तीन साल से बन रहा गोबरी नदी का पुल, कागजों में पूरा... जमीनी हकीकत में अब भी अधूरा!
भोजपुर | बड़हरा प्रखंड
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत बड़हरा प्रखंड की गोबरी नदी पर बन रहा पुल और एप्रोच पथ एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन आज भी एप्रोच पथ पूरी तरह तैयार नहीं हुआ। इसके बावजूद कागजों में कार्य पूरा दर्शाया जा रहा है।
इतना ही नहीं, निर्माण स्थल पर लगे तीनों सरकारी सूचना पट्ट भी गंभीर खामियों से भरे पड़े हैं।
पहुंच पथ की लंबाई का उल्लेख नहीं।
तकनीकी विवरण वाले कई कॉलम खाली।
संवेदक का मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं।
अनुरक्षण (मेंटेनेंस) संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी अधूरी।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे एप्रोच पथ और घटिया पिचिंग के कारण पुल का लाभ लोगों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब निर्माण कार्य अधूरा है, तो सरकारी अभिलेखों में इसे पूरा कैसे दिखाया जा रहा है?
क्या यह महज लापरवाही है या फिर सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?
अब सबकी निगाहें ग्रामीण कार्य विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि वे इन सवालों का जवाब कब देते हैं।
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