गोगुन्दा - मायरा की गुफा 🚩
महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के युद्ध से जुड़ी होने के कारण मायरा की गुफा राजस्थान के इतिहास में महत्व रखती है। हल्दीघाटी की लड़ाई में इस गुफा का योगदान बहुत अहम था। मुगल शासक अकबर से हुए संघर्ष के दौरान महाराणा को राजमहलों से दूर रहकर अपना युद्ध जारी रखने और सुरक्षित रहने के लिए अनेक गुप्त और सुरक्षित स्थान तलाशने पड़े थे। इन्हीं स्थानों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान “मायरा की गुफा” है।
यह गुफा उदयपुर जिले की अरावली की पहाड़ियों के जंगलों में स्थित है। मायरा की गुफा महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थली ग्राम गोगुन्दा से तकरीबन 7–8 किलोमीटर दूर दूलावतों का गुड़ा गांव के जंगल में है। यह उदयपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर है।
इस स्थल पर पहुँचने के लिए गोगुन्दा से हल्दीघाटी लोसिंग सड़क पर गणेश जी का गुड़ा गांव से पूर्व सामने एक पहाड़ी रोड ऊपर की तरफ जाती है, जिससे वहाँ पहुँचा जा सकता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच होने �