अजब-गजब: क्या जेल से छूटने का इंतजार कर रहा था विभाग? 48 दिनों की 'रहस्यमयी' खामोशी के बाद दो बड़े रसूखदार अफसरों पर गिरी गाज!
रिश्वत कांड में सलाखों के पीछे पहुंचे अभियंताओं पर डेढ़ महीने बाद हुआ एक्शन; जब अदालत से मिलने लगी बेल, तब जागा महकमा
सवा लाख से अधिक के घूस मामले में दबोचे गए थे दोनों अधिकारी; अब हजारीबाग मुख्य अभियंता दफ्तर में काटेंगे 'सजा'
हजारीबाग: जब रसूख और भ्रष्टाचार के तार आपस में जुड़ते हैं, तो प्रशासनिक गलियारों में कुछ ऐसी कहानियां लिखी जाती हैं जो व्यवस्था की मंशा पर ही गंभीर सवाल खड़े कर देती हैं। एक ऐसा ही बेहद चौंकाने वाला और रहस्य से भरा मामला झारखंड के हजारीबाग जिले से सामने आया है, जहां जल संसाधन विभाग की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अमूमन घूसखोरी के संगीन आरोपों में गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही निलंबन (सस्पेंशन) का हंटर चल जाता है, लेकिन यहां कहानी बिल्कुल उलट है। विभाग पूरे 48 दिनों तक गहरी नींद में सोया