स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य सलाहकार पुरुषोत्तम पांडा ने गुरुवार को विकासखंड खड़गवां की ग्राम पंचायत पौड़ीडीह, खड़गवां एवं लालपुर का भ्रमण कर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) नियम-2026 के तहत संचालित गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। भ्रमण के दौरान राज्य सलाहकार ने ग्राम पंचायत पौड़ीडीह में ग्रामीणों को सोर्स सेग्रीगेशन (स्रोत स्तर पर अपशिष्ट पृथक्करण) का महत्व समझाया। डस्टबिन का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने बताया कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं अन्य प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यदि घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण किया जाए तो अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलना अधिक आसान हो जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल (3R) की अवधारणा को अपनाने की अपील करते हुए प्लास्टिक के उपयोग में कमी, उसके पुनः उपयोग एवं वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रभावी प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का भी सशक्त माध्यम बन सकता है।
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