गरोठ में खेत से चल रहा था मौत का कारोबार!
एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 173 ग्राम एमडी, 24.57 किलो केमिकल, दो कारें जब्त; 2 गिरफ्तार, 4 तस्कर फरार
गरोठ/मंदसौर | यशस्वी दुनिया विशेष
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने खेत में बने एक बाड़े पर दबिश देकर 173 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, एमडी ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 24.57 किलोग्राम से अधिक रसायन, दो लग्जरी कारें और चार एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के चार अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी" विशेष अभियान 2.0 के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम सनेही मिश्रा, एसडीओपी विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पावटी गांव स्थित रणजीत सिंह के खेत पर बने बाड़े में अवैध मादक पदार्थ और उसे बनाने में उपयोग होने वाले रसायनों का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी। तलाशी के दौरान 173 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ हाईड्रोक्लोरिक एसडी, एमएमए और एमडीसी केमिकल की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने मौके से एक वेन्यू कार और एक स्विफ्ट कार भी जब्त की, जिनका उपयोग मादक पदार्थों और रसायनों के परिवहन में किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रणजीत सिंह सोंधिया (30) निवासी पावटी और ईश्वर सिंह सोंधिया (37) निवासी ढाकनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने दीपक गुर्जर निवासी गोघटपुर (जिला राजगढ़), विक्रम उर्फ गुड्डूसिंह निवासी बरखेड़ी मिठ्ठू, राजेन्द्र सिंह निवासी बर्डिया अमरा और राजू लाला निवासी सुरजनी को फरार आरोपी बनाया है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1.73 लाख रुपये कीमत की 173 ग्राम एमडी ड्रग्स, लगभग 24 हजार रुपये कीमत के 24.57 किलोग्राम रसायन, करीब 16 लाख रुपये कीमत की दो कारें तथा 1.50 लाख रुपये कीमत के चार एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद रसायनों का उपयोग एमडी ड्रग्स के निर्माण में किया जाता है। इससे आशंका जताई जा रही है कि गिरोह केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि ड्रग्स निर्माण की गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
पुलिस की पैनी नजर से टूटा ड्रग्स सिंडिकेट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में चल रहे "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान के तहत लगातार खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है। गरोठ में हुई यह कार्रवाई इसी रणनीति का परिणाम है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि एमडी ड्रग्स और केमिकल कहां से लाए जाते थे, किन जिलों और राज्यों तक इसकी सप्लाई की जाती थी तथा इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जब्त सामग्री
173 ग्राम एमडी ड्रग्स, कीमत लगभग 1.73 लाख रुपये
हाईड्रोक्लोरिक एसडी – 12.750 किलोग्राम
एमएमए केमिकल – 6.460 किलोग्राम
एमडीसी केमिकल – 5.360 किलोग्राम
एक हुंडई वेन्यू कार (MP14-ZE-2197)
एक मारुति स्विफ्ट कार (MP14-CC-4035)
चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन
गिरफ्तार आरोपी
रणजीत सिंह सोंधिया (30), निवासी पावटी, थाना गरोठ
ईश्वर सिंह सोंधिया (37), निवासी ढाकनी, थाना गरोठ
फरार आरोपी
दीपक गुर्जर, निवासी गोघटपुर, जिला राजगढ़
विक्रम उर्फ गुड्डूसिंह, निवासी बरखेड़ी मिठ्ठू
राजेन्द्र सिंह, निवासी बर्डिया अमरा
राजू लाला, निवासी सुरजनी, थाना सीतामऊ
यशस्वी दुनिया की पड़ताल
मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से एमडी ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गरोठ पुलिस की इस कार्रवाई ने संकेत दिया है कि तस्कर अब ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में बने बाड़ों का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकानों के रूप में कर रहे हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि पुलिस ने केवल तैयार एमडी ड्रग्स ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण में उपयोग होने वाले रसायन भी बरामद किए हैं। इससे यह संभावना मजबूत होती है कि क्षेत्र में ड्रग्स निर्माण या प्रोसेसिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि यहां एमडी ड्रग्स तैयार करने या उसकी प्रोसेसिंग का काम हो रहा था, तो यह मामला केवल तस्करी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़े अंतरजिला अथवा अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा भी हो सकता है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की आर्थिक एवं आपराधिक कड़ियों का खुलासा करना होगी। नशे के खिलाफ जारी अभियान के बीच गरोठ पुलिस की यह कार्रवाई जिले में ड्रग्स माफिया पर बड़ी चोट मानी जा रही है।