राजगढ़ में बढ़ा कीवी का कारोबार, 50 से 250 रुपये किलो तक मिल रहा भाव
राजगढ़ में पारंपरिक फल फसलों के बीच अब कीवी भी बागवानों की नई उम्मीद बन रही है। इन दिनों कीवी की तुड़ाई और पैकिंग का दौर जारी है और राजगढ़ की कीवी देश की विभिन्न मंडियों तक पहुंच रही है। बागवानों को गुणवत्ता और आकार के अनुसार करीब 50 से 250 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहा है।
राजगढ़ क्षेत्र में इन दिनों कीवी के बागानों में रौनक है। तुड़ाई के बाद कीवी की ग्रेडिंग और पैकिंग कर इसे अलग-अलग मंडियों में भेजा जा रहा है। एलिसन, ब्रूनो, मोंटी, एबॉट और हेवर्ड जैसी किस्मों की यहां खेती हो रही है।
आड़ू की फसल में फाइटोप्लाज्मा रोग की समस्या के बीच कई बागवान कीवी को वैकल्पिक फल फसल के तौर पर देख रहे हैं। बागवानों का कहना है कि राजगढ़ की जलवायु कीवी के लिए अनुकूल है और बाजार में इसकी मांग भी बनी हुई है।
कीवी कारोबार से जुड़े धर्मवीर सिंह के अनुसार, गुणवत्ता और आकार के आधार पर फिलहाल 50 से 250 रुपये किलो तक भाव मिल रहा है। वहीं बागवान मियां सुंदर सिंह का कहना है कि बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सुविधा मिलने पर क्षेत्र में कीवी का रकबा बढ़ सकता है।
राजगढ़ में कीवी अब सिर्फ बागवानों की नई फसल नहीं, बल्कि आय के एक संभावित वैकल्पिक साधन के रूप में पहचान बना रही है।
न्यूज टुडे हिमाचल के लिए राजगढ़ से रवि दत्त भारद्वाज की रिपोर्ट।
Shimla Urban, Shimla | Sep 22, 2026