्तावेजों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पीड़िता का कहना है कि मामले की जांच के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने अपनी त्रुटि स्वीकार की और ट्रैक्टर को पुनः उसके वास्तविक मालिक लता भदोरिया के नाम दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि विभाग द्वारा लिखित रूप में गलती स्वीकार की गई है। हालांकि, लता भदोरिया का आरोप है कि कथित फर्जीवाड़ा करने वाले उनके पूर्व ड्राइवर के खिलाफ न तो कोई शिकायत दर्ज की गई और न ही कोई एफआईआर कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब विभाग ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। लता भदोरिया ने RTO अधिकारी अर्चना परिहार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी लापरवाही के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी और कथित तौर पर ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं होने दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत या प्रकरण दर्ज कराया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। मामले में RTO अधिकारी अर्चना परिहार का पक्ष सामने आना बाकी है। उनके बयान और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Gwalior Gird, Gwalior | Jun 27, 2026

पुलिस और माइनिंग विभाग की मिलीभगत से दौड़ रहे हैं ओवरलोड वाहन... ??? - Gwalior Gird News