कोटा में मिसाल: ब्रह्माकुमारीज ने किन्नर समाज के साथ मनाया रक्षाबंधन, सभी जीव शिव बाबा की संतान - डॉ. आर बी गुप्ता
कोटा। शहर में आज एक अत्यंत भावुक और मानवता को गर्व करने वाली मिसाल देखने को मिली। जब समाज का एक उपेक्षित वर्ग मुख्यधारा से राखी बंधवाने आया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तलवंडी सेंटर पर रक्षाबंधन पर्व के पावन उपलक्ष्य में किन्नर समाज की वरिष्ठ गुरु सीमा किन्नर जी व उनके शिष्यों का रक्षा सूत्र बांधकर भव्य सम्मान किया गया।
समारोह की अध्यक्षता रोटरी क्लब कोटा के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी रोटेरियन डॉ. आर बी गुप्ता के सानिध्य में हुई। तलवंडी सेंटर की संचालिका ब्रह्माकुमारी देवीशा दीदी एवं रीना दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी देवीशा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि - "हम सभी आत्माएं एक ही परमपिता परमात्मा शिव बाबा की संतान हैं। इस ईश्वरीय घर में जात-पात, ऊँच-नीच और लिंग भेद का कोई स्थान नहीं है। शिव बाबा का दरवाजा हर उस आत्मा के लिए समान रूप से खुला है, जो प्रेम और शांति चाहती है। किन्नर समाज भी हमारे परिवार का ही हिस्सा है।"
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। किन्नर समाज की गुरु सीमा जी ने ब्रह्माकुमारी बहनों को राखी बांधी और सभी को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
डॉ. आर बी गुप्ता का भावुक सम्बोधन -
अपने सम्बोधन में डॉ. आर बी गुप्ता ने कहा - "आज का ये दृश्य मेरे जीवन के सबसे सुंदर दृश्यों में से एक है। हम डॉक्टर हैं, हम जानते हैं कि आत्मा का कोई लिंग नहीं होता। समाज ने इन्हें किन्नर कहकर दूर किया, लेकिन ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय ने इन्हें गले लगाकर सच्चे अर्थों में रक्षाबंधन का मतलब समझाया है।"
उन्होंने आगे कहा - "किन्नर समाज को दया नहीं, सम्मान, प्यार और बराबरी के अवसर की जरूरत है। इन्हें भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का अधिकार मिलना चाहिए। जब तक हम इन्हें अपने परिवार का हिस्सा नहीं मानेंगे, तब तक भारत सच में विश्वगुरु नहीं बन सकता। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय धाम की ये पहल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। मैं इस पुण्य कार्य में शामिल होकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हूँ।"
समारोह में ब्रह्माकुमारी से जुड़ी अनेक माताएं-बहनें, रोटरी क्लब के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की बधाई दी। पूरा वातावरण ओम शांति के जयघोष से गूंज उठा।
यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में बराबरी और मानवता का एक सशक्त संदेश है।
ओम शांति।
2.8k views | Ladpura, Kota | Sep 3, 2026