एयर स्कवाड्रन एनसीसी बीएचयू द्वारा कैडेट्स को ड्रोन फ्लाइंग की ट्रेनिंग दी गई, 328 कैडेट्स हुए शामिल
वाराणसी : मानव रहित हवाई यान यानी ड्रोन की उपयोगिता निरंतर कृषि, सैन्य निगरानी, फोटोग्राफी, वैज्ञानिक अनुसंधान, आपदा प्रबंधन, सामानों आपूर्ति और अन्य कार्यों में बढ़ रही है। भविष्य में यह एक प्रमुख साधन के रूप में उपयोगी माना जा रहा है।