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रीवा में रेत कारोबार पर उठे सवाल रेत में धोखाधड़ी का आरोप, जांच की मांग अवैध भंडारण को लेकर एसोसिएशन का हमला रेत कारोबार में गड़बड़ी का बड़ा आरोप कम माल, पूरी कीमत वसूली का दावा#Rewa #रीवा #SandMining #रेत_कारोबार #Mining #MPNews #BreakingNews #IllegalMining #MadhyaPradesh #RewaNews #MiningNews #ConsumerRights #LatestNews

Madhya Pradesh, India | Jul 14, 2026

MORE NEWS

बालिका सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पर कार्यशाला आयोजित, पीसीपीएनडीटी एक्ट की दी गई जानकारी 

                    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सीहोर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के अंतर्गत बालिका सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना था।

      कार्यशाला में महिलाओं बालिकाओं को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून लिंग चयन एवं भ्रूण के लिंग परीक्षण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाता है। अधिनियम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना तथा समाज में बेटियों के प्रति समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। कानून के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति एवं संस्थान के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

      इस अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं को बालिका सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों, महिला अधिकारों तथा सुरक्षा संबंधी कानूनों की भी जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा अथवा उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं शिकायत तंत्र के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री बी.एल. मालवीय, परामर्शदाता श्री सुरेश पांचाल, सुपरवाइजर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

बालिका सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पर कार्यशाला आयोजित, पीसीपीएनडीटी एक्ट की दी गई जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सीहोर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के अंतर्गत बालिका सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में महिलाओं बालिकाओं को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून लिंग चयन एवं भ्रूण के लिंग परीक्षण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाता है। अधिनियम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना तथा समाज में बेटियों के प्रति समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। कानून के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति एवं संस्थान के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं को बालिका सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों, महिला अधिकारों तथा सुरक्षा संबंधी कानूनों की भी जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा अथवा उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं शिकायत तंत्र के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री बी.एल. मालवीय, परामर्शदाता श्री सुरेश पांचाल, सुपरवाइजर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 17, 2026

निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित

                          सीहोर के शासकीय महिला आईटीआई में आयोजित रोजगार मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। शिविर में युवाओं की बीपी, बीएमआई सहित अन्य जांचें की गई। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कर तनाव, अवसाद एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान की गई। इस दौरान भारत सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर निशुल्क विशेषज्ञ परामर्श के बारे में भी बताया गया। युवाओं की आभा आइडी भी बनाई गई। शिविर में सायकाइट्रिस्ट डॉ. प्राजक्ता कुलकर्णी, किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता श्री ममतेश राठौर, नर्सिंग ऑफिसर श्री दीपक ठाकुर सहित कर्मचारी उपस्थित थे।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित सीहोर के शासकीय महिला आईटीआई में आयोजित रोजगार मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर लगाया गया। शिविर में युवाओं की बीपी, बीएमआई सहित अन्य जांचें की गई। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कर तनाव, अवसाद एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान की गई। इस दौरान भारत सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर निशुल्क विशेषज्ञ परामर्श के बारे में भी बताया गया। युवाओं की आभा आइडी भी बनाई गई। शिविर में सायकाइट्रिस्ट डॉ. प्राजक्ता कुलकर्णी, किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता श्री ममतेश राठौर, नर्सिंग ऑफिसर श्री दीपक ठाकुर सहित कर्मचारी उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 17, 2026

• आरएके कॉलेज में रोपे गए 01 हजार से अधिक पौधे

• 117 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया सभी पौधों के संरक्षण का संकल्प

      आरएके कॉलेज में "ग्रीन ग्रेजुएशन डिग्री कार्यक्रम" तथा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

      कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के 117 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ग्राफ्टेड किस्मों—केसर, दशहरी एवं राजापुरी सहित अन्य प्रजातियों के लगभग 01 हजार पौधों का रोपण किया तथा प्रत्येक विद्यार्थी ने अपनी डिग्री के पूरे कार्यकाल में पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री मनोहर लाल वर्मा, अधिष्ठाता डॉ. एसपी दत्ता,  प्रगतिशील किसान डॉ. शिवप्रसाद ठाकुर, श्री दुलीचन्द्र वर्मा, डॉ. डी.आर सक्सेना, डॉ. आई.एस. नरूका, डॉ. डी. के. प्यासी सहित कॉलेज के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• आरएके कॉलेज में रोपे गए 01 हजार से अधिक पौधे • 117 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया सभी पौधों के संरक्षण का संकल्प आरएके कॉलेज में "ग्रीन ग्रेजुएशन डिग्री कार्यक्रम" तथा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के 117 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ग्राफ्टेड किस्मों—केसर, दशहरी एवं राजापुरी सहित अन्य प्रजातियों के लगभग 01 हजार पौधों का रोपण किया तथा प्रत्येक विद्यार्थी ने अपनी डिग्री के पूरे कार्यकाल में पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री मनोहर लाल वर्मा, अधिष्ठाता डॉ. एसपी दत्ता, प्रगतिशील किसान डॉ. शिवप्रसाद ठाकुर, श्री दुलीचन्द्र वर्मा, डॉ. डी.आर सक्सेना, डॉ. आई.एस. नरूका, डॉ. डी. के. प्यासी सहित कॉलेज के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

• भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा में हुए शामिल राजस्व मंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री 

• धर्म हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है - राजस्व मंत्री

• धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं - उच्च शिक्षा मंत्री

             राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा और उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सीहोर में परमार समाज द्वारा आयोजित भगवान जगदीश स्वामी की र‍थयात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर निकाली गई रथयात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

      रथ यात्रा कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की यह रथयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को भी प्रकट करती है। हम सभी ने सदैव सामाजिक समरसता, परिश्रम और धर्म के मार्ग को अपनाया है। यह एकता हमारे देश की प्रगति में एक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ियों को अपनी परंपरा से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार का यह प्रयास है कि समुदाय में एक-दूसरे के प्रति सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और भाईचारे की सकारात्मक भावना विकसित हो। ताकि सभी मिलकर अपने क्षेत्र, अपने जिले, अपने राज्य और अपने देश के विकास में सामूहिक रूप से योगदान दे सकें।

      उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति आपसी सहयोग, सद्भाव और सेवा भाव से ही संभव है। सभी नागरिकों को सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए प्रदेश और देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

      इस अवसर पर विधायक श्री सुदेश राय, पूर्व विधायक श्री रमेश सक्सेना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जसपाल अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, श्री पंकज गुप्ता, श्री गौरव सन्नी महाजन, श्री सुदीप प्रजापति, पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे, पंडित मोहितराम पाठक, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा में हुए शामिल राजस्व मंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री • धर्म हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है - राजस्व मंत्री • धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं - उच्च शिक्षा मंत्री राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा और उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सीहोर में परमार समाज द्वारा आयोजित भगवान जगदीश स्वामी की र‍थयात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर निकाली गई रथयात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। रथ यात्रा कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की यह रथयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को भी प्रकट करती है। हम सभी ने सदैव सामाजिक समरसता, परिश्रम और धर्म के मार्ग को अपनाया है। यह एकता हमारे देश की प्रगति में एक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि धर्म हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ियों को अपनी परंपरा से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार का यह प्रयास है कि समुदाय में एक-दूसरे के प्रति सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और भाईचारे की सकारात्मक भावना विकसित हो। ताकि सभी मिलकर अपने क्षेत्र, अपने जिले, अपने राज्य और अपने देश के विकास में सामूहिक रूप से योगदान दे सकें। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति आपसी सहयोग, सद्भाव और सेवा भाव से ही संभव है। सभी नागरिकों को सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए प्रदेश और देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस अवसर पर विधायक श्री सुदेश राय, पूर्व विधायक श्री रमेश सक्सेना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जसपाल अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, श्री पंकज गुप्ता, श्री गौरव सन्नी महाजन, श्री सुदीप प्रजापति, पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे, पंडित मोहितराम पाठक, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

• सफलता की कहानी

• शारदा स्व-सहायता समूह की  महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान

......

                 सीहोर जिले की इछावर तहसील के छोटे-से गांव पटारिया सीधा में कभी आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और रोजगार के अभाव से जूझने वाली इस गांव की महिलाओं ने आज अपनी मेहनत, एकजुटता और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। इस परिवर्तन के केंद्र में है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित शारदा स्व-सहायता समूह, जिसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई पहचान भी स्थापित की।

      शारदा स्व-सहायता समूह की शुरुआत उन महिलाओं ने की थी, जिनके सामने आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। एनआरएलएम के माध्यम से समूह का गठन हुआ, जहां महिलाओं ने नियमित बचत, बैंकिंग व्यवस्था और स्वरोजगार की बुनियादी जानकारी हासिल की। छोटी-छोटी बचत से शुरू हुई यह यात्रा धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता के मजबूत इरादे में बदल गई।

      समूह की प्रगति में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उसका जुड़ाव मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, धमांडा शाखा से हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक सखी श्रीमती अनीता बामनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली, खाता संचालन, ऋण प्रक्रिया और समय पर ऋण चुकाने के महत्व से परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में समूह को सबसे पहले 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की महिलाओं ने इस राशि का उपयोग बकरी पालन, किराना दुकान, सब्जी विक्रय जैसे छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू करने में किया। मेहनत और ईमानदारी के साथ व्यवसाय संचालित करते हुए उन्होंने समय पर पूरा ऋण चुकाया और बैंक का भरोसा जीत लिया।

      पहली सफलता ने महिलाओं का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया। उनकी कार्यशैली और वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक ने समूह को 3 लाख रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया। इस बार महिलाओं ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। किसी ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को अपनाया। उनकी निरंतर प्रगति और समय पर ऋण पुनर्भुगतान ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। परिणामस्वरूप समूह को क्रमशः 6 लाख रुपये और फिर 10 लाख रुपये तक का ऋण भी प्राप्त हुआ।

      इस पूरी यात्रा में बैंक सखी अनीता बामनिया केवल बैंक और समूह के बीच की कड़ी नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने एक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके सतत सहयोग से महिलाओं ने वित्तीय निर्णय लेना सीखा, बैंकिंग व्यवस्था को समझा और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

      आज शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हैं। उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और जीवन स्तर पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हुआ है। गांव में महिलाओं की पहचान अब केवल गृहिणी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे सफल उद्यमी, परिवार की आर्थिक आधारशिला और समाज में निर्णय लेने वाली सशक्त महिलाएं बन चुकी हैं।

      शारदा स्व-सहायता समूह से प्रेरणा लेकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सामूहिक प्रयास, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ जुड़ते हैं, तो बदलाव केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल देता है। शारदा स्व-सहायता समूह की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं।

#JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

• सफलता की कहानी • शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान ...... सीहोर जिले की इछावर तहसील के छोटे-से गांव पटारिया सीधा में कभी आर्थिक तंगी, सीमित संसाधनों और रोजगार के अभाव से जूझने वाली इस गांव की महिलाओं ने आज अपनी मेहनत, एकजुटता और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। इस परिवर्तन के केंद्र में है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित शारदा स्व-सहायता समूह, जिसने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई पहचान भी स्थापित की। शारदा स्व-सहायता समूह की शुरुआत उन महिलाओं ने की थी, जिनके सामने आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं था। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। एनआरएलएम के माध्यम से समूह का गठन हुआ, जहां महिलाओं ने नियमित बचत, बैंकिंग व्यवस्था और स्वरोजगार की बुनियादी जानकारी हासिल की। छोटी-छोटी बचत से शुरू हुई यह यात्रा धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता के मजबूत इरादे में बदल गई। समूह की प्रगति में निर्णायक मोड़ तब आया, जब उसका जुड़ाव मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक, धमांडा शाखा से हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक सखी श्रीमती अनीता बामनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली, खाता संचालन, ऋण प्रक्रिया और समय पर ऋण चुकाने के महत्व से परिचित कराया। उनके मार्गदर्शन में समूह को सबसे पहले 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की महिलाओं ने इस राशि का उपयोग बकरी पालन, किराना दुकान, सब्जी विक्रय जैसे छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू करने में किया। मेहनत और ईमानदारी के साथ व्यवसाय संचालित करते हुए उन्होंने समय पर पूरा ऋण चुकाया और बैंक का भरोसा जीत लिया। पहली सफलता ने महिलाओं का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया। उनकी कार्यशैली और वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक ने समूह को 3 लाख रुपये का दूसरा ऋण स्वीकृत किया। इस बार महिलाओं ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। किसी ने डेयरी व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को अपनाया। उनकी निरंतर प्रगति और समय पर ऋण पुनर्भुगतान ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। परिणामस्वरूप समूह को क्रमशः 6 लाख रुपये और फिर 10 लाख रुपये तक का ऋण भी प्राप्त हुआ। इस पूरी यात्रा में बैंक सखी अनीता बामनिया केवल बैंक और समूह के बीच की कड़ी नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने एक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाई। उनके सतत सहयोग से महिलाओं ने वित्तीय निर्णय लेना सीखा, बैंकिंग व्यवस्था को समझा और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हैं। उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है और जीवन स्तर पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर हुआ है। गांव में महिलाओं की पहचान अब केवल गृहिणी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे सफल उद्यमी, परिवार की आर्थिक आधारशिला और समाज में निर्णय लेने वाली सशक्त महिलाएं बन चुकी हैं। शारदा स्व-सहायता समूह से प्रेरणा लेकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब सामूहिक प्रयास, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ जुड़ते हैं, तो बदलाव केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल देता है। शारदा स्व-सहायता समूह की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। #JansamparkMP #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #sehore

Sehore, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026