प्रयागराज में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायपालिका, अधिवक्ताओं और सुशासन पर रखी विस्तृत बात
अधिवक्ताओं के कल्याण, न्यायिक ढांचे के आधुनिकीकरण और पुलिस सुधारों को गिनाया सरकार का प्रमुख एजेंडा
युवाओं से संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण और तकनीक के साथ न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का किया आह्वान
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायपालिका, अधिवक्ताओं की भूमिका, पुलिस एवं न्यायिक ढांचे के आधुनिकीकरण, अधिवक्ता कल्याण और सुशासन जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, संविधान और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में अधिवक्ताओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत प्रयागराज की पावन धरती को नमन करते हुए की। उन्होंने उपस्थित मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महाधिवक्ता अजय मिश्रा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा, न्यायमूर्तियों, अधिवक्ताओं एवं अन्य अतिथियों का अभिनंदन किया। साथ ही हिंदी दिवस, हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के सबसे प्रबुद्ध वर्गों में से एक है और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित मोतीलाल नेहरू, पंडित मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने न्याय, संविधान और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि देश की संवैधानिक चेतना और विधिक विमर्श की भी महत्वपूर्ण भूमि है। यहां से अनेक न्यायविद, अधिवक्ता और जननेता निकले, जिन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था को नई दिशा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—अपने-अपने दायित्व निभाते हैं, लेकिन इनके बीच बेहतर समन्वय और संवाद लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में बार और बेंच न्याय रूपी रथ के दो महत्वपूर्ण पहिए हैं और दोनों के बीच स्वस्थ संवाद आवश्यक है।
सरकार द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस बल के लगभग 45 प्रतिशत पद रिक्त थे। आज व्यापक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से स्थिति में बड़ा सुधार किया गया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले प्रतिवर्ष लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 60,000 तक पहुंचाया गया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में आधुनिक पुलिस भवन, बैरक और अन्य सुविधाओं का विकास किया गया है।
उन्होंने न्यायिक आधारभूत संरचना को लेकर कहा कि पहले कई जिलों में अधीनस्थ न्यायालय किराए के भवनों में संचालित होते थे। अब प्रदेश सरकार आधुनिक इंटीग्रेटेड कोर्ट बिल्डिंग, फास्ट ट्रैक कोर्ट, अदालतों के डिजिटलीकरण, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा तकनीकी संसाधनों के विकास पर तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस, अभियोजन और वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर समन्वय से कन्विक्शन रेट बढ़ाने, समय पर चार्जशीट दाखिल करने और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
अधिवक्ता कल्याण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि में सहायता राशि बढ़ाई गई है। सक्रिय अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस योजना, राज्य विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत वृद्धि, लगभग 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने तथा विभिन्न जनपदों में अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर निर्माण जैसी योजनाओं पर सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवा अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे केवल मुकदमों की पैरवी तक स्वयं को सीमित न रखें, बल्कि संविधान, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के सशक्त प्रहरी बनकर समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत आम नागरिक का न्याय व्यवस्था पर विश्वास होता है और समयबद्ध, निष्पक्ष तथा पारदर्शी न्याय उस विश्वास को मजबूत करता है।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्तियों तथा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार हरसंभव सहयोग जारी रखेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अधिवक्ताओं के लिए मल्टीलेवल पार्किंग, चैंबरों में आवश्यक सुविधाओं तथा अन्य प्रस्तावों पर सरकार सकारात्मक सहयोग प्रदान करेगी।
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📅 दिनांक: 14 सितम्बर 2026
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नोट: यह समाचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सार्वजनिक संबोधन के प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है। आधिकारिक एवं विस्तृत जानकारी राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी अभिलेखों के अनुसार मान्य होगी।