धान की उन्नत किस्मों एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने पर जोर, निदेशक (बीज) ने किया धान अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण
‘राजेन्द्र सरस्वती’ धान की फसल की स्थिति का लिया जायजा, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं हरी खाद के उपयोग को बताया महत्वपूर्ण
~~~~~~~~~~~~~~
झंझारपुर
14 अक्टूबर, 2026
कृषि अनुसंधान को प्रभावी बनाने, उन्नत धान की किस्मों की उत्पादकता का आकलन करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक (बीज) डॉ. डी. के. रॉय ने अपनी टीम के साथ क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर स्थित धान अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान की फसल की वृद्धि, विकास एवं वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
निरीक्षण के क्रम में निदेशक (बीज) ने जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में रोपित सुगंधित धान की उन्नत किस्म ‘राजेन्द्र सरस्वती’ की फसल का अवलोकन किया। फसल की समग्र स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने फसल की बेहतर वृद्धि एवं संभावित उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के समुचित उपयोग तथा कृषि प्रबंधन के निर्धारित मानकों का पालन करने पर बल दिया।
मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए हरी खाद का उपयोग जरूरी
~~~~~~~~~~~~~~
डॉ. रॉय ने कहा कि दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की उर्वरता एवं स्वास्थ्य का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हरी खाद से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार करने तथा मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
कम अवधि में तैयार होने वाली सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी
निदेशक (बीज) ने ‘राजेन्द्र सरस्वती’ धान किस्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम अवधि में तैयार होने वाली यह सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उचित कृषि प्रबंधन, समयानुकूल देखभाल एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर इसकी उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने धान की उत्पादकता बढ़ाने, उपलब्ध कृषि संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, फार्म प्रभारी डॉ. एस. के. मंडल, तकनीकी अधिकारी धीरेंद्र कुमार एवं आशीष राय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
#samratChoudhary
#CMSamrat
#MadhubaniFirst
11 views | Madhubani, Bihar | Oct 14, 2026