गया में दरोगा पुत्र हत्याकांड का मुख्य दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में घायल।
बिहार के गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में दरोगा के दो बेटों को गोली मारने और एक की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों श्याम बिहारी और गौरव को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। दोनों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दुर्गा पूजा के दौरान 19 अक्टूबर को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना में एक पुलिस पदाधिकारी के दोनों पुत्रों को गोली मारी गई थी। इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए गया पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था।
आधी रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़
मामले की जानकारी देते हुए मगध आईजी विकास वैभव ने बताया कि सीनियर एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। वहीं, बीती रात अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें दो आरोपी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो पिस्टल और दो कट्टा बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम बिहारी और गौरव के रूप में हुई है। इनमें से एक का आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्टल और दो कट्टा बरामद किए हैं। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है।
बहस के बाद गोलीबारी की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद और बहस के बाद गोलीबारी की घटना हुई थी। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और सभी आरोपियों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी में सात लोगों की संलिप्तता का जिक्र है। जांच के दौरान कुछ अन्य अज्ञात लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
फोरेंसिक जांच से जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और बरामद हथियारों की जांच के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी साजिश, गोलीबारी में शामिल अन्य लोगों और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
Rafiganj, Aurangabad | Oct 23, 2026