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*आत्मा शासी परिषद की बैठक में कृषि नवाचार एवं किसानों के क्षमता विकास पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के परिणामों का आकलन, नवाचारी खेती को बढ़ावा एवं कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश* जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निदेशक, आत्मा सहित शासी परिषद के सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं विभागीय योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुँचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी ने गत वर्ष के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों तथा उनकी उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि आत्मा के माध्यम से आयोजित सभी प्रशिक्षण एवं किसान परिभ्रमण कार्यक्रमों का नियमित परिणाम मूल्यांकन (आउटकम असेसमेंट) किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन गतिविधियों से किसानों को कितना व्यावहारिक लाभ प्राप्त हो रहा है तथा उनकी आय एवं कृषि उत्पादन में कितना सकारात्मक परिवर्तन आया है। इसके लिए विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सामान्य फसलों से संबंधित प्रशिक्षण राज्य के भीतर उत्कृष्ट संस्थानों में तथा विशिष्ट एवं नवाचारी कृषि पद्धतियों से जुड़े प्रशिक्षण राज्य के बाहर प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित कराए जाएँ। उन्होंने मशरूम उत्पादन के लिए हिमाचल प्रदेश, स्कैम्पी (मीठे पानी के झींगा) उत्पादन के लिए ओडिशा, पुष्प उत्पादन के लिए पश्चिम बंगाल तथा गव्य आधारित उत्पादों के प्रशिक्षण के लिए हरियाणा के उत्कृष्ट संस्थानों को चिन्हित कर किसानों को प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने हाइड्रोपोनिक्स, मोती उत्पादन तथा अलंकारी (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन जैसी नवाचारी कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि नवाचारी खेती अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों पर समय-समय पर उच्च स्तरीय प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) आयोजित किए जाएँ, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। इस उद्देश्य से किसान प्रेरणा कार्यक्रम एवं अनुभव साझा करने वाले विशेष आयोजनों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रगति (PRAGATI) पोर्टल पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली समीक्षा का उल्लेख करते हुए निर्देश दिया कि जिले में एग्री-स्टैक के क्रियान्वयन की अब तक की प्रगति, किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा इसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि विभाग एवं आत्मा के माध्यम से संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण तथा कृषि यंत्रीकरण से संबंधित गतिविधियों के प्रति अधिकाधिक जागरूक करने पर विशेष बल दिया। बैठक में आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कृषि विकास को गति देने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

Saharsa, Bihar | Aug 7, 2026

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*आत्मा शासी परिषद की बैठक में कृषि नवाचार एवं किसानों के क्षमता विकास पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के परिणामों का आकलन, नवाचारी खेती को बढ़ावा एवं कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश* जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निदेशक, आत्मा सहित शासी परिषद के सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान आत्मा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं विभागीय योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुँचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी ने गत वर्ष के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों तथा उनकी उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि आत्मा के माध्यम से आयोजित सभी प्रशिक्षण एवं किसान परिभ्रमण कार्यक्रमों का नियमित परिणाम मूल्यांकन (आउटकम असेसमेंट) किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन गतिविधियों से किसानों को कितना व्यावहारिक लाभ प्राप्त हो रहा है तथा उनकी आय एवं कृषि उत्पादन में कितना सकारात्मक परिवर्तन आया है। इसके लिए विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सामान्य फसलों से संबंधित प्रशिक्षण राज्य के भीतर उत्कृष्ट संस्थानों में तथा विशिष्ट एवं नवाचारी कृषि पद्धतियों से जुड़े प्रशिक्षण राज्य के बाहर प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित कराए जाएँ। उन्होंने मशरूम उत्पादन के लिए हिमाचल प्रदेश, स्कैम्पी (मीठे पानी के झींगा) उत्पादन के लिए ओडिशा, पुष्प उत्पादन के लिए पश्चिम बंगाल तथा गव्य आधारित उत्पादों के प्रशिक्षण के लिए हरियाणा के उत्कृष्ट संस्थानों को चिन्हित कर किसानों को प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने हाइड्रोपोनिक्स, मोती उत्पादन तथा अलंकारी (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन जैसी नवाचारी कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि नवाचारी खेती अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों के खेतों पर समय-समय पर उच्च स्तरीय प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) आयोजित किए जाएँ, ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। इस उद्देश्य से किसान प्रेरणा कार्यक्रम एवं अनुभव साझा करने वाले विशेष आयोजनों के संचालन का भी निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रगति (PRAGATI) पोर्टल पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली समीक्षा का उल्लेख करते हुए निर्देश दिया कि जिले में एग्री-स्टैक के क्रियान्वयन की अब तक की प्रगति, किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा इसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि विभाग एवं आत्मा के माध्यम से संचालित सभी योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण तथा कृषि यंत्रीकरण से संबंधित गतिविधियों के प्रति अधिकाधिक जागरूक करने पर विशेष बल दिया। बैठक में आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कृषि विकास को गति देने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। - Saharsa News