कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग ने बिना चीर-फाड़ के 7 मरीजों के सफल हार्ट प्रोसीजर किए, इनमें 3 बच्चे भी शामिल रहे। मरीजों को केवल लोकल एनेस्थीसिया देकर पैर की नस के रास्ते कैथेटर से हृदय तक पहुंचकर उपचार किया गया। सभी मरीजों को अगले ही दिन डिस्चार्ज कर दिया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. भंवर लाल रणवा ने बताया कि दो साल में इस तकनीक से 55 से अधिक प्रोसीजर किए जा चुके हैं।
Ladpura, Kota | Sep 14, 2026