*गया जंक्शन पर पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर तैयारियों का डीएम एवं एसएसपी ने लिया जायजा*
*तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं रेल प्रशासन ने की विस्तृत समीक्षा*
*स्टेशन के सभी प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, बाहरी परिसर सहित यात्री सुविधाओं का किया निरीक्षण*
गया, 18 सितंबर 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर गया में देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम आवागमन को लेकर जिला प्रशासन एवं रेल प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक गया श्री सुशील कुमार ने रेलवे प्रशासन, जिले के वरीय पदाधिकारियों तथा पंडा-पुरोहितों के साथ गया जंक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने गया जंक्शन के बाहरी परिसर, स्टेशन के सभी प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज (एफओबी), रिटायरिंग रूम, यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर पितृपक्ष मेला के दौरान प्रस्तावित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने विशेष रूप से तीर्थयात्रियों की संभावित अत्यधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, भीड़ के आवागमन की दिशा, सुरक्षा व्यवस्था तथा यात्री सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर एवं प्लेटफार्मों पर उपलब्ध पेयजल, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, शौचालय एवं टॉयलेट की सुविधा, प्रकाश व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, विभिन्न प्रकार की सूचना एवं दिशा-सूचक साइनेज, यात्री सहायता व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि मेला अवधि में स्टेशन पर आने वाले किसी भी यात्री को आवश्यक जानकारी एवं मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े।
इस अवसर पर आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त श्री संजय कुमार सिंह, डीडीयू रेल मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक सहित रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा पर विशेष जोर*
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान गया जंक्शन पर सामान्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन की प्रभावी एवं समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भीड़ के दबाव वाले संभावित स्थानों को चिह्नित करते हुए वहां पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी एवं संबंधित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने स्टेशन के अंदर यात्रियों के प्रवेश एवं निकास मार्ग को सुव्यवस्थित रखने, फुट ओवरब्रिज पर अनावश्यक भीड़ नहीं होने देने तथा यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही आवश्यकता के अनुरूप बैरिकेडिंग, साइनेज एवं दिशा-सूचक बोर्ड लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा मेला अवधि में लगातार निगरानी एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसके लिए रेलवे पुलिस, आरपीएफ एवं जिला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
*स्टेशन के बाहरी परिसर में ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा*
निरीक्षण के दौरान गया जंक्शन के बाहरी परिसर में वाहनों के आवागमन, यात्रियों के उतरने-बैठने, ऑटो एवं अन्य यात्री वाहनों के संचालन तथा पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में स्टेशन के बाहर यातायात व्यवस्था सुचारू रहे तथा अनावश्यक रूप से वाहनों के रुकने एवं जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, नगर निगम एवं रेलवे प्रशासन आपसी समन्वय से लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्टेशन के बाहरी क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाने, अवैध पार्किंग एवं अनावश्यक वाहन ठहराव पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर बल*
जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर में उपलब्ध यात्री सुविधाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला के दौरान यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को पर्याप्त एवं कार्यशील रखा जाए।
पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा सूचना एवं दिशा-सूचक साइनेज लगातार दुरुस्त रखने को कहा गया। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को ट्रेन के आगमन-प्रस्थान, प्लेटफार्म, सुरक्षा एवं आवश्यक अन्य सूचनाएं स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
साथ ही देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों से आने वाले तीर्थयात्रियों को भाषा एवं स्थान संबंधी जानकारी में सुविधा हो, इसके लिए स्पष्ट एवं पर्याप्त सूचना बोर्ड तथा दिशा-सूचक साइनेज लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
रेलवे एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय
निरीक्षण के उपरांत जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्री सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास व्यवस्था, स्टेशन परिसर की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सहित विभिन्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है। इस दौरान आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन एवं रेल प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए दोनों प्रशासनिक इकाइयों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए मेला अवधि तक तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान यात्री सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन एवं सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। स्टेशन परिसर से लेकर बाहरी क्षेत्र तक सभी व्यवस्थाओं को यात्रियों की संभावित भीड़ के अनुरूप व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। #bdbiharjharkhand