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*सीआईए स्टाफ-2 भिवानी ने कोरियर के माध्यम से गुजरात में अंग्रेजी शराब तस्करी करने के मामले में दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, 72 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद।*

Bhiwani, Bhiwani | Jun 3, 2026

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Bhiwani, Bhiwani | Jun 3, 2026

- पीएनडीटी टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मारे छापे 
- गर्भवती महिलाओं की जांच का रिकॉर्ड खंगाला
भिवानी, 3 जून। जिले में लिंगानुपात के सुधार को लेकर डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में और सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग निरंतर छापामारी अभियान चला रहा है। चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में गठित पीएनडीटी टीम ने बुधवार को शहर में विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापा मारा और रिकॉर्ड की जांच की।
पीसीपीएनडीटी टीम में नोडल ऑफिसर डॉ अन्नू चौधरी ने बुधवार को शहर में सिटी नर्सिंग होम,चुघ अस्पताल, भिवानी हार्ट क्लिनिक,वंदना अस्पताल,सोनकशी आइवीएफ सेंटर, धमिजा अस्पताल अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की जाच की। डॉ अन्नू ने बताया कि  जांच के दौरान संबधित रिकॉर्ड ठीक पाया गया। उन्होने बताया जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं तथा सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सख्त निर्देश दिए की गर्भवती महिला की पूरी डिटेल, उसका नाम, उसका पता, आधार कार्ड नंबर, फोन नंबर तथा आरसीएच आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज हो । 
उन्होंने बताया कि
स्वास्थ्य विभाग की नजर उन सभी दंपतियों के ऊपर विशेष तौर पर है, जिनकी पहली संतान या दूसरी संतान लड़की है। महिला के पूर्व में कितने बच्चे हैं, इसका स्पष्ट उल्लेख लिखा जाए । यदि महिला की पहली संतान लड़की है तो उस केस पर विशेष निगरानी रखने हेतु और पीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी अधिकृत एमटीपी सेंटर के द्वारा कोई भी 10 से 20 सप्ताह तक की गई एमटीपी के रिकॉर्ड में गर्भ के लिंग का उल्लेख करना सख्त जरूरी है।  संबंधित केन्द्रों पर रजिस्टर में समस्त संबंधित रिकॉर्ड मेंटेन रखना होगा। यही नहीं एमटीपी रिकॉर्ड से संबंधित महिला की आरसीएच आईडी को लिखना होगा । 
उन्होंने बताया कि केवल निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नजर सभी सरकारी संस्थानों पर भी है। सिविल सर्जन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने अब और सख्ती कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा पीएनडीटी केन्द्रों की जांच का विशेष जांच अभियान चलाने हेतु जिला स्तरीय पीसीपीएनडीटी जांच टीम का गठन किया गया है । वहीं सिविल सर्जन ङा रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि जांच अभियान के दौरान टीम को किसी भी केंद्र पर किसी भी स्तर पर यदि कोई भी अनियमितता पाई गई तो उस केन्द्र का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। जांच के दौरान हरियाणा सरकार के पीसीपीएनडीटी नियमों की अनदेखी करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्र तथा एमटीपी सेंटर को नोटिस जारी किया जाएगा। टीम को जहां पर भी कमियां मिलेंगी, उन केंद्रों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और पीएनडीटी नियमों की पालना में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीम जिले के सभी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रिकॉर्ड जांच करेगी।  अल्ट्रासाउंड केंद्र व एम.टी.पी. केंद्र की जांच का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं है बल्कि जिले के लिंग अनुपात में स्थाई सुधार लाना है । 

पीसीपीएनडीटी टीम में नोडल ऑफिसर डॉ अनु चौधरी ने आज सिटी नर्सिंग होम,चुघ अस्पताल,भिवानी हार्ट क्लिनिक,वंदना अस्पताल,सोनकशी IVF सेंटर,धामिजा अस्पताल अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की जाच की  जिसमें जांच के दौरान संबधित रिकॉर्ड ठीक पाया गया । उन्होने बताया जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं तथा सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सख्त निर्देश दिए की गर्भवती महिला की पूरी डिटेल, उसका नाम, उसका पता, आधार कार्ड नंबर, फोन नंबर तथा आरसीएच आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज हो । 

स्वास्थ्य विभाग की नजर उन सभी दंपतियों के ऊपर विशेष तौर पर है जिनकी पहली संतान या दूसरी संतान लड़की है । महिला के पूर्व में कितने बच्चे हैं इसका स्पष्ट उल्लेख लिखा जाए । यदि महिला की पहली संतान लड़की है तो उस केस पर विशेष निगरानी रखने हेतु और पीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं । जिले के सभी अधिकृत एमटीपी सेंटर के द्वारा कोई भी 10 से 20 सप्ताह तक की गई एमटीपी के रिकॉर्ड में गर्भ के लिंग का उल्लेख करना सख्त जरूरी है । संबंधित केन्द्रों पर रजिस्टर में समस्त संबंधित रिकॉर्ड मेंटेन रखना होगा । यही नहीं एमटीपी रिकॉर्ड से संबंधित महिला की आरसीएच आईडी को लिखना होगा। उन्होंने बताया कि केवल निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नजर सभी सरकारी संस्थानों पर भी है ।

- पीएनडीटी टीम ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मारे छापे - गर्भवती महिलाओं की जांच का रिकॉर्ड खंगाला भिवानी, 3 जून। जिले में लिंगानुपात के सुधार को लेकर डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में और सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग निरंतर छापामारी अभियान चला रहा है। चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में गठित पीएनडीटी टीम ने बुधवार को शहर में विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापा मारा और रिकॉर्ड की जांच की। पीसीपीएनडीटी टीम में नोडल ऑफिसर डॉ अन्नू चौधरी ने बुधवार को शहर में सिटी नर्सिंग होम,चुघ अस्पताल, भिवानी हार्ट क्लिनिक,वंदना अस्पताल,सोनकशी आइवीएफ सेंटर, धमिजा अस्पताल अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की जाच की। डॉ अन्नू ने बताया कि जांच के दौरान संबधित रिकॉर्ड ठीक पाया गया। उन्होने बताया जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं तथा सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सख्त निर्देश दिए की गर्भवती महिला की पूरी डिटेल, उसका नाम, उसका पता, आधार कार्ड नंबर, फोन नंबर तथा आरसीएच आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज हो । उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की नजर उन सभी दंपतियों के ऊपर विशेष तौर पर है, जिनकी पहली संतान या दूसरी संतान लड़की है। महिला के पूर्व में कितने बच्चे हैं, इसका स्पष्ट उल्लेख लिखा जाए । यदि महिला की पहली संतान लड़की है तो उस केस पर विशेष निगरानी रखने हेतु और पीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी अधिकृत एमटीपी सेंटर के द्वारा कोई भी 10 से 20 सप्ताह तक की गई एमटीपी के रिकॉर्ड में गर्भ के लिंग का उल्लेख करना सख्त जरूरी है। संबंधित केन्द्रों पर रजिस्टर में समस्त संबंधित रिकॉर्ड मेंटेन रखना होगा। यही नहीं एमटीपी रिकॉर्ड से संबंधित महिला की आरसीएच आईडी को लिखना होगा । उन्होंने बताया कि केवल निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नजर सभी सरकारी संस्थानों पर भी है। सिविल सर्जन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने अब और सख्ती कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा पीएनडीटी केन्द्रों की जांच का विशेष जांच अभियान चलाने हेतु जिला स्तरीय पीसीपीएनडीटी जांच टीम का गठन किया गया है । वहीं सिविल सर्जन ङा रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि जांच अभियान के दौरान टीम को किसी भी केंद्र पर किसी भी स्तर पर यदि कोई भी अनियमितता पाई गई तो उस केन्द्र का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। जांच के दौरान हरियाणा सरकार के पीसीपीएनडीटी नियमों की अनदेखी करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्र तथा एमटीपी सेंटर को नोटिस जारी किया जाएगा। टीम को जहां पर भी कमियां मिलेंगी, उन केंद्रों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और पीएनडीटी नियमों की पालना में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीम जिले के सभी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रिकॉर्ड जांच करेगी। अल्ट्रासाउंड केंद्र व एम.टी.पी. केंद्र की जांच का उद्देश्य केवल जांच करना नहीं है बल्कि जिले के लिंग अनुपात में स्थाई सुधार लाना है । पीसीपीएनडीटी टीम में नोडल ऑफिसर डॉ अनु चौधरी ने आज सिटी नर्सिंग होम,चुघ अस्पताल,भिवानी हार्ट क्लिनिक,वंदना अस्पताल,सोनकशी IVF सेंटर,धामिजा अस्पताल अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की जाच की जिसमें जांच के दौरान संबधित रिकॉर्ड ठीक पाया गया । उन्होने बताया जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं तथा सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सख्त निर्देश दिए की गर्भवती महिला की पूरी डिटेल, उसका नाम, उसका पता, आधार कार्ड नंबर, फोन नंबर तथा आरसीएच आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज हो । स्वास्थ्य विभाग की नजर उन सभी दंपतियों के ऊपर विशेष तौर पर है जिनकी पहली संतान या दूसरी संतान लड़की है । महिला के पूर्व में कितने बच्चे हैं इसका स्पष्ट उल्लेख लिखा जाए । यदि महिला की पहली संतान लड़की है तो उस केस पर विशेष निगरानी रखने हेतु और पीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं । जिले के सभी अधिकृत एमटीपी सेंटर के द्वारा कोई भी 10 से 20 सप्ताह तक की गई एमटीपी के रिकॉर्ड में गर्भ के लिंग का उल्लेख करना सख्त जरूरी है । संबंधित केन्द्रों पर रजिस्टर में समस्त संबंधित रिकॉर्ड मेंटेन रखना होगा । यही नहीं एमटीपी रिकॉर्ड से संबंधित महिला की आरसीएच आईडी को लिखना होगा। उन्होंने बताया कि केवल निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की नजर सभी सरकारी संस्थानों पर भी है ।

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