Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
कांग्रेस
मौत
बीजेपी
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Madhya_pradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka
Education
Rss
No video available

यह सम्मान हिमाचल विद्यार्थी परिषद के हर कार्यकर्ता जो कोरोना की इस विषैली घात में भी अपनी परवाह किए बिना कार्य किया

45.4k views | Shimla Urban, Shimla | Jul 22, 2021

MORE NEWS

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी।

मुख्य बिंदु

1. 2022 का आदेश रद्द

13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे।

2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है।

इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा।
L
3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता

जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा।

विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक

कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है।

ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा।

5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य

किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी।

बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी

वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं।

यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी।

7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग

आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा।

8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन

उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

निष्कर्ष

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती पर जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त (विनियमन) विभाग ने 11 जून, 2026 को आउटसोर्स सेवाओं (Outsourcing of Services) के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 13 अक्टूबर, 2022 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अगले आदेश तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी। मुख्य बिंदु 1. 2022 का आदेश रद्द 13 अक्टूबर, 2022 का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। अब आउटसोर्स सेवाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू होंगे। 2. आउटसोर्सिंग स्थायी व्यवस्था नहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग केवल अस्थायी (Temporary), आवश्यकता आधारित (Need-based) और अंतरिम (Stop-gap) व्यवस्था है। इसे सरकारी रोजगार का स्थायी या प्राथमिक माध्यम नहीं माना जाएगा। L 3. नियमित भर्ती को प्राथमिकता जिन पदों के लिए नियमित भर्ती एवं पदोन्नति नियम (R&P Rules) लागू हैं, उन रिक्तियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा। विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक कई विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक अथवा पहले से नियमित कर्मचारियों द्वारा भरे गए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार ने चिंता व्यक्त की है। ऐसी व्यवस्थाओं को विभागीय आवश्यकता के अनुसार तर्कसंगत (Rationalise) किया जाएगा। 5. नई आउटसोर्स भर्ती पर वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य किसी भी नई आउटसोर्स सेवा को नियुक्त करने, तैनात करने या जारी रखने के लिए वित्त विभाग की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति की गई नियुक्तियों को अनधिकृत (Unauthorized) माना जाएगा और उन पर कार्रवाई की जा सकती है। 6. वर्तमान आउटसोर्स कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अस्थायी और आवश्यकता आधारित व्यवस्था के तहत कार्य करते रह सकते हैं। यह व्यवस्था नियमित भर्ती पूरी होने तक और समय-समय पर विभागीय समीक्षा के अधीन होगी। 7. केवल विशेष परिस्थितियों में आउटसोर्सिंग आउटसोर्सिंग का उपयोग केवल अस्थायी, गैर-मुख्य (Non-core), मौसमी (Seasonal) अथवा विशेष तकनीकी सेवाओं के लिए किया जाएगा। 8. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अनुपालन उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह पत्र सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों एवं संस्कृत महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निष्कर्ष सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आउटसोर्सिंग सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं है। भविष्य में नियमित पदों पर नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आउटसोर्सिंग केवल सीमित एवं आवश्यक परिस्थितियों में ही की जा सकेगी। नई आउटसोर्स नियुक्तियों के लिए वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी और वर्तमान आउटसोर्स सेवाओं की भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री
---हमीरपुर में 300 करोड़ रूपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर होगा स्थापित 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
 इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, कैलाश फैडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर, डेंटल कॉलेज शिमला के प्रिंसिपल डॉ. योगेश भारद्वाज, एओएमएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रंगीला राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

डेंटल कॉलेज शिमला का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला होगा: मुख्यमंत्री ---हमीरपुर में 300 करोड़ रूपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर होगा स्थापित मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एओएमएसआई) के हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के चौथे वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की कि शिमला स्थित डेंटल कॉलेज का नाम राजीव गांधी डेंटल कॉलेज, शिमला किया जाएगा। उन्होंने हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सेंटर से रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे न केवल रोगियों का उपचार करते हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन लोगों की सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं और 3 टेस्ला एमआरआई जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सकती है। राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ जिला अस्पतालों में भी उन्नत तकनीक और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और किफायती उपचार की सुविधा मिल सके तथा इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ संवाद स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इसी तरह का एक कार्यक्रम डेंटल डॉक्टरों के साथ भी आयोजित किया जाएगा, ताकि डेंटल कॉलेजों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला से शिक्षा प्राप्त कर निकले डॉक्टर आज देश-विदेश में हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के डॉक्टर अत्यंत प्रतिभाशाली और सक्षम हैं तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, कांग्रेस नेता पवन ठाकुर, कैलाश फैडरेशन के चेयरमैन बलदेव ठाकुर, डेंटल कॉलेज शिमला के प्रिंसिपल डॉ. योगेश भारद्वाज, एओएमएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश स्टेट चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रंगीला राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर जोर
-जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित

उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के प्रभावी संचालन, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी फूड इंस्पेक्टर को निर्देश जारी किए है कि अपने अपने क्षेत्र से उचित मूल्य की दुकानों में क्या क्या खाद्य वस्तुएं मिलनी चाहिए। इसके बारे में  रिपोर्ट लोगों से फीडबैक लेकर तैयार करेंगे। इसके लिए सभी फूड इस्पेक्टर अगले दस दिनों मंे अपने अपने अधिकार क्षेत्र में इसको लेकर जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद सारी जानकारी एकत्रित करके खाद्य नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले विभाग को भेजी जाएगी।
उपायुक्त अनपुम कश्यप ने कहा कि जिला भर में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां पर कुछ दालों की खरीद काफी कम होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं की फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार सरकार को भेजेंगे ताकि जिन दाले की मांग अधिक है। उचित मूल्यों की दुकानों में वही दाले या अन्य वस्तुएं मिले।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र में व एक चौपाल तहसील के गांव शिलावणी में चल रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वयं सहायता समूहों के सफल प्रयासों को देखकर अन्य समूहों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के उपरांत आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण न करने से संबंधित मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न योजनाओं के तहत खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम 2013 के लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की।

बैठक में एडीएम लाॅ एंड आर्डर पंकज शर्मा,  जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक  आपूर्ति एव उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नई उचित मूल्य दुकाने खुलने पर विचार
बैठक में जिला के विभिन्न विकास खंडों एवं शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें जुब्बल खंड के गांव कुडडु, भोलाड़, झगटान और नंदपुर, चैपाल खंड के सरैन , नारकंडा खंड के  खनेटी, चिड़गांव खंड के गांव सराहन, बसंतपुर खंड के गांव देवीधार और सुन्नी वार्ड न 2, ननखड़ी खंड के गांव खलटुधार, रामपुर के शाह वार्ड 4 और व्यूथल, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई खंड के गांव गरावग, गुम्मा और झड़ग, कुपवी खंड के गांव बाघी वार्ड,  टुटू खंड के गांव ढेण्डा सहित विभिन्न क्षेत्रों से के नामों पर चर्चा की गई समिति ने नए प्राप्त मामलों तथा पूर्व में लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
                ...000...

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर जोर -जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला सार्वजनिक वितरण समिति और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के प्रभावी संचालन, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी फूड इंस्पेक्टर को निर्देश जारी किए है कि अपने अपने क्षेत्र से उचित मूल्य की दुकानों में क्या क्या खाद्य वस्तुएं मिलनी चाहिए। इसके बारे में रिपोर्ट लोगों से फीडबैक लेकर तैयार करेंगे। इसके लिए सभी फूड इस्पेक्टर अगले दस दिनों मंे अपने अपने अधिकार क्षेत्र में इसको लेकर जानकारी जुटाएंगे। इसके बाद सारी जानकारी एकत्रित करके खाद्य नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले विभाग को भेजी जाएगी। उपायुक्त अनपुम कश्यप ने कहा कि जिला भर में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां पर कुछ दालों की खरीद काफी कम होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं की फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार सरकार को भेजेंगे ताकि जिन दाले की मांग अधिक है। उचित मूल्यों की दुकानों में वही दाले या अन्य वस्तुएं मिले। उपायुक्त ने बताया कि जिला में दो उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। एक चिड़गांव के छआरा क्षेत्र में व एक चौपाल तहसील के गांव शिलावणी में चल रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वयं सहायता समूहों के सफल प्रयासों को देखकर अन्य समूहों को भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन के उपरांत आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण न करने से संबंधित मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न योजनाओं के तहत खाद्यान्न की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की गई। जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियिम 2013 के लाभार्थियों को मिलने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। बैठक में एडीएम लाॅ एंड आर्डर पंकज शर्मा, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एव उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नई उचित मूल्य दुकाने खुलने पर विचार बैठक में जिला के विभिन्न विकास खंडों एवं शहरी क्षेत्रों में नई उचित मूल्य की दुकानों के संचालन संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार किया गया। इनमें जुब्बल खंड के गांव कुडडु, भोलाड़, झगटान और नंदपुर, चैपाल खंड के सरैन , नारकंडा खंड के खनेटी, चिड़गांव खंड के गांव सराहन, बसंतपुर खंड के गांव देवीधार और सुन्नी वार्ड न 2, ननखड़ी खंड के गांव खलटुधार, रामपुर के शाह वार्ड 4 और व्यूथल, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई खंड के गांव गरावग, गुम्मा और झड़ग, कुपवी खंड के गांव बाघी वार्ड, टुटू खंड के गांव ढेण्डा सहित विभिन्न क्षेत्रों से के नामों पर चर्चा की गई समिति ने नए प्राप्त मामलों तथा पूर्व में लंबित मामलों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। ...000...

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

33% महिला आरक्षण विधेयक तत्काल लागू करने की मांग, महिला संगठनों ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

 राष्ट्रीय महिला संगठनों के गठबंधन के फैसले के अनुसार आज अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और  वाई डब्ल्यूसीए ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को आगामी मॉनसून सत्र में लागू करने के लिए संसद में  विपक्षी पार्टी व  हिमाचल में  कांग्रेस पार्टी के प्रदेशध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।  ज्ञापन देने के बाद प्रदेशध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को  आश्वासन दिया कि  संसद में हम इस विधेयक को लागू करने के लिए भरपूर कोशिश करेंगे।ज्ञापन में  महिला संगठनों ने मांग की कि महिला आरक्षण विधेयक  जो  1996  में  30 वर्ष  पहले लाया गया था जिसे  2023 में संसद में पारित  किया  गया है परंतु  बड़ी चिंता की बात यह है कि केंद्र की सरकार ने इसे तीन वर्ष से लेकर लागू ही नहीं किया। 
केंद्र  की भाजपा की सरकार ने इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ा है जो  देश की महिलाओं के  लिए दुर्भाग्यपूर्ण है  सरकार अपने राजनीतिक  परिसीमन के एजेंडे के लिये महिला आरक्षण विधेयक का इस्तेमाल कर रही है   । संसद में   महिलाओं का प्रतिशत जो 2019  में 14  प्रतिशत था 2024 में  वह  घटकर 13 प्रतिशत   रह  गया  है  2024 में सिर्फ 77 महिलाएं ही सासद बनी है और विधानसभा में मात्र 9 प्रतिशत से भी कम महिलाएं  है चुनकर आई है।  जबकि महिलाओं  के मत प्रतिशत में वृद्धि हुई है।
   महिला संगठनों  ने कहा है कि अब महिला आरक्षण विधेयक  को लागू करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए देश में सभी महिला संगठनों  के  गठबंधन   ने  फैसला लिया है कि इस विधेयक को लागू करने के लिए आगामी मॉनसून सत्र में 20 जुलाई से 13 अगस्त तक देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन धरना देंगे । उससे पहले अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और उसके घटकों ने पूरे प्रदेश में जन हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ है  । जिन हस्ताक्षरों को 21 जुलाई को प्रदेश के राज्यपाल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को भेजेंगे उससे पहले  विपक्षी पार्टियों को ज्ञापन के माध्यम से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को बिना शर्त  आगामी मॉनसून सत्र में लागू करने की मांग की है और जनगणना और परिसीमन से इस विधेयक को अलग करके इसे सख्ती से लागू करने की मांग की है।
इस प्रतिनिधि मंडल में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान शिमला जिला सचिव सोनिया शुभरवाल, जिला कोषाध्यक्ष कार्यकारी जिला अध्यक्ष रमा रावत, जिला कमेटी सदस्य  रेनू , डोलमा और वाई डब्ल्यू सी ए की महासचिव रोहिणी,  यूथ चेयर पर्सन दिव्या बागी शामिल रही।
 जारी कर्ता:-
फालमा चौहान जनवादी महिला समिति 
सोनिया शुभरवाल जनवादी महिला समिति 
रमा रावत जनवादी महिला समिति 
रोहिणी  वाई डब्ल्यू सी ए 
दिव्या बागी  वाई डब्ल्यू सी ए

33% महिला आरक्षण विधेयक तत्काल लागू करने की मांग, महिला संगठनों ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन राष्ट्रीय महिला संगठनों के गठबंधन के फैसले के अनुसार आज अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और वाई डब्ल्यूसीए ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को आगामी मॉनसून सत्र में लागू करने के लिए संसद में विपक्षी पार्टी व हिमाचल में कांग्रेस पार्टी के प्रदेशध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने के बाद प्रदेशध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि संसद में हम इस विधेयक को लागू करने के लिए भरपूर कोशिश करेंगे।ज्ञापन में महिला संगठनों ने मांग की कि महिला आरक्षण विधेयक जो 1996 में 30 वर्ष पहले लाया गया था जिसे 2023 में संसद में पारित किया गया है परंतु बड़ी चिंता की बात यह है कि केंद्र की सरकार ने इसे तीन वर्ष से लेकर लागू ही नहीं किया। केंद्र की भाजपा की सरकार ने इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ा है जो देश की महिलाओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है सरकार अपने राजनीतिक परिसीमन के एजेंडे के लिये महिला आरक्षण विधेयक का इस्तेमाल कर रही है । संसद में महिलाओं का प्रतिशत जो 2019 में 14 प्रतिशत था 2024 में वह घटकर 13 प्रतिशत रह गया है 2024 में सिर्फ 77 महिलाएं ही सासद बनी है और विधानसभा में मात्र 9 प्रतिशत से भी कम महिलाएं है चुनकर आई है। जबकि महिलाओं के मत प्रतिशत में वृद्धि हुई है। महिला संगठनों ने कहा है कि अब महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए देश में सभी महिला संगठनों के गठबंधन ने फैसला लिया है कि इस विधेयक को लागू करने के लिए आगामी मॉनसून सत्र में 20 जुलाई से 13 अगस्त तक देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में अनिश्चितकालीन धरना देंगे । उससे पहले अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और उसके घटकों ने पूरे प्रदेश में जन हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ है । जिन हस्ताक्षरों को 21 जुलाई को प्रदेश के राज्यपाल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को भेजेंगे उससे पहले विपक्षी पार्टियों को ज्ञापन के माध्यम से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को बिना शर्त आगामी मॉनसून सत्र में लागू करने की मांग की है और जनगणना और परिसीमन से इस विधेयक को अलग करके इसे सख्ती से लागू करने की मांग की है। इस प्रतिनिधि मंडल में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान शिमला जिला सचिव सोनिया शुभरवाल, जिला कोषाध्यक्ष कार्यकारी जिला अध्यक्ष रमा रावत, जिला कमेटी सदस्य रेनू , डोलमा और वाई डब्ल्यू सी ए की महासचिव रोहिणी, यूथ चेयर पर्सन दिव्या बागी शामिल रही। जारी कर्ता:- फालमा चौहान जनवादी महिला समिति सोनिया शुभरवाल जनवादी महिला समिति रमा रावत जनवादी महिला समिति रोहिणी वाई डब्ल्यू सी ए दिव्या बागी वाई डब्ल्यू सी ए

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: यूपी, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, दो मामलों में 5 सप्लायर गिरफ्तार

शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी है। पुलिस केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित न रहकर प्रत्येक मामले में बैकवर्ड लिंकज की जांच कर पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।

इसी क्रम में दो केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली:

दिनांक 15.03.2026 को पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में थाना रोहड़ू में अभियोग संख्या 26/26 दर्ज कर सार्थक सूद (29 वर्ष), निवासी रोहड़ू, जिला शिमला को गिरफ्तार किया गया।

मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों तथा UPI लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान अंतर्राज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में कार्रवाई कर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों एवं वित्तीय जांच से यह भी सामने आया कि वह वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया, निवासी जिला चूरू (राजस्थान) के साथ मिलकर संगठित तरीके से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।

लगातार बैकवर्ड लिंकज पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक जांच एवं वित्तीय विश्लेषण में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि 15 मार्च 2026 को बरामद 9 ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के बदले वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के बैंक खाते में ₹18,000 प्राप्त हुए थे। इसके अतिरिक्त वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से यह भी सामने आया कि सह-आरोपी अमित गुप्ता द्वारा वासु के खाते में लगभग ₹3.50 लाख स्थानांतरित किए गए। वहीं पिछले छह माह के दौरान वासु के बैंक खाते में ₹14 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई, जबकि उसके पास आय का कोई वैध एवं ज्ञात स्रोत नहीं पाया गया।

उपरोक्त डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया एवं अमित गुप्ता संगठित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क संचालित कर अवैध रूप से भारी आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, संपत्तियों एवं वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।

अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं चंडीगढ़ तक फैला हुआ था।

दिनांक 03.07.2026 को पुलिस थाना कोटखाई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान लगभग 64 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में पुलिस थाना कोटखाई में अभियोग संख्या 60/2026 अधीन धारा 21 एवं 29 एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर रक्षित चौहान, राहुल शर्मा एवं लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया।

मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बरामद चिट्टा आरोपी राहुल शर्मा द्वारा अमित महेव से खरीदा गया था, जो मोहाली (पंजाब) में रहकर मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था।

बैकवर्ड लिंकज पर लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना कोटखाई की विशेष टीम 17 जुलाई 2026 को आरोपी की तलाश में पंजाब रवाना हुई। आरोपी अमित महेव काफी समय से पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था तथा लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। इसके बावजूद शिमला पुलिस ने लगातार अथक प्रयासों, तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण तथा मानव आसूचना के प्रभावी समन्वय से आरोपी का सटीक ठिकाना स्थापित किया और 18 जुलाई 2026 को उसे मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

शिमला पुलिस का लक्ष्य केवल नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि संगठित अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करना तथा नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक तंत्र पर प्रभावी प्रहार करना है। वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 58 मुख सरगना गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 48 प्रमुख अंतर-राजीय नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। यह अभियान भविष्य में भी इसी दृढ़ता एवं निरंतरता के साथ जारी रहेगा।

शिमला पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: यूपी, राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, दो मामलों में 5 सप्लायर गिरफ्तार शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी है। पुलिस केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित न रहकर प्रत्येक मामले में बैकवर्ड लिंकज की जांच कर पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में दो केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली: दिनांक 15.03.2026 को पुलिस थाना रोहड़ू की टीम ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में थाना रोहड़ू में अभियोग संख्या 26/26 दर्ज कर सार्थक सूद (29 वर्ष), निवासी रोहड़ू, जिला शिमला को गिरफ्तार किया गया। मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों तथा UPI लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान अंतर्राज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में कार्रवाई कर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया। पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों एवं वित्तीय जांच से यह भी सामने आया कि वह वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया, निवासी जिला चूरू (राजस्थान) के साथ मिलकर संगठित तरीके से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। लगातार बैकवर्ड लिंकज पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच एवं वित्तीय विश्लेषण में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि 15 मार्च 2026 को बरामद 9 ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के बदले वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के बैंक खाते में ₹18,000 प्राप्त हुए थे। इसके अतिरिक्त वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से यह भी सामने आया कि सह-आरोपी अमित गुप्ता द्वारा वासु के खाते में लगभग ₹3.50 लाख स्थानांतरित किए गए। वहीं पिछले छह माह के दौरान वासु के बैंक खाते में ₹14 लाख से अधिक की राशि प्राप्त हुई, जबकि उसके पास आय का कोई वैध एवं ज्ञात स्रोत नहीं पाया गया। उपरोक्त डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया एवं अमित गुप्ता संगठित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क संचालित कर अवैध रूप से भारी आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, संपत्तियों एवं वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं चंडीगढ़ तक फैला हुआ था। दिनांक 03.07.2026 को पुलिस थाना कोटखाई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान लगभग 64 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इस संबंध में पुलिस थाना कोटखाई में अभियोग संख्या 60/2026 अधीन धारा 21 एवं 29 एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर रक्षित चौहान, राहुल शर्मा एवं लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया। मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बरामद चिट्टा आरोपी राहुल शर्मा द्वारा अमित महेव से खरीदा गया था, जो मोहाली (पंजाब) में रहकर मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। बैकवर्ड लिंकज पर लगातार कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना कोटखाई की विशेष टीम 17 जुलाई 2026 को आरोपी की तलाश में पंजाब रवाना हुई। आरोपी अमित महेव काफी समय से पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा था तथा लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। इसके बावजूद शिमला पुलिस ने लगातार अथक प्रयासों, तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण तथा मानव आसूचना के प्रभावी समन्वय से आरोपी का सटीक ठिकाना स्थापित किया और 18 जुलाई 2026 को उसे मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। शिमला पुलिस का लक्ष्य केवल नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि संगठित अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करना तथा नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक तंत्र पर प्रभावी प्रहार करना है। वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 58 मुख सरगना गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 48 प्रमुख अंतर-राजीय नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। यह अभियान भविष्य में भी इसी दृढ़ता एवं निरंतरता के साथ जारी रहेगा।

Shimla Urban, Shimla | Jul 18, 2026

यह सम्मान हिमाचल विद्यार्थी परिषद के हर कार्यकर्ता जो कोरोना की इस विषैली घात में भी अपनी परवाह किए बिना कार्य किया - Shimla Urban News