“सरकारी काम रोको, नहीं तो मार पड़ेगी?” — ठेकेदार कंपनी ने पार्षद बिन्दे भड़ाना के समर्थकों पर लगाया हमला और अवैध वसूली का आरोप
फरीदाबाद। अनंगपुर चौक-चार्मवुड क्षेत्र में चल रहे एक सरकारी प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। परियोजना का कार्य कर रही कंपनी एम/एस कुमारजी लाल ने एफएमडीए के मुख्य अभियंता को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि क्षेत्र के एक पार्षद के समर्थकों ने साइट पर मौजूद उनके सुपरवाइजर के साथ मारपीट की और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की।
कंपनी के अनुसार, उनका सुपरवाइजर दुर्गेश शर्मा विभागीय निर्देशों के तहत कार्य की निगरानी कर रहा था। आरोप है कि पार्षद कार्यालय से निकले दो लोगों ने पहले उससे काम के बारे में पूछताछ की और फिर बिना किसी उकसावे के उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के बाद हमलावर दोबारा उसी कार्यालय में लौट गए।
मामले को और गंभीर बनाते हुए कंपनी ने आरोप लगाया है कि पहले भी काम रुकवाने के लिए उन पर अवैध धन उगाही (एक्सटॉर्शन) का दबाव बनाया गया था। इतना ही नहीं, कंपनी का कहना है कि काम बंद न करने पर खनन का मामला दर्ज कराने की धमकी तक दी गई थी। विभाग द्वारा दोबारा काम शुरू करने के निर्देश मिलने के बाद जैसे ही कार्य शुरू हुआ, उनके सुपरवाइजर पर हमला हो गया।
शिकायत में कहा गया है कि इस घटना के बाद कर्मचारी भयभीत हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे साइट पर काम नहीं करेंगे।
कंपनी ने एफएमडीए और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप, सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी परियोजना का काम आगे जारी रखना संभव नहीं होगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या सरकारी परियोजना पर मंडरा रहा यह विवाद जल्द सुलझ पाता है या नहीं।