खेत के कुएं में मिली थी माता की प्रतिमा, आज भव्य मंदिर में उमड़ते हैं श्रद्धालु
50 साल पुरानी आस्था का केंद्र है महाराणा प्रताप कॉलोनी का खेत वाली माता मंदिर, नवरात्रि में सुबह से लगती है भक्तों की कतार
अनोखा तीर, हरदा। खेत में बने कुएं से मिली देवी की प्रतिमा, नाम पड़ा खेत वाली माता और देखते ही देखते यह स्थान श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन गया। शहर की महाराणा प्रताप कॉलोनी स्थित खेत वाली माता मंदिर की कहानी करीब 50 साल पुरानी है। आज यहां भव्य मंदिर स्थापित है, जहां नवरात्रि के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शहर ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन करने, मन्नत मांगने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माथा टेकने पहुंचते हैं।
कुएं में मिली प्रतिमा से शुरू हुई आस्था की कहानी
मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश पुरोहित बताते हैं कि करीब पांच दशक पहले खेत में बने कुएं में देवी की प्रतिमा मिली थी। इसके बाद प्रतिमा को पास ही बने एक छोटे मंदिर में स्थापित किया गया। वर्तमान भव्य मंदिर से लगभग 15 से 20 कदम की दूरी पर स्थित इसी पुराने मंदिर में माता लंबे समय तक विराजमान रहीं। समय के साथ यहां श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया। करीब एक दशक पहले यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। इसके बाद विद्वान आचार्यों और पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से माता की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई।
नवरात्रि में आस्था, आराधना और गरबा की धूम
खेत वाली माता मंदिर में नवरात्रि का विशेष महत्व है। घट स्थापना के साथ ज्वारे बोने की परंपरा हर साल निभाई जाती है। नवरात्रि शुरू होते ही सुबह से माता को जल चढ़ाने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगने लगती है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन गरबा आयोजित होता है, जिसमें बालिकाएं उत्साह के साथ भाग लेती हैं। मंदिर से जुड़े अभिषेक महलवार और दीपक शुक्ला बताते हैं कि सामान्य दिनों में भी यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है।
पांच दशक से कायम है श्रद्धालुओं का विश्वास
खेत के कुएं में मिली प्रतिमा से शुरू हुई यह धार्मिक परंपरा आज एक भव्य मंदिर और हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ चुकी है। नवरात्रि में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, ज्वारे स्थापना और गरबा आयोजन मंदिर की विशेष पहचान हैं। खेत वाली माता के दरबार में पहुंचने वाले भक्त श्रद्धा के साथ शीश नवाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
Harda, Harda | Oct 14, 2026