बिहार केसरी श्रीबाबू की जयंती पर कांग्रेस का संकल्प, बोले- उनके आदर्शों से ही बनेगा विकसित बिहार
गया जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धापूर्वक मनाई गई डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती, माल्यार्पण कर स्वतंत्रता संग्राम और बिहार के नवनिर्माण में उनके योगदान को किया याद
गया। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर बुधवार को गया जिला कांग्रेस कार्यालय, राजेंद्र आश्रम में श्रद्धा और सम्मान का माहौल रहा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने श्रीबाबू के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर उनके संघर्षपूर्ण जीवन, ऐतिहासिक योगदान और जनसेवा के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि श्रीबाबू का व्यक्तित्व बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आजादी के बाद बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और जनकल्याण के प्रति समर्पण ने आधुनिक बिहार की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता आंदोलन से बिहार के नवनिर्माण तक निभाई ऐतिहासिक भूमिका
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग और जनसेवा की मिसाल थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। आजादी के बाद मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के विकास, शिक्षा के विस्तार, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक बदलाव को प्राथमिकता दी। उनके कार्यों ने बिहार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीबाबू की सोच सत्ता तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनका उद्देश्य समाज के व्यापक हितों की रक्षा करना और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सिद्धांतों, जवाबदेही और जनहित को महत्व दिया। यही कारण है कि उनका नाम आज भी बिहार के इतिहास में सम्मान के साथ लिया जाता है।
श्रीबाबू के आदर्श आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के विचारों और सिद्धांतों को याद करना और भी जरूरी है। सामाजिक न्याय, शिक्षा, औद्योगिक विकास और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से सीख लेकर समाज में एकता, भाईचारा और समान अवसरों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश कुमार के नेतृत्व में उपस्थित कांग्रेसजनों ने संकल्प लिया कि श्रीबाबू के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही कांग्रेस की विचारधारा और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
कांग्रेसजनों ने कहा कि किसी महापुरुष की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य केवल उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने व्यवहार और कार्यों में उतारना है। श्रीबाबू के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राज्य के विकास में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेसजन
इस अवसर पर रणजीत कश्यप, विजय कुमार मिठू, युगल किशोर सिंह, मदीना खातून, विद्या शर्मा, प्रदीप शर्मा, डॉ. कुमारी गीता पासवान, अशोक प्रसाद भारती, नवाब अली, राजीव कुमार सिंह लबी, दामोदर गोस्वामी, कुमार ओंकार शक्ति, सम्मी अख्तर, नवल किशोर शर्मा, चंदन महतो एवं अर्जुन गुप्ता सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेसजनों ने बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने, जनसेवा को प्राथमिकता देने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।
Gaya Town CD Block, Gaya | Oct 21, 2026