*पशुधन के नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष फोकस करें – कलेक्टर*
*कृत्रिम गर्भाधान, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मुख्यमंत्री क्षीर धारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश*
मुरैना, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा है कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन एवं सहकारिता क्षेत्र को भी समान प्राथमिकता देना आवश्यक है। पशुधन के नस्ल सुधार, वैज्ञानिक पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ने से दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
वह शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, मुरैना में आयोजित पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता एवं गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन पशु चिकित्सकों द्वारा 500 से कम कृत्रिम गर्भाधान किए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि किसी ग्राम से सूचना प्राप्त होने के बाद भी संबंधित अधिकारी समय पर उपलब्ध नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने एवीएफओ एवं मैत्री कार्यकर्ताओं को किसानों से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सतत संवाद एवं समयबद्ध सेवाएं ही विभागीय लक्ष्यों की सफलता का आधार हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री क्षीर धारा ग्राम योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चयनित ग्रामों में शत-प्रतिशत टीकाकरण, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पशु पोषण प्रबंधन, नस्ल सुधार, आवारा पशुओं का प्रभावी प्रबंधन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का अधिकतम वितरण तथा विभागीय योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्तर पर योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं और पात्र पशुपालकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि आगामी माह की समीक्षा बैठक में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित एवीएफओ का अन्य विकासखंड में स्थानांतरण किया जाएगा।
बैठक में उप संचालक पशुपालन डॉ. बी.के. शर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी, एवीएफओ, मैत्री कार्यकर्ता एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।