लाइट, कैमरा और ड्रामा! 🎬
नमस्कार जसवंत जी!
आपने कहा कि बिजली के लिए 4-5 पोल चाहिए, ताकि लाइट आ सके। इस पर नेताजी ने भी फटाक से जवाब दिया—आप नंबर भेजिए, पोल लग जाएंगे!
लेकिन नेताजी, बायतु में बैठे हर उस व्यक्ति को बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया का पता है, जो इस प्रक्रिया से गुजरा है।
पहले कनेक्शन के लिए फाइल भरी जाती है, फिर डिमांड जारी होता है। डिमांड राशि जमा होने के बाद खाता नंबर जारी होता है, उसके बाद मीटर मिलता है और फिर KN नंबर जारी होता है।
अब सवाल यह है कि जब बिजली के पोल ही नहीं हैं, तो KN नंबर कहाँ से आएगा?
जनता को सिर्फ जवाब देकर खुश करना और धरातल पर काम करवाना, दोनों में बहुत फर्क होता है।
एक तरफ आप कहते हैं कि हमने बायतु को बनाया, और दूसरी तरफ ऐसी स्क्रिप्ट पेश की जाती है, जिसमें जमीनी हकीकत से ज्यादा हवाबाजी नजर आती है।
नेताजी, बायतु की जनता को कैमरे के सामने दिए गए जवाब नहीं, धरातल पर विकास चाहिए।
क्योंकि लाइट, कैमरा और ड्रामा से सुर्खियाँ तो बटोर सकते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते Jaswantchoudhary
Barmer, Barmer | Oct 19, 2026