मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ वामपंथी दलों का प्रदर्शन, मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट क्षेत्र में बुधवार को वामपंथी दलों और वामपंथी विचारधारा से जुड़े अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और पूरे क्षेत्र में चक्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र को खतरे में बताते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल सत्यम प्रजापति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी भी उचित नहीं है, जबकि लोगों को न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।
वहीं, कामरेड जयप्रकाश नारायण ने कहा कि उनकी पहले से तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें एफआईआर रद्द करने, एफआईआर के बाद बनी सरकारों को बर्खास्त करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग शामिल है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने और आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ कथित अभद्रता एवं उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ यौन अपराधों के तहत मुकदमा दर्ज करने की दो अन्य मांगें भी जोड़ी गई हैं।
कामरेड जयप्रकाश नारायण ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस और असामाजिक तत्वों के बीच गठजोड़ होता है तो लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा होगा। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में स्थिति ऐसी ही बनी रही तो लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर होंगे।