तिलरथ ।तारुणि तारण नाट्य समिति बेगूसराय द्वारा राजकीय कृत मध्य विद्यालय अनुसूचित पोखरिया,
संवाददाता मुकेश कुमार बेगूसराय
बेगूसराय में 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया; जिसमें इसी विद्यालय के 20 छात्राओं ने अभिनय, नृत्य और गायन का बारीकी से प्रशिक्षण लिया एवं सीखा। आए हुए गणमान्य अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं बच्चों को सर्टिफिकेट प्रदान की गई। 6 अगस्त 2026 को विद्यालय में ही मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश 'कान्ति' के लेखन - निर्देशन में 'भाग्योदय' नाटक की प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथि बेगूसराय जिला कला - युवा एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार सहनी, वरिष्ठ रंग- निर्देशक अनिल पतंग, दिलीप सिन्हा अरविंद कुमार सिन्हा, देवेंद्र कुंवर, अब्दुल्लाह निज़ामी, सदन कुमार, प्रधानाध्यापिका उषा शर्मा और युवा रंगकर्मी मनोज कुमार की उपस्थिति गरिमामय रहीं। जिला कला पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने कहा कि विद्यालय में इस तरह का नाट्य कार्यशाला बच्चों की प्रतिभा और रंगमंच के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने का एक अच्छा साधन है और समाज का दर्पण भी; तो वरिष्ठ रंग - निर्देशक अनिल पतंग ने कहा तारुणि तारण नाट्य समिति बेगूसराय द्वारा विभिन्न विद्यालयों में नाटक प्रस्तुति और कार्यशाला करके बच्चों में उज्जवल भविष्य की संभावना व्यक्त कर देता है, तो वरिष्ठ रंगकर्मी और समाजसेवी दिलीप सिन्हा ने कहा, 'बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए रंगमंच अति आवश्यक है, अरविंद कुमार सिन्हा ने कहा बच्चों की सर्वांगीण विकास के लिए नाटक कला अति आवश्यक है, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका महोदया उषा शर्मा ने कहा, मैं बच्चों में कला सृजन करने हेतु हमेशा तत्पर हूं और जहां तक संभव होगा मैं आप लोगों को सहयोग करती रहूंगी। जन गायक देवेंद्र कुंवर ने कहा, बच्चों नाटक से जुड़कर जीने का तरीका सीख लेता है, अब्दुल्लाह निज़ामी ने कहा, नाटक जीवन में अति आवश्यक है और विशेष करके बच्चों में नाट्य कला अति आवश्यक है। नाट्य कार्यशाला निर्देशक मिथिलेश कुमार उर्फ मिथिलेश 'कान्ति' ने कहा, मेरी कोशिश है, बच्चों में नाट्य कला के प्रति जागरूक करना, ताकि वह नाटक को भी अपने जीवन में एक आधार बना सके। मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी सदन कुमार और युवा रंगकर्मी मनोज कुमार ने भी विभिन्न तरह से बच्चों को नाट्य कला के संबंध में बताएं। 'भाग्योदय' नाटक देखकर दर्शक काफ़ी मन मुग्ध हो गए और खूब तालियां बजाईं।