टाटीझरिया के बेरहो निवासी शिक्षक महेंद्र की कामयाबी की मिठास, पुरखों के गुर और आधुनिक तकनीक से बेरहो में महकी आम की 'अमृत-बगिया'। 'मैंगो हब' बना बेरहो गांव: पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक बागवानी से लखपति बन रहे ग्रामीण, 3000 से भी अधिक आम के पेड़ों से महक रहा इलाका।