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सीएम डॉ. मोहन ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध - भारत मंडपम में जुड़े देश-विदेश के उद्योगपति-निवेशक - प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने बताईं मध्यप्रदेश की खूबियां - प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चारों ओर बह रही विकास की बयार - सीएम डॉ. मोहन ने निवेशकों के साथ की वन-टू-वन और राउंड टेबल मीटिंग अनोखा तीर, भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 16 जुलाई को आयोजित "भारत टेक्स-2026" में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की अपार संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से निवेशकों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास की बयार बह रही है। मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने इस आयोजन में भाग लिया था। इस वर्ष इसकी आभा और निखर गई है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उद्योगपतियों के पास अनुभव की पूंजी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क, खेत से लेकर कारखाने और यहां से गारमेंट इंडस्ट्री और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केंद्र सरकार और वैश्विक ब्रांड्स के साथ चलने के लिए तैयार है। हमारे अधिकारियों निवेशकों को पॉलिसी जरूर बता दी, लेकिन यहां मौजूद उद्यमियों के पसीने में अनुभव की बहुत बड़ी पूंजी है। उद्योगपतियों के कथन राज्य सरकार को तेजी से और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। भारत में विविधता की खूबसूरती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते समय बिजली की नीलामी हुई थी। उसके आधार पर यह सत्य है कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है। हमारे देश में विविधता की खूबसूरती है। बनारसी साड़ी का आनंद उत्तर भारत वाले भी लेते हैं और दक्षिण भारत वाले भी लेते हैं। इसी तरह बिहार जाते हैं तो भागलपुरी वस्त्र की मांग होने लगती है। कांजीवरम साड़ी का जो महत्व दक्षिण भारत में है, वही महत्व पूरे भारत में है। हमने इकोनॉमी को जीवन के साथ जोड़ा है। निवेशकों का ख्याल रख रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। उन्होंने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है, जिससे उद्योग संचालन आसान हो गया है।

Harda, Harda | Jul 16, 2026

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शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं) के बारे में उपस्थित जनों को दी जानकारी

म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी के निर्देशन तथा न्यायाधीश व सचिव श्री चन्द्रशेखर राठौर के मार्गदर्शन में गुरूवार को शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
 
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने छात्र/ छात्राओं एवं ग्रामीणजनों को उनके कानूनी अधिकारों एवं नालसा/सालसा योजनाओं एवं शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया गया कि अपराध से पीड़ित व्यक्तियों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना संचालित है। पात्र पीड़ित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या भावनात्मक प्रताड़ना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आती है। पीड़ित महिलाएं पुलिस, संरक्षण अधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस अधिनियम के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उनके द्वारा अभिभावकों से अपील की गई कि वे प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करें तथा बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखें साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि कार्यक्रम में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों की तत्काल पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील की गई। 
 
इसी क्रम में उपस्थितजनों को बताया गया कि मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा म.प्र. में “स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं)” से संबंधित विवादों के निराकरण के लिये प्रदेश के सभी जिलों में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना की गई है। स्थायी लोक अदालतें जिला न्यायालय परिसर में कार्यरत हैं। स्थायी लोक अदालतें, लोक-उपयोगी सेवायें जैसे वायु, सड़क या जल मार्ग द्वारा यात्रियों या माल के वहन के लिए यातायात सेवा, या डाक, तार या टेलीफोन सेवा, या किसी स्थापन द्वारा जनता को विद्युत, प्रकाश या जल का प्रदाय, या सार्वजनिक मल वहन या स्वच्छता प्रणाली, या अस्पताल या औषधालय सेवा, या बीमा सेवा, से संबंधित विवादों का संज्ञान लेंगी। “सेवाओं” से तात्पर्य ऐसी किसी भी प्रकार की सेवा से है जो उसके संभावित प्रयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाती है। कोई भी व्यक्ति लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे विवाद जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये गये हैं उन विवादों का निराकरण जिला न्यायालय में स्थापित उपरोक्त स्थायी लोक अदालत के माध्यम से करा सकता है।
 
शिविर में बताया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा या अन्य विधिक सेवा संस्थान में उपस्थित होकर, पत्र के माध्यम से, नालसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर, 15100 पर कॉल कर, विधिक सहायता/सलाह आसानी से प्राप्त कर सकता है। शिविर में, विद्यालय के शिक्षकगण, ग्रामीणजन, छात्र/छात्राएं तथा पैरालीगल वॉलंटियर, अमजद खान आदि उपस्थित रहे।

Jansampark Madhya Pradesh Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh 
#Harda #DLSA #LegalAwareness #Nalsa #Salsa #WomenRights #ChildRights #MadhyaPradesh

शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं) के बारे में उपस्थित जनों को दी जानकारी म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी के निर्देशन तथा न्यायाधीश व सचिव श्री चन्द्रशेखर राठौर के मार्गदर्शन में गुरूवार को शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने छात्र/ छात्राओं एवं ग्रामीणजनों को उनके कानूनी अधिकारों एवं नालसा/सालसा योजनाओं एवं शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया गया कि अपराध से पीड़ित व्यक्तियों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना संचालित है। पात्र पीड़ित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या भावनात्मक प्रताड़ना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आती है। पीड़ित महिलाएं पुलिस, संरक्षण अधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस अधिनियम के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उनके द्वारा अभिभावकों से अपील की गई कि वे प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करें तथा बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखें साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि कार्यक्रम में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों की तत्काल पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील की गई। इसी क्रम में उपस्थितजनों को बताया गया कि मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा म.प्र. में “स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं)” से संबंधित विवादों के निराकरण के लिये प्रदेश के सभी जिलों में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना की गई है। स्थायी लोक अदालतें जिला न्यायालय परिसर में कार्यरत हैं। स्थायी लोक अदालतें, लोक-उपयोगी सेवायें जैसे वायु, सड़क या जल मार्ग द्वारा यात्रियों या माल के वहन के लिए यातायात सेवा, या डाक, तार या टेलीफोन सेवा, या किसी स्थापन द्वारा जनता को विद्युत, प्रकाश या जल का प्रदाय, या सार्वजनिक मल वहन या स्वच्छता प्रणाली, या अस्पताल या औषधालय सेवा, या बीमा सेवा, से संबंधित विवादों का संज्ञान लेंगी। “सेवाओं” से तात्पर्य ऐसी किसी भी प्रकार की सेवा से है जो उसके संभावित प्रयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाती है। कोई भी व्यक्ति लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे विवाद जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये गये हैं उन विवादों का निराकरण जिला न्यायालय में स्थापित उपरोक्त स्थायी लोक अदालत के माध्यम से करा सकता है। शिविर में बताया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा या अन्य विधिक सेवा संस्थान में उपस्थित होकर, पत्र के माध्यम से, नालसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर, 15100 पर कॉल कर, विधिक सहायता/सलाह आसानी से प्राप्त कर सकता है। शिविर में, विद्यालय के शिक्षकगण, ग्रामीणजन, छात्र/छात्राएं तथा पैरालीगल वॉलंटियर, अमजद खान आदि उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh #Harda #DLSA #LegalAwareness #Nalsa #Salsa #WomenRights #ChildRights #MadhyaPradesh

Harda, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

टिमरनी सोडलपुर 
हाइवे पर भयंकर एक्सीडेंट 
ड्राइवर शराब के नशे मे चला रहा था 
लाखो का ट्राला हुआ नष्ट

टिमरनी सोडलपुर हाइवे पर भयंकर एक्सीडेंट ड्राइवर शराब के नशे मे चला रहा था लाखो का ट्राला हुआ नष्ट

Harda, Harda | Jul 16, 2026

टिमरनी सोडलपुर 
हाइवे पर भयंकर एक्सीडेंट 
ड्राइवर शराब के नशे मे चला रहा था 
लाखो का ट्राला हुआ नष्ट

टिमरनी सोडलपुर हाइवे पर भयंकर एक्सीडेंट ड्राइवर शराब के नशे मे चला रहा था लाखो का ट्राला हुआ नष्ट

Harda, Harda | Jul 16, 2026

सीएम डॉ. मोहन ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध - भारत मंडपम में जुड़े देश-विदेश के उद्योगपति-निवेशक - प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने बताईं मध्यप्रदेश की खूबियां - प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चारों ओर बह रही विकास की बयार - सीएम डॉ. मोहन ने निवेशकों के साथ की वन-टू-वन और राउंड टेबल मीटिंग अनोखा तीर, भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 16 जुलाई को आयोजित "भारत टेक्स-2026" में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की अपार संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से निवेशकों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास की बयार बह रही है। मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने इस आयोजन में भाग लिया था। इस वर्ष इसकी आभा और निखर गई है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उद्योगपतियों के पास अनुभव की पूंजी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क, खेत से लेकर कारखाने और यहां से गारमेंट इंडस्ट्री और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केंद्र सरकार और वैश्विक ब्रांड्स के साथ चलने के लिए तैयार है। हमारे अधिकारियों निवेशकों को पॉलिसी जरूर बता दी, लेकिन यहां मौजूद उद्यमियों के पसीने में अनुभव की बहुत बड़ी पूंजी है। उद्योगपतियों के कथन राज्य सरकार को तेजी से और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। भारत में विविधता की खूबसूरती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते समय बिजली की नीलामी हुई थी। उसके आधार पर यह सत्य है कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है। हमारे देश में विविधता की खूबसूरती है। बनारसी साड़ी का आनंद उत्तर भारत वाले भी लेते हैं और दक्षिण भारत वाले भी लेते हैं। इसी तरह बिहार जाते हैं तो भागलपुरी वस्त्र की मांग होने लगती है। कांजीवरम साड़ी का जो महत्व दक्षिण भारत में है, वही महत्व पूरे भारत में है। हमने इकोनॉमी को जीवन के साथ जोड़ा है। निवेशकों का ख्याल रख रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। उन्होंने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है, जिससे उद्योग संचालन आसान हो गया है। - Harda News