यह है देवास जिले की खनिज अधिकारी रश्मि पांडे... जब पत्रकारों ने जिले के नर्मदा नदी के अलग-अलग घाटों से रेत के अवैध उत्खनन को लेकर सवाल किया तो उनका रिएक्शन देखने लायक था... आप भी देखिए और अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें...
रेत माफिया से बड़ा सवाल शायद अब जवाबदेही का है। जब नर्मदा के सीने को छलनी करने वाले अवैध उत्खनन पर पत्रकार सवाल पूछते हैं और जिम्मेदार अधिकारी असहज होकर सवालों को टाल देते हैं, तो यह सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न है।
मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था और जीवनरेखा है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि अवैध खनन पर कार्रवाई होगी या सवाल पूछने वालों को ही अनसुना किया जाएगा? यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग स्पष्ट जवाब देने से बचेंगे, तो अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले ही बढ़ेंगे।
अब आवश्यकता प्रतिक्रियाओं की नहीं, बल्कि पारदर्शी कार्रवाई और ठोस जवाबदेही की है। क्योंकि नर्मदा को बचाने की जिम्मेदारी केवल समाज की नहीं, बल्कि उन अधिकारियों की भी है जिन्हें इसके संरक्षण का दायित्व सौंपा गया है।