चांडिल डैम से विस्थापित ईचागढ़ के कालीचामदा गांव के लोगों की जिंदगी आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रही है. विस्थापन के 42 साल बीत जाने के बावजूद गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पाई है. हालात इतने खराब हैं कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों को डेढ़ किलोमीटर तक खटिया का सहारा लेना पड़ता है. सड़क की जर्जर स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ा