मालखरौदा में शिक्षकों की कमी पर छात्रों का फूटा गुस्सा: एसडीएम कार्यालय के सामने चक्काजाम, आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
सक्ती जिले के मालखरौदा में शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार को विद्यार्थियों, पालकों और क्षेत्रीय नागरिकों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। पूर्व निर्धारित आंदोलन के तहत छात्रों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के सामने बीरभांठा–मालखरौदा मार्ग पर चक्काजाम कर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी और चक्काजाम के कारण कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में एसडीएम के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और आवागमन सामान्य हो सका।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला इग्नाईट (अंग्रेजी माध्यम), शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खेल मैदान (हिंदी माध्यम) और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद (हिंदी माध्यम) उच्च माध्यमिक विद्यालय मालखरौदा में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। इसके कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस संबंध में 3 जून 2026 को कलेक्टर सक्ती, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बाद भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन आज तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता से नाराज होकर विद्यार्थियों, पालकों और क्षेत्रीय नागरिकों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
स्कूल खुलते ही शुरू हुए प्रदर्शन
एक जुलाई से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद जिले में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का विरोध शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि जिले के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। कहीं एकल शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित हो रहे हैं तो कहीं पर्याप्त शिक्षकों का अभाव है। इसी समस्या को लेकर मालखरौदा के विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।
‘शिक्षक नहीं, तो पढ़ाई कैसे होगी'
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं। इससे उनका पाठ्यक्रम लगातार पिछड़ रहा है। छात्रों का कहना था कि जब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय नागरिक रमेश विश्वकर्मा, तारकेश्वर जायसवाल, सूरज जांगड़े, गजराज धीवर और महेंद्र मानिकपुरी ने कहा कि सरकार एक ओर स्वामी आत्मानंद स्कूलों के माध्यम से बेहतर शिक्षा का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
एसडीएम मौके पर पहुंचे, छात्रों ने बताई समस्या
चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम रूपेंद्र पटेल प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। छात्राओं ने उन्हें घेरकर अपनी समस्या बताते हुए कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है और उनका सिलेबस लगातार पिछड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होगी, वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगी।
एसडीएम रूपेंद्र पटेल ने प्रदर्शनकारियों और अभिभावकों को समझाइश देते हुए जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षा अधिकारी चंद्रिका आर्मी ने बताया कि तीन शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है और जल्द ही स्थायी व्यवस्था के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो गया।
डीईओ ने भी दिया आश्वासन
जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिली है। संबंधित स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।