शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं) के बारे में उपस्थित जनों को दी जानकारी
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी के निर्देशन तथा न्यायाधीश व सचिव श्री चन्द्रशेखर राठौर के मार्गदर्शन में गुरूवार को शासकीय प्राथमिक शाला उमरधा एवं पाडरमाटी में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने छात्र/ छात्राओं एवं ग्रामीणजनों को उनके कानूनी अधिकारों एवं नालसा/सालसा योजनाओं एवं शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया गया कि अपराध से पीड़ित व्यक्तियों अथवा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना संचालित है। पात्र पीड़ित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या भावनात्मक प्रताड़ना घरेलू हिंसा की श्रेणी में आती है। पीड़ित महिलाएं पुलिस, संरक्षण अधिकारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस अधिनियम के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उनके द्वारा अभिभावकों से अपील की गई कि वे प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करें तथा बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखें साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि कार्यक्रम में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी गई। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों की तत्काल पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने की अपील की गई।
इसी क्रम में उपस्थितजनों को बताया गया कि मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा म.प्र. में “स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगी सेवाओं)” से संबंधित विवादों के निराकरण के लिये प्रदेश के सभी जिलों में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना की गई है। स्थायी लोक अदालतें जिला न्यायालय परिसर में कार्यरत हैं। स्थायी लोक अदालतें, लोक-उपयोगी सेवायें जैसे वायु, सड़क या जल मार्ग द्वारा यात्रियों या माल के वहन के लिए यातायात सेवा, या डाक, तार या टेलीफोन सेवा, या किसी स्थापन द्वारा जनता को विद्युत, प्रकाश या जल का प्रदाय, या सार्वजनिक मल वहन या स्वच्छता प्रणाली, या अस्पताल या औषधालय सेवा, या बीमा सेवा, से संबंधित विवादों का संज्ञान लेंगी। “सेवाओं” से तात्पर्य ऐसी किसी भी प्रकार की सेवा से है जो उसके संभावित प्रयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाती है। कोई भी व्यक्ति लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे विवाद जो न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये गये हैं उन विवादों का निराकरण जिला न्यायालय में स्थापित उपरोक्त स्थायी लोक अदालत के माध्यम से करा सकता है।
शिविर में बताया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा या अन्य विधिक सेवा संस्थान में उपस्थित होकर, पत्र के माध्यम से, नालसा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर, 15100 पर कॉल कर, विधिक सहायता/सलाह आसानी से प्राप्त कर सकता है। शिविर में, विद्यालय के शिक्षकगण, ग्रामीणजन, छात्र/छात्राएं तथा पैरालीगल वॉलंटियर, अमजद खान आदि उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh Department of Law & Legislative Affairs, Madhya Pradesh
#Harda #DLSA #LegalAwareness #Nalsa #Salsa #WomenRights #ChildRights #MadhyaPradesh