नीट परीक्षा में धांधली की निष्पक्ष जांच, एआईआईएमएस की निगरानी में परीक्षा संचालन व शिक्षा सुधारों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा - रमेश चंद्र डाड
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत प्रथम चरण के आंदोलन मे देश के समस्त जिला कलेक्टर कार्यालयों पर ज्ञापन घोषित किया गया, जिसके तहत आज ज्ञापन कार्यक्रम रखा गया, दूसरा और तीसरा चरण का कार्यक्रम में राष्ट्रीयस्तरीय आंदोलन होगा।
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को जिला मुख्यालय भीलवाड़ा पर विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों की ओर से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम कलक्टर भीलवाड़ा को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भारतीय विद्यार्थी छात्रावास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल सिंघानिया ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि नीट एवं यूजी परीक्षा में सामने आई गंभीर अनियमितताओं एवं धांधली ने देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से इस प्रकरण का समाधान नहीं हो सकता। इस पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई प्रमुख मांगें - (1) वर्तमान नीट परीक्षा प्रणाली की समीक्षा कर चिकित्सा प्रवेश परीक्षा का संचालन एआईआईएमएस की निगरानी में पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कराया जाए, (2) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच की जाए तथा नीट, एसएससी (सीजीएल) सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाले पेपर लीक पर सख्त रोक लगाई जाए, (3) जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं तथा छात्र उत्पीड़न के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। (4) शिक्षा के निजीकरण, विद्यालयों के बंद होने एवं बढ़ते ड्रॉपआउट को रोकने के लिए नई शिक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएं, (5) देश में ’समान शिक्षा व्यवस्था’ लागू की जाए तथा सभी विद्यार्थियों के लिए न्यायसंगत समान फीस नीति बनाई जाए। (6) उत्तर प्रदेश स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर की काटी गई लगभग 52 प्रतिशत सीटों को पुनः बहाल किया जाए, (7) केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी विभागों में वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर तुरंत नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, (8) वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए, (9) छात्राओं के साथ होने वाले शोषण पर प्रभावी रोक लगाकर उनके अधिकारों व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए, (10) चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता व विश्वसनीयता सुनिश्चित करने हेतु ईवीएम व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
ज्ञापन प्रस्तुत करने के दौरान मोतीलाल सिंघानिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय विद्यार्थी छात्रावास संघ, नई दिल्ली), राधेश्याम एरवाल (राष्ट्रीय महासचिव सोशल मीडिया भारतीय विद्यार्थी मोर्चा), रामेश्वर दसलानिया, सुरेश प्रजापत, रमेश कीर, ओम प्रकाश रेगर(आसोप ), चन्द्र प्रकाश लौहार, हीरालाल बेरवा, मेघराज (पेंटर), एडवोकेट भैरूलाल बैरवा, सीताराम रेगर, श्यामलाल धोबी, लाला राम रेगर, मुकेश रेगर, ओम प्रकाश रेगर, माधुलाल खटीक, नंदलाल धोबी, रोहित मेहरा आदि उपस्थित थे।