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Gupta Hospital, Kota

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संत कोशिश जी महाराज की पुण्यतिथि पर इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद का सेवा कार्य, 289 मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

कोटा। संत कोशिश जी महाराज की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद, राजस्थान द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं दवा वितरण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में कुल 289 मरीजों का उपचार एवं स्वास्थ्य परामर्श कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। शिविर का उद्देश्य निर्धन एवं जरूरतमंद लोगों तक वैकल्पिक एवं सुलभ चिकित्सा पद्धति पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम में नगर निगम उप महापौर विवेक राजवंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में यज्ञ दत्त हाड़ा ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद राजस्थान के संरक्षक डॉ. आर. बी. गुप्ता ने की।

मुख्य अतिथि नगर निगम उप महापौर विवेक राजवंशी का उद्बोधन:
  संत कोशिश जी महाराज की पुण्यतिथि पर इस सेवा शिविर का आयोजन सच्ची श्रद्धांजलि है।
  इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद का यह प्रयास मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  आज महंगी चिकित्सा के दौर में गरीबों को निःशुल्क दवा और परामर्श देना पुण्य का कार्य है।
  संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण हो सकता है।
  नगर निगम ऐसे जनसेवी आयोजनों में सदैव सहयोग के लिए तत्पर है।
  मैं 289 मरीजों के उपचार के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं।
  इलेक्ट्रोपैथी पद्धति प्राकृतिक और दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा है, इसे बढ़ावा मिलना चाहिए।
  युवाओं को इस प्रकार के सामाजिक कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
  मैं संत कोशिश जी महाराज को नमन करते हुए परिषद के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।
  आप सभी स्वस्थ रहें, यही मेरी शुभकामना है।

विशिष्ट अतिथि यज्ञ दत्त हाड़ा का उद्बोधन:
   संत कोशिश जी महाराज ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा और आध्यात्म के लिए समर्पित किया।
  उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह चिकित्सा शिविर उनके विचारों को जीवित रखता है।
  इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय है।
   कोटा जैसे शहर में इस तरह के शिविरों की बहुत आवश्यकता है।
  डॉ. आर. बी. गुप्ता के नेतृत्व में परिषद निरंतर जनसेवा कर रही है।
  मैं सभी चिकित्सकों की निःस्वार्थ सेवा भावना को प्रणाम करता हूं।
  स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है, इसे सब तक पहुंचाना हमारा दायित्व है।
  संतों की वाणी और चिकित्सकों की सेवा दोनों ही समाज को जीवन देती हैं।
  मैं आशा करता हूं यह परिषद भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करती रहेगी।
  सभी लाभार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद राजस्थान के संरक्षक डॉ. आर. बी. गुप्ता का इलेक्ट्रोपैथी पद्धति पर उद्बोधन:
  इलेक्ट्रोपैथी एक पूर्णतः हर्बल, प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है।
  इस पद्धति में पौधों के सार से निर्मित दवाओं द्वारा रक्त और लसिका को शुद्ध किया जाता है।
   इसका सिद्धांत है कि रोग का कारण रक्त का दूषित होना है और शुद्धि से ही उपचार संभव है।
  यह पद्धति पूरी तरह से दुष्प्रभाव रहित, सस्ती और प्रभावशाली है।
  काउंट किजर सीजर मैटी द्वारा आविष्कृत यह पद्धति आज पूरे विश्व में प्रचार प्रसार एव  चिकित्सा कर रही है।
  भारत जैसे देश में जहां गरीब तबका महंगे इलाज से वंचित है, इलेक्ट्रोपैथी वरदान है।
  हमारा उद्देश्य इस पद्धति को घर-घर तक पहुंचाना है।
  संत कोशिश जी महाराज ने भी प्राकृतिक जीवन और सेवा का संदेश दिया था।
  आज 289 मरीजों को लाभ देकर हमें आत्मिक संतुष्टि मिली है।
  मैं सभी चिकित्सकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं।

कोटा संभाग प्रभारी डॉ. शादाब अहमद का उद्बोधन:
कोटा संभाग में इलेक्ट्रोपैथी को नई पहचान मिली है। आज के शिविर में आए सभी मरीजों का हमने पूरे मन से परीक्षण किया। हमारी टीम गांव-गांव तक जाकर इस पद्धति का प्रचार कर रही है। भविष्य में हम हर महीने ऐसे शिविर लगाने का लक्ष्य रखते हैं। सभी अतिथियों का हृदय से धन्यवाद।

डॉ. संजय गुप्ता की सेवाएं:
शिविर में डॉ. संजय गुप्ता ने विशेष रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने सुबह से शाम तक लगातार मरीजों का परीक्षण, परामर्श और दवा वितरण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए परिषद ने उनका सम्मान किया।

आभार भाषण - जिला संयोजक डॉ. महावीर बारदानिया:
मैं, जिला सहसंयोजक के रूप में मुख्य अतिथि विवेक राजवंशी , विशिष्ट अतिथि यज्ञ दत्त हाड़ा , हमारे संरक्षक डॉ. आर. बी. गुप्ता , संभाग प्रभारी डॉ. शादाब अहमद , डॉ. संजय गुप्ता सहित सभी चिकित्सकों, मीडिया बंधुओं और 289 लाभार्थी मरीजों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह शिविर सफल हुआ। संत कोशिश जी महाराज की कृपा हम सभी पर बनी रहे।

आयोजक: इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद, राजस्थान
डॉ. आर. बी. गुप्ता, 
संरक्षक 
M 9414190110
Gupta Hospital, Kota
बेटा चुप है , बहू रो रही है ! समाज पूछता है - बच्चा कब होगा ?
शर्म छोड़ो, दोनों आओ - इलाज कराओ 
90% मामलों में गोद भरना संभव है।
|| Gupta Hospital, Kota
Gupta Hospital, Kota
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा के जन्मदिन पर इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद का सेवा कार्य: निःशुल्क शिविर में 187 मरीजों को मिला परामर्श एवं दवाइयां

कोटा, 15 अक्टूबर 2026

कोटा दक्षिण के लोकप्रिय विधायक संदीप शर्मा के जन्मदिन के उपलक्ष्य में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद, कोटा इकाई द्वारा एक विशाल निःशुल्क इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परामर्श एवं औषधि वितरण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में कुल 187 मरीजों को अनुभवी चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया गया एवं निःशुल्क इलेक्ट्रोपैथी दवाइयों का वितरण किया गया।

परिषद के संरक्षक डॉ. आर.बी. गुप्ता एवं संभाग प्रभारी डॉ. शादाब अहमद ने बताया कि शिविर का शुभारंभ रेड क्रॉस सोसायटी, राजस्थान के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।

इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के बारे में -
इलेक्ट्रोपैथी एक पूर्णतः प्राकृतिक, सुरक्षित एवं दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति है, जिसका आविष्कार 1865 में इटली के वैज्ञानिक काउंट सीजर मैटी ने किया था। यह पद्धति 114 प्रकार के पौधों के सार से निर्मित है और शरीर के रक्त एवं लसीका (लिम्फ) को शुद्ध कर रोग को जड़ से ठीक करने पर कार्य करती है। इसमें मात्र 18 मुख्य औषधियों से सभी जटिल एवं असाध्य रोगों का सफल इलाज संभव है। यह पद्धति सस्ती, सरल, पूर्णतः हर्बल और किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए सुरक्षित है। राजस्थान सहित पूरे देश में इस पद्धति से हजारों मरीज लाभान्वित हो रहे हैं 

मुख्य अतिथि रेड क्रॉस सोसायटी राजस्थान के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, "कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा का जन्मदिन सेवा कार्यों से मनाना ही सच्ची जनसेवा है। वे एक युवा, कर्मठ और जनता के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि हैं। इलेक्ट्रोपैथी जैसी प्राचीन और दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुँचाने का यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। रेड क्रॉस सोसायटी सदैव ऐसे सेवा कार्यों के साथ है। मैं संदीप शर्मा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ और उनके दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना करता हूँ।"

परिषद संरक्षक डॉ. आर.बी. गुप्ता ने कहा, "इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति पौधों के सार पर आधारित पूर्णतः सुरक्षित पद्धति है। हमारा लक्ष्य है कि कोटा के हर घर तक इस चिकित्सा का लाभ पहुंचे। विधायक संदीप शर्मा के जन्मदिन पर यह शिविर लगाना हमारे लिए गर्व की बात है।"

कोटा संभाग प्रभारी डॉ. शादाब अहमद ने कहा, "परिषद निरंतर जनहित में कार्य कर रही है। आज के शिविर में जोड़ों के दर्द, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, त्वचा रोग और श्वास रोग से पीड़ित मरीजों ने लाभ लिया।"

अंत में परिषद के डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों, मीडिया बंधुओं और आए हुए सभी मरीजों का आभार व्यक्त किया।
Gupta Hospital, Kota
महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के पावन अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे जी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए डॉ. आर.बी. गुप्ता। 🙏🌸
राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे जी का स्वागत करते हुए डॉ. आर.बी. गुप्ता। 🙏🌸
ल्यूकोडर्मा में सही खान-पान और पोषण का रखें ध्यान। 🥗✨
जानिए क्या खाएं और किन चीज़ों से बचें। 👇
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प्रातः वन्दन सुप्रभात 
प्रभु श्रीनाथ जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे ।
राजस्थान के यशस्वी मुख्यमन्त्री माननीय श्री भजन लाल जी शर्मा का आभार अभिनन्दन करते हुए 
डॉ आर बी गुप्ता , कोटा 
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चिकित्सा प्रकोष्ठ भाजपा राजस्थान
िः संतानता एव यौन रोग से घबराये नहीं इनका इलाज संभव है 
आज ही मिले 
डॉ आर बी गुप्ता
निदेशक 
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर कोटा
क्षमा वीरस्य भूषणम् - Gupta Hospital, Kota
Happy Engineers Day || Gupta Hospital, Kota
|| गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं ||
िः संतानता एव यौन रोग से घबराये नहीं इनका इलाज संभव है 
आज ही मिले 
डॉ आर बी गुप्ता
निदेशक 
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर कोटा
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर, कोटा
वज्रासन - करने की विधि और सम्पूर्ण फायदे

वज्रासन करने की विधि

1. सबसे पहले समतल जगह पर चटाई बिछा लें।
2. घुटनों के बल बैठ जाएं, दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिले रहें।
3. दोनों एड़ियों को बाहर की तरफ निकाल कर नितंबों को बीच में रखें।
4. दोनों हाथों को घुटनों पर रखें, कमर बिल्कुल सीधी रखें।
5. आंखें बंद करके धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें।
6. शुरुआत में 1-2 मिनट बैठें, धीरे-धीरे 10-15 मिनट तक कर सकते हैं।

> विशेष नोट: ये एकमात्र ऐसा आसन है जिसे खाने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है।

वज्रासन के सम्पूर्ण फायदे

1. पाचन के लिए सबसे उत्तम:
- गैस, अपच, एसिडिटी, कब्ज में तुरंत लाभ
- खाने के बाद करने से भोजन जल्दी पचता है

2. पेल्विक और गुप्त रोगों में:
- Kegel Exercise के साथ करने से वीर्य को रोकने की शक्ति बढ़ती है
- महिलाओं में PCOD, सफेद पानी, पीरियड की गड़बड़ी में लाभ
- बवासीर और फिशर के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद

3. अन्य फायदे:
- घुटनों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है
- कमर दर्द और साइटिका में राहत
- मोटापा और जांघों की चर्बी कम करने में सहायक
- मन को शांत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है
- मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी

किसे नहीं करना चाहिए (सावधानी)
- जिनके घुटनों में तेज दर्द, चोट या ऑपरेशन हुआ हो
- रीढ़ की हड्डी में गंभीर समस्या वाले
- गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से ही करें

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पता: 10, रंगविहार स्कीम, रंगबाड़ी मेन रोड,महावीर नगर थर्ड, कोटा
M: 9414190110
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर, कोटा
Kegel Exercise और अश्व मुद्रा (अश्विनी मुद्रा) के फायदे

1. Kegel Exercise के फायदे (पेल्विक फ्लोर मजबूत करना)
- समय से पहले वीर्य स्खलन (Premature Ejaculation) पर नियंत्रण
- प्रोस्टेट ग्रंथि की सूजन और बार-बार पेशाब आने में लाभ
- पेशाब लीक होने (Urine Leakage) की समस्या में फायदा
- कोर मसल्स और पेल्विक मजबूती

2. अश्व मुद्रा के फायदे (गुदा द्वार को अंदर खींचना)
- बवासीर / Piles में बहुत लाभकारी
- महिलाओं में बच्चेदानी को मजबूती, सफेद पानी में फायदा
- कब्ज और पाचन में सुधार
- पेल्विक में खून का दौरा बेहतर होना

3. दोनों के सामान्य लाभ
- पूरे पेल्विक स्वास्थ्य में सुधार
- मूत्र पर नियंत्रण बेहतर
- आत्मविश्वास और शारीरिक संतुलन बढ़ना
- बिना दवा के नैचुरल इलाज

पता: 10, रंगविहार स्कीम, महावीर नगर थर्ड चौराहा के पास, रंगबाड़ी मेन रोड, कोटा
M: 9414190110
आज 4 सितंबर, विश्व यौन स्वास्थ्य दिवस पर आप सभी से एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर बात करना चाहता हूँ। अक्सर हम इस विषय पर खुलकर बात करने से झिझकते हैं, लेकिन याद रखिए, यौन स्वास्थ्य भी हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य का एक अहम हिस्सा है।

[मुख्य जानकारी]

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यौन स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ रोगों का न होना नहीं है। यह शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से स्वस्थ होने की अवस्था है।

मैं आप सभी के लिए 5 प्रमुख बिंदु बताना चाहता हूँ:

पहला - यौन स्वास्थ्य सिर्फ शारीरिक नहीं है: इसका सीधा संबंध हमारे मन और रिश्तों से है। तनाव, चिंता, गलतफहमी और आपसी सम्मान की कमी से भी यौन जीवन प्रभावित होता है। इसलिए पति-पत्नी के बीच खुला संवाद बहुत जरूरी है।

दूसरा - सुरक्षित संबंध और सही जानकारी: आज भी इंटरनेट पर बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई हैं। सही जानकारी न होने से अनचाहा गर्भ, यौन संचारित रोग (STD) जैसे सिफलिस, गोनोरिया, HIV का खतरा बढ़ जाता है। सुरक्षित साधनों का उपयोग और एक ही साथी के प्रति वफादारी सबसे बड़ा बचाव है।

तीसरा - समय पर जांच और इलाज: यदि कोई भी समस्या है - जैसे जलन, सफेद पानी, अनियमितता, संतान प्राप्ति में देरी, तो शर्म छोड़कर तुरंत डॉक्टर से मिलें। याद रखिए, 90% यौन रोग समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। झोलाछाप से बचें, विशेषज्ञ से मिलें।

चौथा - किशोरों को सही यौन शिक्षा: हमारे बच्चों को सही उम्र में सही शिक्षा देना शर्म नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। उन्हें शरीर में होने वाले बदलाव, अच्छे-बुरे स्पर्श, और जिम्मेदार व्यवहार के बारे में बताना जरूरी है, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।

पांचवां - खुलकर बात करें, भ्रांतियों से बचें: यौन कमजोरी का मतलब पुरुषत्व का अंत नहीं है। यह एक मेडिकल समस्या है, जैसे ब्लड प्रेशर या शुगर। इसका वैज्ञानिक इलाज संभव है।

[अंत में संदेश]

इस विश्व यौन स्वास्थ्य दिवस पर मेरा आप सभी से निवेदन है - स्वस्थ यौन स्वास्थ्य को अपनाएं, क्योंकि स्वस्थ यौन स्वास्थ्य ही स्वस्थ जीवन और स्वस्थ परिवार की नींव है।

यदि आपके मन में कोई भी सवाल या समस्या है, तो आप बिना किसी झिझक के हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमारा उद्देश्य आपको डराना नहीं, बल्कि जागरूक बनाना है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

निवेदक -
डॉ आर बी गुप्ता, निदेशक
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर, कोटा
M - 9414190110
कोटा में मिसाल: ब्रह्माकुमारीज ने किन्नर समाज के साथ मनाया रक्षाबंधन, सभी जीव शिव बाबा की संतान - डॉ. आर बी गुप्ता
कोटा में मिसाल: ब्रह्माकुमारीज ने किन्नर समाज के साथ मनाया रक्षाबंधन, सभी जीव शिव बाबा की संतान - डॉ. आर बी गुप्ता

कोटा। शहर में आज एक अत्यंत भावुक और मानवता को गर्व करने वाली मिसाल देखने को मिली। जब समाज का एक उपेक्षित वर्ग मुख्यधारा से राखी बंधवाने आया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, तलवंडी सेंटर पर रक्षाबंधन पर्व के पावन उपलक्ष्य में किन्नर समाज की वरिष्ठ गुरु सीमा किन्नर जी व उनके शिष्यों का रक्षा सूत्र बांधकर भव्य सम्मान किया गया।

समारोह की अध्यक्षता रोटरी क्लब कोटा के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी रोटेरियन डॉ. आर बी गुप्ता के सानिध्य में हुई। तलवंडी सेंटर की संचालिका ब्रह्माकुमारी देवीशा दीदी एवं रीना दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी देवीशा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि - "हम सभी आत्माएं एक ही परमपिता परमात्मा शिव बाबा की संतान हैं। इस ईश्वरीय घर में जात-पात, ऊँच-नीच और लिंग भेद का कोई स्थान नहीं है। शिव बाबा का दरवाजा हर उस आत्मा के लिए समान रूप से खुला है, जो प्रेम और शांति चाहती है। किन्नर समाज भी हमारे परिवार का ही हिस्सा है।"

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। किन्नर समाज की गुरु सीमा जी ने ब्रह्माकुमारी बहनों को राखी बांधी और सभी को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।

डॉ. आर बी गुप्ता का भावुक सम्बोधन -

अपने सम्बोधन में डॉ. आर बी गुप्ता ने कहा - "आज का ये दृश्य मेरे जीवन के सबसे सुंदर दृश्यों में से एक है। हम डॉक्टर हैं, हम जानते हैं कि आत्मा का कोई लिंग नहीं होता। समाज ने इन्हें किन्नर कहकर दूर किया, लेकिन ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय ने इन्हें गले लगाकर सच्चे अर्थों में रक्षाबंधन का मतलब समझाया है।"

उन्होंने आगे कहा - "किन्नर समाज को दया नहीं, सम्मान, प्यार और बराबरी के अवसर की जरूरत है। इन्हें भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का अधिकार मिलना चाहिए। जब तक हम इन्हें अपने परिवार का हिस्सा नहीं मानेंगे, तब तक भारत सच में विश्वगुरु नहीं बन सकता। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय धाम की ये पहल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। मैं इस पुण्य कार्य में शामिल होकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हूँ।"

समारोह में ब्रह्माकुमारी से जुड़ी अनेक माताएं-बहनें, रोटरी क्लब के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की बधाई दी। पूरा वातावरण ओम शांति के जयघोष से गूंज उठा।

यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में बराबरी और मानवता का एक सशक्त संदेश है।

ओम शांति।
रक्षा बंधन पर कोटा में मानवता और समरसता की अनूठी मिसाल - किन्नर गुरु सीमा किन्नर ने डॉ. आर बी गुप्ता को बांधा रक्षा सूत्र

कोटा। रक्षा बंधन का महापर्व जब सामाजिक बंधनों, ऊंच-नीच और भेदभाव की सारी दीवारों को तोड़कर सिर्फ प्रेम और मानवता का पर्व बन जाता है, तब वह सच्चे अर्थों में महापर्व कहलाता है। ऐसी ही एक भावुक कर देने वाली, दिल को छू लेने वाली और पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी तस्वीर आज कोटा में देखने को मिली।

रक्षा बंधन के इस पावन अवसर पर किन्नर समाज की वरिष्ठ गुरु सीमा किन्नर जी ने अपने शिष्यों के साथ रोटरी क्लब कोटा नार्थ के उपाध्यक्ष, गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर के निदेशक रोटेरियन डॉ. आर बी गुप्ता जी के कार्यालय पर पहुंचकर उन्हें रक्षा सूत्र बांधा और हृदय से आशीर्वाद दिया।

जैसे ही गुरु सीमा किन्नर जी ने बड़े ही स्नेह, ममता और वात्सल्य के साथ डॉ. गुप्ता की कलाई पर राखी बांधी, पूरा वातावरण भावुक और पवित्र हो गया। उनकी आंखों में एक बहन का अपने भाई के प्रति अटूट विश्वास था, और डॉ. गुप्ता की आंखों में एक भाई का अपनी बहन के सम्मान और सुरक्षा का अटूट वचन।

गुरु सीमा किन्नर जी ने कहा, "समाज हमें भले ही अलग नजर से देखता हो, लेकिन हमारे दिल में भी एक बहन का प्यार वैसे ही धड़कता है। आज हमने डॉ. साहब को अपना भाई बनाया है। एक डॉक्टर के रूप में वह बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा कर रहे हैं।"

इस आत्मीय मिलन से अभिभूत डॉ. आर बी गुप्ता ने कहा, "आज मेरे जीवन का सबसे भावुक और यादगार रक्षा बंधन है। सच्चा रक्षा बंधन वही है जो समाज के हर वर्ग को एक धागे में पिरो दे। मैं संकल्प लेता हूं कि किन्नर समाज के स्वास्थ्य, सम्मान और अधिकारों के लिए मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा।"
कोटा। रक्षा बंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का, पवित्रता और सुरक्षा के वचन का उत्सव है। इसी दिव्य भावना के साथ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में तलवंडी स्थित सेवा केंद्र पर रक्षा बंधन का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, प्रेम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परमपिता परमात्मा शिव और प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की स्मृति में दीप प्रज्वलन एवं मधुर गीतों के साथ हुआ। केंद्र को अत्यंत सुंदरता से सजाया गया था। "रक्षाबंधन की शुभकामनाएं" का बैनर और पवित्रता का प्रतीक ब्रह्मा बाबा का दिव्य चित्र पूरे वातावरण को अलौकिक बना रहा था।

इस अवसर पर केंद्र की संचालिका आदरणीय ब्रह्माकुमारी देविशा दीदी जी ने रक्षा बंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, "यह राखी केवल कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं है, यह आत्मा की पवित्रता का प्रतीक है। सच्ची राखी तब बंधती है जब हम मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का व्रत लेते हैं और अपनी दृष्टि, वृत्ति को शुद्ध रखते हैं। परमात्मा हमें यही सच्ची रक्षा का सूत्र बांधते हैं।"

भावुक कर देने वाले क्षण में देविशा दीदी एवं रीना दीदी ने डॉ. आर बी गुप्ता सहित उपस्थित सभी भाइयों को बड़े ही स्नेह और पवित्र भाव से रक्षा सूत्र बांधे। यह दृश्य केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक आत्मिक मिलन था। दीदी ने सभी भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर, उनके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और आत्मिक उन्नति की कामना की।

इस अवसर पर डॉ. आर बी गुप्ता ने कहा कि ब्रह्माकुमारी केंद्र पर आकर उन्हें हमेशा शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा, "ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा बांधी गई यह राखी मुझे सांसारिक बंधन से ऊपर उठकर समाज की हर बहन-बेटी की रक्षा, उनके स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा करने का संकल्प दिलाती है। यह मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह राखी मेरे लिए सिर्फ धागा नहीं, एक पवित्र जिम्मेदारी है।"

उन्होंने आगे कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान निस्वार्थ भाव से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, नारी सम्मान और संस्कारों का जो अलख जगा रहा है, वह आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने एक-दूसरे को प्रेम और शांति के साथ रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं। पूरा वातावरण "पवित्रता ही सच्ची सुरक्षा है" के दिव्य संदेश से गूंज उठा। उपस्थित सभी भाइयों ने जीवन में पवित्रता, शांति और भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लिया।
रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के मेंबरशिप सेमिनार में रोटरी क्लब कोटा नॉर्थ की सक्रिय सहभागिता
"सेवा और सदस्यता विस्तार" पर बना जोर - कोटा नॉर्थ ने लिया सशक्त संगठन का संकल्प


रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 द्वारा आयोजित भव्य "मेंबरशिप सेमिनार" आज दौसा में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण सेमिनार में रोटरी क्लब कोटा नॉर्थ ने शानदार प्रतिनिधित्व किया।

कोटा नॉर्थ का प्रतिनिधि मंडल:
सेमिनार में क्लब का प्रतिनिधित्व असिस्टेंट गवर्नर रोटे. विनय अग्निहोत्री, क्लब उपाध्यक्ष रोटे. डॉ. आर. बी. गुप्ता एवं बोर्ड डायरेक्टर रोटे. चन्द्रप्रकाश मीणा ने किया।

सेमिनार की मुख्य बातें:
क्लब उपाध्यक्ष रोटे. डॉ. आर. बी. गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सेमिनार में 4 प्रमुख बिंदुओं पर मंथन हुआ:
1. सदस्यता वृद्धि - नए सदस्य जोड़ने की ठोस रणनीतियां
2. सदस्य प्रतिधारण - पुराने सदस्यों को संगठन से जोड़े रखना
3. सेवा गतिविधियों का विस्तार - रोटरी के सेवा कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना
4. नवाचार और अनुभव साझा - विभिन्न क्लबों ने सदस्यता बढ़ाने के सफल प्रयोग साझा किए

डिस्ट्रिक्ट पदाधिकारियों का आह्वान:
सेमिनार को संबोधित करते हुए डिस्ट्रिक्ट के पदाधिकारियों ने सभी क्लबों से "सदस्यता विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता" देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग्य, कर्मठ और सेवा भावना रखने वाले व्यक्तियों को रोटरी परिवार से जोड़ना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

असिस्टेंट गवर्नर का संदेश:
रोटे. विनय अग्निहोत्री ने कहा कि "रोटरी की सेवा परियोजनाओं और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से हम समाज में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं। इसी से सदस्यता में निरंतर वृद्धि होगी। मुझे विश्वास है कि आज के मार्गदर्शन से सभी क्लबों को सदस्यता विकास की एक नई दिशा मिलेगी।"

कोटा नॉर्थ का संकल्प:
सेमिनार के अंत में रोटरी क्लब कोटा नॉर्थ के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि सेमिनार से प्राप्त सभी सुझावों और अनुभवों को क्लब स्तर पर तुरंत लागू किया जाएगा। इसका लक्ष्य है - सदस्यता का विस्तार कर संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावशाली बनाना।
सभी देशवासियों को साहस और शौर्य के प्रतीक राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
गुप्ता हॉस्पिटल एण्ड फर्टिलिटी रिसर्च सेन्टर |। KOTA