बछवाड़ा प्रखंड के रानी एक पंचायत स्थित झमटिया गांव में नाग पंचमी से पहले सांप पकड़ने और उनके प्रदर्शन की एक अनूठी परंपरा है। इस परंपरा के तहत बच्चे, बुजुर्ग और युवा जंगलों से सांप पकड़कर लाते हैं।
हाल ही में झमटिया भगवती स्थान परिसर में ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला। यहां 12 वर्षीय बालक बिट्टू कुमार ने 6 फीट लंबे धामिन सांप का घंटों तक विभिन्न तरीकों से प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग माता भगवती और सांप के दर्शन के लिए जमा हुए।
झमटिया भगवती स्थान में कई वर्षों से मां विषहर और नाग देवता की पूजा की जाती है। नाग पंचमी के दिन यहां दर्जनों सांपों का प्रदर्शन किया जाता है। सावन महीने की पंचमी तिथि को पड़ने वाली नाग पंचमी पर हजारों श्रद्धालु इस पावन स्थल पर जुटते हैं और फूल, दीप, प्रसाद व झाप चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं।
मान्यता है कि इस स्थल पर सच्चे मन से अर्जी लगाने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जब 12 वर्षीय छात्र बिट्टू कुमार से सांप पकड़ने के बारे में पूछा गया, तो उसने बताया कि माता भगवती के आशीर्वाद से उसे कोई डर नहीं लगता। वह पिछले चार वर्षों से नाग पंचमी से पहले जंगलों से सांप पकड़ रहा है।
बिट्टू कुमार ने यह भी बताया कि वे नाग पंचमी के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर दर्जनों सांपों का प्रदर्शन करते हैं। उसने मैया भगवती की महिमा को अपरंपार बताते हुए कहा कि उनके दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, और इसी आशीर्वाद के कारण उसे डर नहीं लगता।
इस पावन स्थल पर मां विषहर और नाग देवता की पूजा की शुरुआत दिवंगत रघुनंदन पासवान ने की थी। उनके बाद शत्रुघन भगत और भोला भगत ने पूजा-अर्चना की। वर्तमान में उनके देहांत के बाद राम जी भगत विधि-विधान से पूजा संपन्न करा रहे हैं।