बिना जांच चालक को जेल भेजने पर रीवा में चालकों का आक्रोश, SP को सौंपा ज्ञापन गुढ़ सड़क हादसे में बनॉ दिया आरोपी
12 नवंबर से देशव्यापी ‘स्टीयरिंग छोड़ो आंदोलन’ की दी चेतावनी
जिले के गुढ़ मार्ग पर हुई वाहन दुर्घटना बस - कैप्सूल मामले में पुलिस द्वारा एक बल्कर चालक को बिना निष्पक्ष जांच के जेल भेजने के विरोध में सोमवार को ‘ड्राइवर वाहन चालक कल्याण संगठन’ के बैनर तले दर्जनों चालकों ने रीवा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और SP के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पुलिसिया कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए चालक को न्याय देने की मांग की है, साथ ही नए हिट एंड रन कानूनों के खिलाफ 12 नवंबर से पूरे देश में ‘स्टीयरिंग छोड़ो आंदोलन’ की चेतावनी दी है।
संगठन द्वारा सौंपे गए पत्र और प्रतिनिधियों के अनुसार, गत 2 सितंबर को लगभग 4:30 बजे गुढ़ बदवार रोड पर बल्कर ट्रक का चालक संजय यादव रीवा से सतना की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो को बचाने के प्रयास में बल्कर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में घायल चालक संजय यादव जैसे-तैसे वाहन से बाहर निकलकर सड़क किनारे पड़ा रहा।
इसी बीच रीवा से सीधी जा रही एक यात्री बस भी दुर्घटना स्थल के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। चालकों का आरोप है कि बस और बल्कर के बीच कोई सीधी भिड़ंत नहीं हुई थी। बस स्वयं अनियंत्रित होकर पलटी थी। इसके बावजूद, गुढ़ पुलिस ने बिना किसी मौके की जांच-पड़ताल और साक्ष्यों के, बल्कर चालक संजय यादव को ही पूरी घटना का दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया।
नए कानूनों को लेकर भारी आक्रोश
ज्ञापन सौंपने पहुंचे संगठन के रीवा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार यादव और सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि ड्राइवरों पर भारतीय न्याय संहिता BNs के तहत धारा 105 और 110 जैसे कड़े प्रावधान लागू किए जा रहे हैं, जिनमें लंबे कारावास की सजा का नियम है।
अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा
बिना किसी गलती के चालकों पर संगीन धाराएं लगाकर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। यदि यह कड़े कानून वापस नहीं लिए गए और ड्राइवरों पर हो रहा उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो 12 नवंबर से पूरे देश में सभी वाहन चालक अपनी गाड़ियों की चाबियां जमा कर ‘स्टीयरिंग छोड़ो आंदोलन’ शुरू करेंगे।
पूर्व में भी दिए जा चुके हैं ज्ञापन
चालकों का कहना है कि रीवा के अलावा सागर और सतना जिलों में भी ऐसे ही मामलों को लेकर पूर्व में ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। प्रशासन केवल आश्वासन देता है, परंतु धरातल पर चालकों का उत्पीड़न जारी रहता है।
Huzur Nagar, Rewa | Sep 22, 2026