पीलीबंगा: आवासीय भूखंड पर अवैध निर्माण के खिलाफ बुजुर्ग का अनशन समाप्त, प्रशासन ने काम रुकवाने का नोटिस थमाकर जूस पिलाकर तोड़ा सत्याग्रह
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पीलीबंगा (हनुमानगढ़)।
पीलीबंगा कस्बे के सेक्टर नंबर-1 में आवासीय भूखंड पर नियम विरुद्ध हो रहे गैर-आवासीय (व्यावसायिक) निर्माण के विरोध में गांधी जयंती से आमरण अनशन पर बैठे वरिष्ठ नागरिक के अनशन पर बैठने के बाद मामले के तूल पकड़ने और नागरिक के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका प्रशासन एवं पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने का आधिकारिक नोटिस थमाया और जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।
लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ अनशन
सेक्टर नंबर-1 स्थित प्लॉट संख्या 301 निवासी सेवानिवृत्त नागरिक विनोद कुमार गुप्ता अपने पड़ोस के भूखंड संख्या 300 पर नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण के विरोध में 2 अक्टूबर से अपने घर के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने, आरटीआई में सूचना न मिलने और रसूखदारों के दबाव व धमकियों के आरोपों के बीच मामला लगातार गरमा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) कृष्णा कुमारी, प्रशासनिक अधिकारी अमर कुमार, पुलिस जाब्ता और कस्बे के गणमान्य नागरिक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित से वार्ता कर निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने संबंधी आदेश की प्रति सौंपी और जूस पिलाकर सत्याग्रह समाप्त कराया।
नगर पालिका ने जारी किया नोटिस, CTP को भेजी पत्रावली
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी कृष्णा कुमारी द्वारा अनशनकारी को दिए गए आधिकारिक जवाब और जारी नोटिस के अनुसार:
* निर्माण तुरंत रोकने का आदेश: पालिका द्वारा भूखंड संख्या 300 के निर्माणकर्ता संस्था (अध्यक्ष, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ) को नोटिस (क्रमांक: नपापी/जनरल/2026-27/3352) जारी कर बिना स्वीकृति चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि आदेश की अवहेलना करने पर राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
* स्वीकृति व नक्शे की तकनीकी जांच: प्रशासन ने लिखित में स्पष्ट किया कि निर्माण स्वीकृति व नक्शा अनुमोदन से संबंधित पत्रावली ऑनलाइन प्राप्त हुई है, जिसे तकनीकी परीक्षण के लिए जिला नगर नियोजक (CTP), हनुमानगढ़ को भेजा गया है। वहां से तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
* नामान्तरण दस्तावेज पर स्थिति स्पष्ट: आरटीआई के तहत मांगी गई नामान्तरण प्रतिलिपि को लेकर पालिका ने स्पष्ट किया कि आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 8 के तहत व्यक्तिगत सूचना होने के कारण यह उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और निर्माण रुकवाने के लिखित आदेश के बाद कस्बे के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। वहीं पीड़ित विनोद कुमार गुप्ता का कहना है कि प्रशासन केवल नोटिस जारी करने तक सीमित न रहे, बल्कि रिहायशी इलाकों में अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर स्थायी रूप से रोक सुनिश्चित करे।