घरेलू हिंसा, अपराध, आर्थिक तंगी और सबसे महत्वपूर्ण बर्बाद होती गांव की युवा पीढ़ी। इन सभी परेशानियों की समस्या की जड़ नशे की लत और गांव में बिकने वाली कच्ची-पक्की शराब, जिससे निजात पाने के लिए अब गांव के लोग संगठित हो गए है। पुलिस प्रशासन के सहयोग से गांव को नशा मुक्त बनाने की कवायद शुरू हुई है। जिसका बीड़ा गांव की महिलाओं ने उठाया है। बात हो रही है ग्राम कोड़मी