13 सप्ताह की गर्भावस्था, लेकिन रिपोर्ट में तारीखों का ऐसा खेल! आखिर जांच हुई या लापरवाही?
छतरपुर में डायग्नोस्टिक सेंटर की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर सवाल, तारीखों की गड़बड़ी ने खड़े किए सवाल
एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं में सटीक जांच और सही रिपोर्ट देने के दावे किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दर्ज तारीखें ही सवालों के घेरे में नजर आ रही हैं।
रिपोर्ट में गर्भावस्था की अवधि 13 सप्ताह 1 दिन दर्ज है, लेकिन अंतिम माहवारी की तारीख में वर्ष 2025 दिखाई दे रहा है, जबकि जांच 16 अक्टूबर 2026 को हुई। वहीं, डिलीवरी की अनुमानित तारीख भी कहीं 20 अप्रैल 2026 और दूसरी जगह अप्रैल 2027 की दिखाई दे रही है।
अब सवाल यह है कि आखिर यह तारीखों की गड़बड़ी कैसे हुई? क्या रिपोर्ट तैयार करते समय टाइपिंग की गलती हुई, प्रिंटिंग में चूक हुई या रिकॉर्ड दर्ज करने में लापरवाही बरती गई?
सवाल सीधे हैं—
- गर्भावस्था की रिपोर्ट में तारीख और वर्ष की दोबारा जांच क्यों नहीं हुई?
- मरीज को रिपोर्ट देने से पहले विवरण का मिलान किसने किया?
- अगर यह केवल टाइपिंग की गलती है, तो सेंटर इसकी पुष्टि कर संशोधित रिपोर्ट क्यों नहीं देता?
मामला गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चे की देखभाल से जुड़ा है। इसलिए ऐसी रिपोर्ट में छोटी-सी दिखने वाली गलती भी भ्रम पैदा कर सकती है। हालांकि, केवल तारीखों के अंतर से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अल्ट्रासाउंड की पूरी जांच गलत हुई है।
सुधार की जरूरत है, सवालों से बचने की नहीं!
संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर को रिपोर्ट की तारीखों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि गलती हुई है, तो उसे स्वीकार कर सही रिपोर्ट उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक परेशानी न हो।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध तस्वीरों में दिखाई दे रही तारीखों के आधार और आरोपों पर तैयार की गई है। संबंधित सेंटर से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन हो नहीं सका,संबंधित सेंटर का पक्ष मिलने पर उसे भी शामिल किया जाएगा।
Chhatarpur Nagar, Chhatarpur | Oct 23, 2026