300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर हरीश कुमार बने जीवनदाता, रक्तदान से बचाईं मासूम और कैंसर मरीज की जान
चित्तौड/जोधपुर जब इंसानियत पुकारती है, तब न दूरी मायने रखती है और न ही कठिनाइयाँ। जैसलमेर जिले के आदर्श ग्रामदानी गांव कबीर बस्ती निवासी अमृतलाल के पुत्र एवं ग्रामदानी अध्यक्ष छोटू राम के पौत्र,युवा समाजसेवी एवं जवाहर नवोदय विद्यालय, बाड़मेर में म्यूजिक एक्सपर्ट के पद पर कार्यरत हरीश कुमार ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर जोधपुर स्थित एम्स पहुँचकर रक्तदान किया और एक सात वर्षीय मासूम तथा कैंसर से जूझ रहे मरीज के जीवन को नई उम्मीद दी। एम्स, जोधपुर में भर्ती 7 वर्षीय भाव्या प्रताप सिंह, पिता जीवराज सिंह राठौड़ ( राजगढ़, चूरू ) को तत्काल A+ रक्त समूह की आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही भानु सेवा संस्थान फलोदी के संरक्षक दमाराम गोगली ने �