प्रेशराइज्ड इरिगेशन सिस्टम एवं सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों के लिए गांवों में लगाएं शिविर
बुंदेलखंड में उद्यानिकी फसलों के विस्तार, फसल विविधीकरण से कृषकों को बनाएं समृद्ध
सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत करें, एनपीए कम कर शून्य पर लाएं
फिशरी प्लेटफॉर्म पर मछुआरों का शतप्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें
कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार करें -
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के सी गुप्ता
किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक और खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
एपीसी की संभागीय समीक्षा बैठक संपन्न
सागर 05 नवंबर 2026
कृषि एवं संबंधित विभागों की संभाग स्तरीय समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने कहा कि बुंदेलखंड में उद्यानिकी फसलों के क्लस्टर विकास और फसल विविधीकरण से कृषकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएं। बुंदेलखंड को समृद्ध बनाना हम सभी का उद्देश्य है। कृषि को फूड प्रोसेसिंग और उद्योगों तथा उद्यानिकी से जोड़कर किसानों की समृद्धि के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
मध्यप्रदेश के विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्य प्रदेश शासन ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में यह वर्ष कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किसान हितैषी कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन का दायित्व है कि इन योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। बैठक में कृषि, सहकारिता तथा उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन विभाग एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की गतिविधियों और योजनाओं की समीक्षा की गई।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने जिला कलेक्टरों को सहकारी बैंकों का एनपीए कम करते हुए समयबद्ध तरीके से शून्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों की अंशपूंजी बढ़ाने, डिफॉल्टर एवं कालातीत किसानों से ऋण वसूली करने तथा वसूल की गई राशि समितियों में जमा कराने के निर्देश दिए।
सहकारिता आयुक्त-सह- पंजीयक श्री दीपक सिंह ने सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को मजबूरी में कामर्शियल बैंकों की ओर रुख न करना पड़े। उन्होंने दुग्ध समितियों एवं उनके सदस्यों के सहकारी बैंकों में खाते खुलवाने के लिए अभियान चलाकर एक माह में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सहकारी बैंकों की कमजोर वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा गया कि बैंकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।
उन्होंने सहकारिता में सहकार के अंतर्गत डीसीडीसी एवं डीएलआईएमसी की नियमित बैठकें आयोजित करने, वर्ष 2027-28 के लिए फसल ऋणमानों की अनुशंसा हेतु जिला स्तरीय तकनीकी समूह की बैठक करने तथा गबन एवं धोखाधड़ी के प्रकरणों की त्रैमासिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। श्री आहूजा ने सागर संभाग में पैक्स के माध्यम से नवीन व्यवसाय प्रारंभ करने की आवश्यकता बताई। बैठक में राज्य शासन की ऋण सरलीकरण योजना एवं कवच योजना की जानकारी दी गई।
*उद्यानिकी फसलों के 1000 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाने पर जोर
संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री सौरभ कुमार सुमन ने विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बताया कि देश में कुल कृषि क्षेत्र के लगभग 16 प्रतिशत हिस्से में उद्यानिकी फसलें ली जाती हैं, जबकि मध्यप्रदेश में यह रकबा 9.5 प्रतिशत है। उन्होंने संभाग में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने तथा किसानों को उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कम लागत एवं कम जगह में उद्यानिकी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इसके लिए प्रगतिशील किसानों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करें। प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यानिकी विभाग की अनुदान योजनाओं का अधिक से अधिक किसानों को लाभ दिलाएं। सब्जी, फल, फूल एवं मसाला उत्पादन तथा प्रसंस्करण के लिए 1000 हेक्टेयर के क्लस्टर तैयार कर गतिविधियां संचालित करें। साथ ही पीएमएफएमई योजना का नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सचिव श्री निशांत बरबड़े ने कहा कि प्रेशराइज्ड इरिगेशन सिस्टम एवं सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में शिविर लगाकर किसानों से आवेदन लेकर संयंत्र शुरू करें। उन्होंने फसलोत्तर प्रबंधन के अंतर्गत फार्म गेट पैक हाउस, कूलिंग यूनिट, कोल्ड स्टोर एवं राइपनिंग चौंबर स्थापित करने के लिए उद्यमियों को अनुदान योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
कम वर्षा एवं कम सिंचाई वाले क्षेत्रों में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए ड्रिप, स्प्रिंकलर, शेडनेट एवं अन्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने को कहा। किसानों को उद्यानिकी फसलों एवं योजनाओं की जानकारी देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने तथा इनमें सफल किसानों, बैंकों के प्रतिनिधियों , कृषि वैज्ञानिकों और किसान संगठनों को आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
*कृषि उत्पादन, फसल विविधीकरण एवं बीज व्यवस्था की समीक्षा
श्री निशांत बरबड़े ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान संभाग में वर्ष 2026-27 के लिए फसलवार क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उत्पादकता की जानकारी ली। उन्होंने जल परियोजनाओं की संख्या, कुल क्षमता तथा जलाशयों एवं बांधों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। कृषि संबंधी स्थायी समितियों की बैठकें आयोजित करने तथा रबी फसलों के लिए किस्मवार बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम पानी वाले क्षेत्रों में कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें अपनाने तथा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। किसान संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। संभाग में रबी फसलों के लिए पर्याप्त बीज उपलब्धता की समीक्षा करते हुए बीज निगम की देनदारियों को समाप्त करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए।
*खाद वितरण की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता जांच के निर्देश
उर्वरक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संभाग में खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने खाद वितरण व्यवस्था, शेष भंडारण, ई-टोकन तथा एक्सेप्शनल हैंडलिंग के अंतर्गत प्राप्त, सत्यापित, लंबित एवं अस्वीकृत आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित कर संख्या शून्य करने के निर्देश दिए। किसी भी स्थ्तिि में मैनुअल टोकन से खाद का वितरण न हो।
उन्होंने कहा कि किसानों को आवश्यकता के अनुसार ही यूरिया का उपयोग करने के लिए समझाइश दें। अधिक मात्रा में यूरिया लेने वाले किसानों का सत्यापन किया जाए। जिलों में उपलब्ध खाद की जानकारी एग्रिस्टैक पोर्टल पर दर्ज करें तथा खाद वितरण की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि नियमों में संशोधन के बाद अब डबल लॉक केंद्रों पर पांच पीओएस मशीनों का उपयोग किया जा सकता है। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को डबल लॉक केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा केंद्रों एवं समितियों में खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसानों को डीएपी के साथ टीएसपी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित करने को कहा।
*अमानक खाद-बीज एवं कीटनाशक विक्रय पर होगी कार्यवाही
बैठक में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशकों के गुणवत्ता नियंत्रण के अंतर्गत की गई सैंपलिंग एवं कार्यवाही की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि अलग-अलग दुकानों से नियमित रूप से नमूने लेकर जांच कराई जाए। जांच में अमानक पाए जाने पर संबंधित खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित एवं निरस्त करने के साथ एफआईआर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए योजना में किसानों का कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि फसलों में नुकसान होने पर समय पर एवं सटीक सर्वे कराएं, जिससे प्रभावित किसानों को समय पर बीमा राशि मिलना सुनिश्चित हो सके।
*मंडियों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करें, किसानों का समय बचाएं
ई-मंडी, मंडीवार संव्यवहार एवं औसत संपादन समय की समीक्षा करते हुए मंडियों में किसानों के प्रवेश एवं निकास का औसत समय कम करने तथा नीलामी की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। तौल संख्या एवं भुगतान पत्रकों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक किसानों को फार्मगेट एप से जोड़ने पर जोर दिया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि मंडियों में खरीदी-बिक्री के साथ आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जाए। इसके अंतर्गत साइलो, कोल्ड स्टोर, भंडारगृह, बैंक एवं एटीएम सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए।
*नरवाई जलाने पर कार्यवाही, किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी दें
समीक्षा बैठक में नरवाई एवं पराली जलाने की घटनाओं की समीक्षा करते हुए नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिला एवं अनुभाग स्तर पर हार्वेस्टर संचालकों की बैठक आयोजित कर किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करने को कहा। किसानों की कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, ड्रिलर एवं मल्चर जैसी वैज्ञानिक विधियों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
*मत्स्य पालन को बढ़ावा देने स्मार्ट फिश पार्लर स्थापित करें
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता ने एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति, संभाग में केज कल्चर, बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज तथा अधोसंरचना निर्माण की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि योजना के अंतर्गत फिशरी प्लेटफॉर्म पर मछुआरों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मछुआ योजना के तहत स्मार्ट फिश पार्लर स्थापना के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए।
सचिव मत्स्य महासंघ श्री अनुराग ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं नगर निगम आयुक्त को उचित स्थानों पर स्मार्ट फिश पार्लर स्थापित कराने तथा इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मत्स्य विभाग की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मत्स्य किसानों तक पहुंचाने तथा जलाशयों से अतिक्रमण हटाकर उनका संचालन पंजीकृत मत्स्य कृषकों के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*पशुपालन में नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान दुग्ध क्रय, संग्रहण एवं प्रसंस्करण, पशुओं के टीकाकरण, नस्ल सुधार तथा पशु चारे की उपलब्धता के लिए संभाग में स्थित साइलेज इकाइयों की समीक्षा की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री गुप्ता ने कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुओं की नस्ल सुधारने तथा पशुपोषण के लिए साइलेज इकाइयों की स्थापना हेतु उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भीमराव कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर योजना एवं राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने को कहा। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान में सेक्स-सॉर्टेड सीमेन का ही उपयोग करने तथा अवर्णित मादा पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार करने पर जोर दिया। पशु मेलों को पुनर्जीवित कर व्यापक स्तर पर आयोजन कराने, संभाग की गौशालाओं में गौवर्धन पूजा आयोजित करने तथा गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत चयनित गायों को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन, मैत्री कार्यकर्ताओं, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों तथा गोपालन लखपति दीदी योजना की भी समीक्षा की गई।
*मार्च 2027 तक सिंचित रकबे में 3.57 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी
संभाग आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.सी. गुप्ता द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मार्च 2027 तक संभाग में 3.57 लाख हेक्टेयर सिंचित रकबे में वृद्धि होगी। इसके लिए कलेक्टरों को बढ़े हुए सिंचित रकबे के अनुरूप फसलों का निर्धारण कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त श्री गुप्ता के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
इस दौरान श्री दिलीप कुमार यादव कलेक्टर सागर, श्री विवेक श्रोत्रिय कलेक्टर टीकमगढ़, श्रीमति जमुना भिडे कलेक्टर निवाड़ी, श्री हर्ष सिंह कलेक्टर पन्ना, श्री मृणाल मीणा कलेक्टर छतरपुर, श्री प्रताप नारायण यादव कलेक्टर दमोह , संभाग के सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित कृषि एवं संबंधित विभागों के संभागीय एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
Panna, Panna | Nov 6, 2026