सफाई कर्मचारी भर्ती नियमों के विरोध में वाल्मीकि समाज का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
चूरू। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को वाल्मीकि विकास सेवा समिति के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने गढ़ चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 183 नगरीय निकायों में 24,752 संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रस्तावित है। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया में नगर निकायों के साथ-साथ शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से अस्थायी रूप से सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
कर्मचारियों ने अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने, ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को भी भर्ती में अवसर देने, पांच वर्ष की संविदा व्यवस्था समाप्त कर सीधी एवं स्थायी भर्ती करने की मांग रखी। साथ ही संविदा व्यवस्था जारी रहने पर न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय देने और पदों की संख्या बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग की गई।
ज्ञापन में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाने तथा परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के सफाई कामगारों को प्राथमिकता देने की मांग भी की गई। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी बैठने एवं पेयजल की व्यवस्था, उपस्थिति दर्ज करने के लिए फोटो प्रणाली के स्थान पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने और वर्ष 2018 की भर्ती में नियुक्त गैर-वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को उनके मूल पद पर लगाने की मांग रखी गई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन के संबंध में वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया तो 19 अगस्त के बाद चूरू में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष ओमप्रकाश, श्रवण हटवाल, गोरधन चांवरिया, मनोज चांवरिया, राजेश, महेंद्र, मिथुन, पवन चांवरिया, प्रीत चांवरिया, नितिन, मार्शल हटवाल, आकाश चंदेलिया, पीयूष, मनीष, किशन, शांतिलाल, विजेंद्र, अशोक पंवार, हरीश हटवाल, राहुल गोगडिया, जय सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग उपस्थित रहे।
Churu, Churu | Aug 11, 2026