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पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने वर्षा ऋतु से पहले तालु-मुंढाल लिंक ड्रेन की सफाई करवाने की उठाई मांग भिवानी, 22 जून : वर्षा ऋतु के आगमन से ठीक पहले भिवानी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर चिंताएं बढऩे लगी हैं। इसी कड़ी में तालु-मुंढाल लिंक ड्रेन की बदहाली और सफाई न होने के कारण दर्जनों गांवों पर मंडरा रहे बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने सोमवार को भिवानी के उपायुक्त को समाधान शिविर में मांग पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और युद्ध स्तर पर ड्रेन की सफाई करवाने की पुरजोर अपील की है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने ड्रेन के निरीक्षण और तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए उपायुक्त के समक्ष तीन प्रमुख कारण रखे हैं, जो वर्षा के दिनों में तालु गांव के खेतों और आबादी में जलभराव (बाढ़) का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि मुंढाल से शुरू होकर तालु के खेतों और सुन्दर ब्रांच नहर के नीचे से गुजरते हुए कुंगड़ और बडसी गांव की तरफ जाने वाली इस लिंक ड्रेन का लगभग एक किलोमीटर का हिस्सा आज भी पूरी तरह कच्चा है। इस हिस्से की आज तक सही ढंग से सफाई नहीं हुई है, केवल खानापूर्ति की गई है। वर्तमान में इस ड्रेन में 5 फीट से लेकर 10 फीट ऊंचे झाड़, बोझड़े, झूंड और सरकंडे खड़े हैं, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह बाधित है। मान ने कहा कि तकनीकी रूप से ड्रेन का लेवल मुंढाल से तालु और कुंगड़ की तरफ 6 फीट नीचे होना चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। कुंगड़ की तरफ का लेवल 6 फीट ऊंचा है। इस गलत ढलान के कारण पानी आगे बहने के बजाय वापस बैक मारता है, जिससे तालु के खेतों और गांव की आबादी देह में भारी जलभराव हो जाता है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि ड्रेन का लगभग 300 फीट का हिस्सा सुन्दर ब्रांच नहर के बैड के नीचे से होकर गुजरता है। इस हिस्से की अच्छी तरह से सफाई न होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो जाता है और बैक मारकर तालु गांव के खेतों से होता हुआ ग्रामीणों के घरों में घुस जाता है। मान ने कहा कि जितना पैसा इस ड्रेन की सही समय पर स्थाई सफाई में नहीं लगता, प्रशासन और सरकार की ढिलाई के कारण उससे कई गुना ज्यादा पैसा बाद में गांवों से पानी निकालने, जनरेटर और पंप सेट लगाने में बर्बाद हो जाता है। इसके अलावा, जलभराव के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं, जिसके बाद सरकार को करोड़ों रुपये का बीमा और मुआवजा देना पड़ता है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का दुरुपयोग है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को उठाते हुए आगे कहा कि गांवों और विशेषकर ग्रामीण स्कूलों में पानी भरने से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि क्षेत्र में महामारी और गंभीर बीमारियां फैलने का डर भी चौबीसों घंटे सताने लगता है। सरकार और प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैये के कारण आम जनता पर महंगाई और बर्बादी की दोहरी मार पड़ती है। उन्होंने मांग की है कि वर्षा का सीजन पूरी तरह शुरू होने से पहले, जहां-जहां भी इस ड्रेन की सफाई अटकी हुई है, वहां तुरंत प्रभाव से बड़ी जेसीबी मशीनें लगाकर सफाई कार्य पूरा किया जाए।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 22, 2026

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भिवानी में ग्रामीण व शहरी जिला प्रधान अनिरूद्ध चौधरी व प्रदीप गुलिया ने की पत्रकार वार्ता

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Bhiwani, Bhiwani | Jun 23, 2026

एसआईआर कार्य में लापरवाही बरतने पर होगी एफआईआर दर्ज: साहिल गुप्ता
- डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने एसआईआर कार्य की समीक्षा में दी सख्त चेतावनी
- डीआरडीए सभागार में आयोजित हुई समीक्षा बैठक
भिवानी, 22 जून। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने स्थानीय लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्य- 2026 की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुरूप मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। यह कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से समयबद्ध तरीके से किया जाना है। ऐसे में पुनरीक्षण कार्य में नियुक्त बीएलओ-सुपरवाईजर गंभीरता के साथ कार्य करें। कार्य में लापरवाही बरतने या निर्धारित समय काम पूरा नहीं करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा 32 के तहत चार्जशीट व एफआईआर की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ कहीं किसी के पास एक जगह ना बैठकर घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फार्म वितरित करें, यदि कोई घर पर नहीं मिलता है तो उसके बारे में आसपास पड़ोस में पूछताछ करें ताकि यह पता चल सके वह व्यक्ति शिफ्ट हो गया है या अपने रोजमर्रा के कार्य के लिए गया है। यदि दंपत्ति नौकरी करते हैं तो उनके घर पर सुबह-सुबह या शाम के समय पर फार्म देने का काम करें। ताला लगा मिलने वाले घरों पर तीन बार विजिट करें और उसका रजिस्टर में रिकार्ड बनाएं ताकि दावे-एवं आपत्ति सुनने के दौरान यदि कोई उनमें से मामला सामने आता है तो उसका पूरे तथ्यों के आधार पर निपटारा किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बीएलओ केवल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई हिदायतों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर यथास्थिति का पता करना है। बीएलओ द्वारा बनाया गया रिकार्ड ही भारत निर्वाचन आयोग के पास जाएगा। यदि वह रिकॉर्ड सही नहीं पाया जाता है, संबंधित बीएलओ पर कार्रवाई होना लाजमी है। ऐसे में बीएलओ गंभीरता के साथ काम करें।
  उन्होंने सुपरवाईजर को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ बीएलओ के साथ प्रतिदिन मीटिंग करें और पूरे दिन की प्रगति की समीक्षा करें। सुपरवाईजर स्वयं भी उन घरों में जाकर आएं, जिनको बीएलओ ने एबसेंट बताया है ताकि क्रॉस चेक हो सके। इसी प्रकार से सुपरवाईजर बीएलए के साथ बैठक करें और उनका सहयोग लेकर एसआईआर काम में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि बीएलओ कहीं एक जगह बैठने की बजाय घर-घर जाकर फार्म वितरित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट व एफआईआर की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गुप्ता ने समीक्षा बैठक में मौजूद बीएलओ और सुपरवाईजर से उनके द्वारा किए जा रहे कार्य व अनुभव की जानकारी ली। इस अवसर पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, एसडीएम भिवानी महेश कुमार, एसडीएम लोहारू मनोज दलाल व एसडीएम तोशाम संदीप कुमार सहित अनेक सुपरवाईजर व एईआरओ भी मौजूद रहे।

एसआईआर कार्य में लापरवाही बरतने पर होगी एफआईआर दर्ज: साहिल गुप्ता - डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने एसआईआर कार्य की समीक्षा में दी सख्त चेतावनी - डीआरडीए सभागार में आयोजित हुई समीक्षा बैठक भिवानी, 22 जून। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने स्थानीय लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्य- 2026 की समीक्षा करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुरूप मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। यह कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से समयबद्ध तरीके से किया जाना है। ऐसे में पुनरीक्षण कार्य में नियुक्त बीएलओ-सुपरवाईजर गंभीरता के साथ कार्य करें। कार्य में लापरवाही बरतने या निर्धारित समय काम पूरा नहीं करने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा 32 के तहत चार्जशीट व एफआईआर की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ कहीं किसी के पास एक जगह ना बैठकर घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फार्म वितरित करें, यदि कोई घर पर नहीं मिलता है तो उसके बारे में आसपास पड़ोस में पूछताछ करें ताकि यह पता चल सके वह व्यक्ति शिफ्ट हो गया है या अपने रोजमर्रा के कार्य के लिए गया है। यदि दंपत्ति नौकरी करते हैं तो उनके घर पर सुबह-सुबह या शाम के समय पर फार्म देने का काम करें। ताला लगा मिलने वाले घरों पर तीन बार विजिट करें और उसका रजिस्टर में रिकार्ड बनाएं ताकि दावे-एवं आपत्ति सुनने के दौरान यदि कोई उनमें से मामला सामने आता है तो उसका पूरे तथ्यों के आधार पर निपटारा किया जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बीएलओ केवल भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई हिदायतों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर यथास्थिति का पता करना है। बीएलओ द्वारा बनाया गया रिकार्ड ही भारत निर्वाचन आयोग के पास जाएगा। यदि वह रिकॉर्ड सही नहीं पाया जाता है, संबंधित बीएलओ पर कार्रवाई होना लाजमी है। ऐसे में बीएलओ गंभीरता के साथ काम करें। उन्होंने सुपरवाईजर को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ बीएलओ के साथ प्रतिदिन मीटिंग करें और पूरे दिन की प्रगति की समीक्षा करें। सुपरवाईजर स्वयं भी उन घरों में जाकर आएं, जिनको बीएलओ ने एबसेंट बताया है ताकि क्रॉस चेक हो सके। इसी प्रकार से सुपरवाईजर बीएलए के साथ बैठक करें और उनका सहयोग लेकर एसआईआर काम में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि बीएलओ कहीं एक जगह बैठने की बजाय घर-घर जाकर फार्म वितरित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट व एफआईआर की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गुप्ता ने समीक्षा बैठक में मौजूद बीएलओ और सुपरवाईजर से उनके द्वारा किए जा रहे कार्य व अनुभव की जानकारी ली। इस अवसर पर एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, एसडीएम भिवानी महेश कुमार, एसडीएम लोहारू मनोज दलाल व एसडीएम तोशाम संदीप कुमार सहित अनेक सुपरवाईजर व एईआरओ भी मौजूद रहे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 23, 2026

पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने वर्षा ऋतु से पहले तालु-मुंढाल लिंक ड्रेन की सफाई करवाने की उठाई मांग भिवानी, 22 जून : वर्षा ऋतु के आगमन से ठीक पहले भिवानी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर चिंताएं बढऩे लगी हैं। इसी कड़ी में तालु-मुंढाल लिंक ड्रेन की बदहाली और सफाई न होने के कारण दर्जनों गांवों पर मंडरा रहे बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने सोमवार को भिवानी के उपायुक्त को समाधान शिविर में मांग पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और युद्ध स्तर पर ड्रेन की सफाई करवाने की पुरजोर अपील की है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने ड्रेन के निरीक्षण और तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए उपायुक्त के समक्ष तीन प्रमुख कारण रखे हैं, जो वर्षा के दिनों में तालु गांव के खेतों और आबादी में जलभराव (बाढ़) का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि मुंढाल से शुरू होकर तालु के खेतों और सुन्दर ब्रांच नहर के नीचे से गुजरते हुए कुंगड़ और बडसी गांव की तरफ जाने वाली इस लिंक ड्रेन का लगभग एक किलोमीटर का हिस्सा आज भी पूरी तरह कच्चा है। इस हिस्से की आज तक सही ढंग से सफाई नहीं हुई है, केवल खानापूर्ति की गई है। वर्तमान में इस ड्रेन में 5 फीट से लेकर 10 फीट ऊंचे झाड़, बोझड़े, झूंड और सरकंडे खड़े हैं, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह बाधित है। मान ने कहा कि तकनीकी रूप से ड्रेन का लेवल मुंढाल से तालु और कुंगड़ की तरफ 6 फीट नीचे होना चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। कुंगड़ की तरफ का लेवल 6 फीट ऊंचा है। इस गलत ढलान के कारण पानी आगे बहने के बजाय वापस बैक मारता है, जिससे तालु के खेतों और गांव की आबादी देह में भारी जलभराव हो जाता है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि ड्रेन का लगभग 300 फीट का हिस्सा सुन्दर ब्रांच नहर के बैड के नीचे से होकर गुजरता है। इस हिस्से की अच्छी तरह से सफाई न होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो जाता है और बैक मारकर तालु गांव के खेतों से होता हुआ ग्रामीणों के घरों में घुस जाता है। मान ने कहा कि जितना पैसा इस ड्रेन की सही समय पर स्थाई सफाई में नहीं लगता, प्रशासन और सरकार की ढिलाई के कारण उससे कई गुना ज्यादा पैसा बाद में गांवों से पानी निकालने, जनरेटर और पंप सेट लगाने में बर्बाद हो जाता है। इसके अलावा, जलभराव के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं, जिसके बाद सरकार को करोड़ों रुपये का बीमा और मुआवजा देना पड़ता है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का दुरुपयोग है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को उठाते हुए आगे कहा कि गांवों और विशेषकर ग्रामीण स्कूलों में पानी भरने से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि क्षेत्र में महामारी और गंभीर बीमारियां फैलने का डर भी चौबीसों घंटे सताने लगता है। सरकार और प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैये के कारण आम जनता पर महंगाई और बर्बादी की दोहरी मार पड़ती है। उन्होंने मांग की है कि वर्षा का सीजन पूरी तरह शुरू होने से पहले, जहां-जहां भी इस ड्रेन की सफाई अटकी हुई है, वहां तुरंत प्रभाव से बड़ी जेसीबी मशीनें लगाकर सफाई कार्य पूरा किया जाए। - Bhiwani News