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भागलपुर, 08 अगस्त 2026। श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा पर्यटन विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में धांधी वेलारी महाशिविर एवं सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट के सांस्कृतिक मंच पर पूरे सावन माह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 28 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन आयोजित इन कार्यक्रमों में भागलपुर, बिहार सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों द्वारा गायन, वादन, नृत्य एवं नृत्य-नाटिका के माध्यम से भगवान शिव को समर्पित प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। आज के कार्यक्रम में धांधी वेलारी महाशिविर के मंच पर कलाकारों ने शिव भक्ति से ओत-प्रोत गीतों एवं भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर कांवरियों एवं श्रद्धालुओं को भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया। वहीं नमामि गंगे घाट के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। ‘बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है’ तथा ‘बोल बम, बोल बम’ की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालु और दर्शक भक्ति संगीत की धुन पर झूमते एवं नृत्य करते नजर आए। कार्यक्रम में बिहार की समृद्ध लोक संगीत परंपरा की भी आकर्षक झलक देखने को मिली। स्थानीय कलाकारों ने भगवान शिव को समर्पित प्रार्थना रूपी भजनों के माध्यम से समाज एवं जनकल्याण की मंगलकामना की। ‘कट जाई रहिया कठिनवां’ तथा ‘शिव कैलाशो के वासी’ जैसे लोकप्रिय शिव भजनों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और पूरा वातावरण शिव आराधना से गूंज उठा। आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम में विकास कुमार, पटना; आकाश मिश्रा, भागलपुर तथा सुश्री समृद्धि भूषण, पटना ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन उद्घोषक सुधीर कुमार पाण्डेय ने किया। वाद्य संगीत में प्रीतम, वैभव राज, नंदन, कुंदन, सौरव एवं निशांत ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं दर्शकों ने भाग लिया। उपस्थित सुधी दर्शकों ने श्रावणी मेला के दौरान जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा आयोजित इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। कलाकारों ने भी मंच से जिला प्रशासन के सहयोग, समर्पण एवं कलाकारों को उपलब्ध कराए गए अवसर के लिए आभार व्यक्त किया। श्रावणी मेला 2026 के दौरान आयोजित ये सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभव को समृद्ध करने के साथ-साथ बिहार की लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं। District Administration Patna DM Darbhanga Bhagalpur District Administration District Administration, Madhubani Madhepura District Administration Banka District Administration Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Bhagalpur, Bihar | Aug 8, 2026

MORE NEWS

दिनांक: 08.08.2026, जिला प्रशासन,भागलपुर, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के संबंध में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 08.08.2026 को टाउन हॉल, भागलपुर में एक दिवसीय “पंच सम्मेलन” का आयोजन किया गया।

पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी, भागलपुर, अध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर, उप विकास आयुक्त, भागलपुर, उपाध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद के सम्मानित सदस्य, सभी माननीय मुखिया जी, पंचायत समिति के सम्मानित सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बताया गया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा योजना के स्थान पर दिनांक 01 जुलाई, 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू हो गया है, जिसका क्रियान्वयन राज्य एवं जिले में किया जा रहा है। ग्रामीण भारत के सुदृढ़ विकास में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय एवं श्रमिकों को जागरूक कर सकें।

अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

पंच सम्मेलन में अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से—

* रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना।
* समय पर कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाना।
* केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 तथा पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 की वित्तीय साझेदारी का प्रावधान।
* ग्राम पंचायतों को A, B एवं C श्रेणियों में वर्गीकृत कर आवश्यकता आधारित विकास योजना तैयार करना।
* प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करना।
* चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में 318 प्रकार के विकास कार्यों को अनुमेय बनाया जाना।
* प्रत्येक छह माह में अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण।
* बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियोस्पेशियल तकनीक एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड आधारित निगरानी।
* योजना निर्माण, ऑडिट एवं जोखिम न्यूनीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का प्रावधान।
* न्यूनतम मजदूरी ₹300 प्रतिदिन तथा मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि।

ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी और अधिक महत्वपूर्ण

नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाया गया है। ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), आधुनिक तकनीक, सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शी कार्य प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पंचायत अपने क्षेत्र के समग्र विकास की योजना स्वयं तैयार करेगी।

इस व्यवस्था से विकास योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगी तथा उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, स्वच्छ, समृद्ध एवं विकसित बनाना है।

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दिनांक: 08.08.2026, जिला प्रशासन,भागलपुर, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के संबंध में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 08.08.2026 को टाउन हॉल, भागलपुर में एक दिवसीय “पंच सम्मेलन” का आयोजन किया गया। पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी, भागलपुर, अध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर, उप विकास आयुक्त, भागलपुर, उपाध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद के सम्मानित सदस्य, सभी माननीय मुखिया जी, पंचायत समिति के सम्मानित सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा योजना के स्थान पर दिनांक 01 जुलाई, 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू हो गया है, जिसका क्रियान्वयन राज्य एवं जिले में किया जा रहा है। ग्रामीण भारत के सुदृढ़ विकास में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय एवं श्रमिकों को जागरूक कर सकें। अधिनियम के प्रमुख प्रावधान पंच सम्मेलन में अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से— * रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना। * समय पर कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाना। * केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 तथा पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 की वित्तीय साझेदारी का प्रावधान। * ग्राम पंचायतों को A, B एवं C श्रेणियों में वर्गीकृत कर आवश्यकता आधारित विकास योजना तैयार करना। * प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करना। * चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में 318 प्रकार के विकास कार्यों को अनुमेय बनाया जाना। * प्रत्येक छह माह में अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण। * बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियोस्पेशियल तकनीक एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड आधारित निगरानी। * योजना निर्माण, ऑडिट एवं जोखिम न्यूनीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का प्रावधान। * न्यूनतम मजदूरी ₹300 प्रतिदिन तथा मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि। ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी और अधिक महत्वपूर्ण नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाया गया है। ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), आधुनिक तकनीक, सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शी कार्य प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पंचायत अपने क्षेत्र के समग्र विकास की योजना स्वयं तैयार करेगी। इस व्यवस्था से विकास योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगी तथा उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, स्वच्छ, समृद्ध एवं विकसित बनाना है। District Administration Patna DM Darbhanga District Administration, Madhubani Madhepura District Administration Bhagalpur Police Banka District Administration Bhagalpur District Administration Information & Public Relations Department, Government of Bihar Rural Development Department, Government of Bihar

Bhagalpur, Bihar | Aug 8, 2026

दिनांक: 08.08.2026, जिला प्रशासन,भागलपुर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के संबंध में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 08.08.2026 को टाउन हॉल, भागलपुर में एक दिवसीय “पंच सम्मेलन” का आयोजन किया गया।

पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी, भागलपुर, अध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर, उप विकास आयुक्त, भागलपुर, उपाध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद के सम्मानित सदस्य, सभी माननीय मुखिया जी, पंचायत समिति के सम्मानित सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बताया गया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा योजना के स्थान पर दिनांक 01 जुलाई, 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू हो गया है, जिसका क्रियान्वयन राज्य एवं जिले में किया जा रहा है। ग्रामीण भारत के सुदृढ़ विकास में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय एवं श्रमिकों को जागरूक कर सकें।

अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

पंच सम्मेलन में अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से—

* रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना।
* समय पर कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाना।
* केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 तथा पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 की वित्तीय साझेदारी का प्रावधान।
* ग्राम पंचायतों को A, B एवं C श्रेणियों में वर्गीकृत कर आवश्यकता आधारित विकास योजना तैयार करना।
* प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करना।
* चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में 318 प्रकार के विकास कार्यों को अनुमेय बनाया जाना।
* प्रत्येक छह माह में अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण।
* बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियोस्पेशियल तकनीक एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड आधारित निगरानी।
* योजना निर्माण, ऑडिट एवं जोखिम न्यूनीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का प्रावधान।
* न्यूनतम मजदूरी ₹300 प्रतिदिन तथा मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि।

ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी और अधिक महत्वपूर्ण

नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाया गया है। ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), आधुनिक तकनीक, सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शी कार्य प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पंचायत अपने क्षेत्र के समग्र विकास की योजना स्वयं तैयार करेगी।

इस व्यवस्था से विकास योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगी तथा उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, स्वच्छ, समृद्ध एवं विकसित बनाना है।

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दिनांक: 08.08.2026, जिला प्रशासन,भागलपुर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के संबंध में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 08.08.2026 को टाउन हॉल, भागलपुर में एक दिवसीय “पंच सम्मेलन” का आयोजन किया गया। पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी, भागलपुर, अध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर, उप विकास आयुक्त, भागलपुर, उपाध्यक्ष, जिला परिषद, भागलपुर सहित सभी प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद के सम्मानित सदस्य, सभी माननीय मुखिया जी, पंचायत समिति के सम्मानित सदस्य तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा योजना के स्थान पर दिनांक 01 जुलाई, 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू हो गया है, जिसका क्रियान्वयन राज्य एवं जिले में किया जा रहा है। ग्रामीण भारत के सुदृढ़ विकास में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय एवं श्रमिकों को जागरूक कर सकें। अधिनियम के प्रमुख प्रावधान पंच सम्मेलन में अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से— * रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना। * समय पर कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाना। * केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 तथा पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 की वित्तीय साझेदारी का प्रावधान। * ग्राम पंचायतों को A, B एवं C श्रेणियों में वर्गीकृत कर आवश्यकता आधारित विकास योजना तैयार करना। * प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करना। * चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में 318 प्रकार के विकास कार्यों को अनुमेय बनाया जाना। * प्रत्येक छह माह में अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण। * बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियोस्पेशियल तकनीक एवं रियल-टाइम डैशबोर्ड आधारित निगरानी। * योजना निर्माण, ऑडिट एवं जोखिम न्यूनीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का प्रावधान। * न्यूनतम मजदूरी ₹300 प्रतिदिन तथा मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि। ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी और अधिक महत्वपूर्ण नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाया गया है। ग्राम सभा की सक्रिय सहभागिता, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP), आधुनिक तकनीक, सामाजिक अंकेक्षण, पारदर्शी कार्य प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पंचायत अपने क्षेत्र के समग्र विकास की योजना स्वयं तैयार करेगी। इस व्यवस्था से विकास योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगी तथा उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, स्वच्छ, समृद्ध एवं विकसित बनाना है। District Administration Patna DM Darbhanga District Administration, Madhubani Madhepura District Administration Banka District Administration Bhagalpur District Administration Information & Public Relations Department, Government of Bihar Rural Development Department, Government of Bihar

Bhagalpur, Bihar | Aug 8, 2026

भागलपुर, 08 अगस्त 2026:  महिला मंडल कारा, भागलपुर में महिला बंदियों के लिए *मंजूषा के रंगों से उम्मीदों की नई कहानी* विषय पर दो दिवसीय कला कार्यशाला का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations–ICCR), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन ICCR के प्रतिनिधि, मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित, शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर के जेल अधीक्षक, कला सांस्कृतिक पदाधिकारी श्री अंकित रंजन एवं महिला मंडल कारा, भागलपुर की जेल अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला बंदियों को अंग प्रदेश की समृद्ध पारंपरिक मंजूषा लोककला से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। कार्यशाला में मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित द्वारा महिला बंदियों को मंजूषा चित्रकला की पारंपरिक शैली, प्रमुख प्रतीकों, आकृतियों एवं रंगों के प्रयोग की जानकारी दी जा रही है।
इस अवसर पर मंजूषा कला की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि तथा बिहुला-विषहरी की लोकगाथा से इसके गहरे संबंध के बारे में भी जानकारी दी गई। महिला बंदियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मंजूषा चित्रकला की बारीकियों को सीखा तथा रंगों एवं रेखाओं के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल कारा की जेल अधीक्षक ने कहा कि कारा सुधार का उद्देश्य केवल सुरक्षा एवं अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। कला के माध्यम से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई उम्मीद का संचार होता है। महिला बंदियों को अंग प्रदेश की पारंपरिक मंजूषा कला से जोड़ना इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।ICCR के प्रतिनिधि ने कहा कि भारतीय लोककलाएँ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित ने महिला बंदियों को मंजूषा कला की बारीकियों से अवगत कराते हुए कहा कि मंजूषा केवल चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की लोकसंस्कृति, आस्था, लोकगाथा और नारी शक्ति को अभिव्यक्त करने वाली विशिष्ट कला परंपरा है।
दो दिवसीय यह कार्यशाला 8 एवं 9 अगस्त 2026 को आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के माध्यम से महिला बंदियों को अपनी सृजनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ अपनी क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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District Administration Patna 
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भागलपुर, 08 अगस्त 2026: महिला मंडल कारा, भागलपुर में महिला बंदियों के लिए *मंजूषा के रंगों से उम्मीदों की नई कहानी* विषय पर दो दिवसीय कला कार्यशाला का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations–ICCR), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन ICCR के प्रतिनिधि, मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित, शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर के जेल अधीक्षक, कला सांस्कृतिक पदाधिकारी श्री अंकित रंजन एवं महिला मंडल कारा, भागलपुर की जेल अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला बंदियों को अंग प्रदेश की समृद्ध पारंपरिक मंजूषा लोककला से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। कार्यशाला में मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित द्वारा महिला बंदियों को मंजूषा चित्रकला की पारंपरिक शैली, प्रमुख प्रतीकों, आकृतियों एवं रंगों के प्रयोग की जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर मंजूषा कला की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि तथा बिहुला-विषहरी की लोकगाथा से इसके गहरे संबंध के बारे में भी जानकारी दी गई। महिला बंदियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मंजूषा चित्रकला की बारीकियों को सीखा तथा रंगों एवं रेखाओं के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल कारा की जेल अधीक्षक ने कहा कि कारा सुधार का उद्देश्य केवल सुरक्षा एवं अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। कला के माध्यम से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई उम्मीद का संचार होता है। महिला बंदियों को अंग प्रदेश की पारंपरिक मंजूषा कला से जोड़ना इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।ICCR के प्रतिनिधि ने कहा कि भारतीय लोककलाएँ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंजूषा कला गुरु श्री मनोज पंडित ने महिला बंदियों को मंजूषा कला की बारीकियों से अवगत कराते हुए कहा कि मंजूषा केवल चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि अंग प्रदेश की लोकसंस्कृति, आस्था, लोकगाथा और नारी शक्ति को अभिव्यक्त करने वाली विशिष्ट कला परंपरा है। दो दिवसीय यह कार्यशाला 8 एवं 9 अगस्त 2026 को आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के माध्यम से महिला बंदियों को अपनी सृजनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ अपनी क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। Bhagalpur District Administration District Administration Patna DM Darbhanga District Administration, Madhubani Madhepura District Administration Banka District Administration Information & Public Relations Department, Government of Bihar

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