मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" पन्ना जिले से एक ऐसी ही प्रेरणादायक खबर सामने आई है। ग्राम हिनौती (बेली) के छत्रपाल सिंह सोलंकी ने भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट बनकर अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है। लेकिन यह सफलता रातों-रात नहीं मिली; इसके पीछे छिपा है 7 साल का लंबा संघर्ष और अनगि