देऊ जमलू ऋषि (जमदग्नि ऋषि) के प्रांगण में खेला जाने वाला पाँसा खेल वहाँ की बेहद प्राचीन, पवित्र और अनूठी न्याय एवं सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह पाँसा खेल कौन-सा खेल है और इसकी पूरी परंपरा क्या है?
क्या कोई जानकार व्यक्ति इसके बारे में विस्तार से बता सकता है?
जय हो देऊ जमलू ऋषि की।