आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार : मन्नत राणा
आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में निकाली गई जागरूकता रैली
एसडीएम मन्नत राणा ने रैली को झंडी दिखाकर किया रवाना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का किया आह्वान
पंचकूला, 21 सितंबर: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला की ओर से आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता रैली और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचकूला एसडीएम मन्नत राणा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उन्होंने संस्थान प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
एनआईए में पहुंचने पर डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व, प्रोफेसर प्रह्लाद रघु और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग ने मुख्यातिथि एसडीएम मन्नत राणा को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मन्नत राणा ने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा परंपरा के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार है। आयुर्वेद का मूल उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ रखते हुए रोगों की रोकथाम और संतुलित जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। आज की व्यस्त जीवनशैली में खान-पान, दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजगता का विशेष महत्व है।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य व्यक्ति को स्वस्थ रखने के साथ रोगों से मुक्त रखना भी है। एनआईए की ओर से आयुर्वेद के प्रति प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से लाभवांतित हो सकें।
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति ने कहा कि आयुर्वेद में उपलब्ध ज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
जागरूकता रैली के संयोजक प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने बताया कि आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस जागरूकता रैली का उद्देश्य आमजन को आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
डीएसएस डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिसमें जागरूकता रैली से लेकर पर्यावरण संरक्षण शामिल है।
इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. मंजू सैनी, प्रोफेसर डॉ. सुमित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुंजन वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मेघना वैद्य, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि प्रकाश गुरव, एसोसिट प्रोफेसर डॉ. रिचा मोहन, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वैभव दत्तात्रय फरताले, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समित मसंद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धवल जी मकवाना, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता नेगी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत परमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मैत्री एचएस, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अश्वति पी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेश एम, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसी ग्रेवाल और डॉ. शीन्षा पी तथा प्रशासनिक अधिकारी सतपाल ऐसवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
एसडीएम ने औषधीय पौधों का जाना महत्व
जागरूकता रैली के बाद संस्थान प्रांगण में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयुर्वेद से जुड़े औषधीय पौधों को लगाया गया। एसडीएम मन्नत राणा ने एनआईए की पहल की सराहना की और उन्होंने औषधीय पौधों का महत्व जाना।
माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति ने कहा कि पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वस्थ जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण है। औषधीय पौधे आयुर्वेद की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। पौधारोपण के संयोजक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पमनानी ने बताया कि औषधीय पौधे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि नागरिक आयुर्वेद को अपनी दैनिक जीवनशैली से जोड़ें, स्वस्थ आदतें अपनाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।