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गौसेवा से घर में होती है सुख-शांति : एसडीएम से लेकर आम नागरिक तक करा रहे निरंतर गौ-भंडारा ▪️पूर्वजों की याद से जन्मदिन तक पर हो रहा आयोजन; दर्जनों सेवादार बने प्रेरणा खरसिया। अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर खरसिया में गौसेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां लगातार गौ भंडारा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एसडीएम से लेकर व्यापारी, शिक्षक और आम नागरिक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में की गई गौसेवा अति उत्तम फलदायक होती है और इससे घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि व उन्नति बनी रहती है। पूर्वजों की याद से जन्मदिन तक, हर मौके पर गौसेवा करने लोगों का उत्साह निरंतर बढ़ता जा रहा है। 1. एसडीएम प्रवीण तिवारी - अपनी माँ की याद में गौ भंडारा करवाया। 2. गौसेवक राकेश केशवानी ने अपने प्रत्येक जन्मदिन पर गौसेवा का संकल्प लिया। 3. बलबीर सरदार ने अपनी माँ की जयंती पर गौ माता को भोग लगाया। 4. राजेश केशरवानी ने जन्मदिन के अवसर पर गौ भंडारा करवाया। 5. शिव कुमार जायसवाल, कलकत्ता ने भी अपने पूर्वजों की याद में गौ भंडारा करवाया। 6. शंकर लाल मित्तल, दिल्ली ने भी पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गौ भंडारा करवाया 7. अनुराग अग्रवाल ने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए गौसेवा की। 8. एक शुभचिंतक के द्वारा ओ.पी. चौधरी जी के जन्मदिन पर गौ भंडारा करवाया। 9. बंटी सोनी भी अपने जन्मदिन पर गौ भंडारा करवाते हैं। 10. पंडित ईश्वरचंद्र शर्मा ने भी जन्मदिन के उपलक्ष्य में गौसेवा की। 11. बलराम राठौर गुरुजी ने अपने बच्चे के जन्मदिन पर गौ माता का पूजन और सेवा की। ▪️क्यों खास है पुरुषोत्तम मास में गौसेवा? शास्त्रों में कहा गया है कि अधिक मास भगवान विष्णु को अति प्रिय है, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस मास में किया गया दान-पुण्य और गौसेवा अक्षय फल देता है। गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। यही कारण है कि हर कोई गौ माता की सेवा कर दुआ और आशीर्वाद प्राप्त कर रहा है। ▪️दे रहे समाज को प्रेरणा आयोजकों का कहना है, कि गौसेवा सिर्फ धार्मिक कार्य नहीं, पर्यावरण और संस्कृति की रक्षा भी है। एक रोटी गाय को खिलाने से हजारों दोष दूर होते हैं। इस पहल से प्रेरित होकर और भी लोग आगे आ रहे हैं। ▪️पुरुषोत्तम मास में गौसेवा का है विशेष महत्व धार्मिक मान्यता: इस मास में गौसेवा से पितृ दोष शांत होते हैं और पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। फल: घर में सुख-शांति, समृद्धि, उन्नति और खुशहाली आती है। कैसे करें: हरा चारा, गुड़, आटा, सब्जी या गौ भंडारे में सहयोग देकर आप भी अक्षय पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। संदेश: जन्मदिन, पुण्यतिथि जैसे खास दिन गौसेवा से मनाएं। ▪️गौसेवा के लिए संपर्क करें_ राकेश केशवानी : 9826136053

Kharsia, Raigarh | Jun 8, 2026
गौसेवा से घर में होती है सुख-शांति : एसडीएम से लेकर आम नागरिक तक करा रहे निरंतर गौ-भंडारा ▪️पूर्वजों की याद से जन्मदिन तक पर हो रहा आयोजन; दर्जनों सेवादार बने प्रेरणा खरसिया। अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर खरसिया में गौसेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यहां लगातार गौ भंडारा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एसडीएम से लेकर व्यापारी, शिक्षक और आम नागरिक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में की गई गौसेवा अति उत्तम फलदायक होती है और इससे घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि व उन्नति बनी रहती है। पूर्वजों की याद से जन्मदिन तक, हर मौके पर गौसेवा करने लोगों का उत्साह निरंतर बढ़ता जा रहा है। 1. एसडीएम प्रवीण तिवारी - अपनी माँ की याद में गौ भंडारा करवाया। 2. गौसेवक राकेश केशवानी ने अपने प्रत्येक जन्मदिन पर गौसेवा का संकल्प लिया। 3. बलबीर सरदार ने अपनी माँ की जयंती पर गौ माता को भोग लगाया। 4. राजेश केशरवानी ने जन्मदिन के अवसर पर गौ भंडारा करवाया। 5. शिव कुमार जायसवाल, कलकत्ता ने भी अपने पूर्वजों की याद में गौ भंडारा करवाया। 6. शंकर लाल मित्तल, दिल्ली ने भी पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गौ भंडारा करवाया 7. अनुराग अग्रवाल ने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए गौसेवा की। 8. एक शुभचिंतक के द्वारा ओ.पी. चौधरी जी के जन्मदिन पर गौ भंडारा करवाया। 9. बंटी सोनी भी अपने जन्मदिन पर गौ भंडारा करवाते हैं। 10. पंडित ईश्वरचंद्र शर्मा ने भी जन्मदिन के उपलक्ष्य में गौसेवा की। 11. बलराम राठौर गुरुजी ने अपने बच्चे के जन्मदिन पर गौ माता का पूजन और सेवा की। ▪️क्यों खास है पुरुषोत्तम मास में गौसेवा? शास्त्रों में कहा गया है कि अधिक मास भगवान विष्णु को अति प्रिय है, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस मास में किया गया दान-पुण्य और गौसेवा अक्षय फल देता है। गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। यही कारण है कि हर कोई गौ माता की सेवा कर दुआ और आशीर्वाद प्राप्त कर रहा है। ▪️दे रहे समाज को प्रेरणा आयोजकों का कहना है, कि गौसेवा सिर्फ धार्मिक कार्य नहीं, पर्यावरण और संस्कृति की रक्षा भी है। एक रोटी गाय को खिलाने से हजारों दोष दूर होते हैं। इस पहल से प्रेरित होकर और भी लोग आगे आ रहे हैं। ▪️पुरुषोत्तम मास में गौसेवा का है विशेष महत्व धार्मिक मान्यता: इस मास में गौसेवा से पितृ दोष शांत होते हैं और पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। फल: घर में सुख-शांति, समृद्धि, उन्नति और खुशहाली आती है। कैसे करें: हरा चारा, गुड़, आटा, सब्जी या गौ भंडारे में सहयोग देकर आप भी अक्षय पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। संदेश: जन्मदिन, पुण्यतिथि जैसे खास दिन गौसेवा से मनाएं। ▪️गौसेवा के लिए संपर्क करें_ राकेश केशवानी : 9826136053 - Kharsia News