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फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर #मिल्खा सिंह का उपचार के दौरान निधन

Neemuch Nagar, Neemuch | Jun 19, 2021

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📌#सफलता_की_कहानी 📌
एकीकृत बागवानी विकास मिशन से समृद्ध हुआ नीमच का किसान 
✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️
शेडनेट हाउस में खीरा-ककड़ी उगाकर दशरथ पाटीदार ने कमाए 4.75 लाख
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योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल जाए,तो मेहनत रंग लाती है। यह कहना है नीमच विकासखंड के ग्राम केलूखेड़ा के प्रगतिशील कृषक दशरथ-नरसिंहलाल पाटीदार का। परंपरागत गेहूं की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले दशरथ ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के तहत संरक्षित खेती को अपनाकर अपनी तकदीर बदल दी है। आज वे जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
➡️पहले थी चुनौतियां, अब मिली नई राह - दशरथ बताते हैं कि पहले वे 2500 वर्ग मीटर खेत में केवल गेहूं की खेती करते थे। सिंचाई, खाद-बीज पर 45 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी 55 क्विंटल उपज से 1,47,125 रुपये की कुल आय होती थी। सभी खर्च काटकर शुद्ध लाभ मात्र 1,02,125 रुपये बचता था। परिवार का भरण-पोषण कठिन था। तभी उन्हें उद्यानिकी विभाग से MIDH योजना की जानकारी मिली।
➡️8.87 लाख के अनुदान से बना शेडनेट हाउस - जिला उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में दशरथ ने 8.87 लाख रुपये के अनुदान से अपने खेत में 2500 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने उन्हें संरक्षित खेती की वैज्ञानिक विधि, ड्रिप सिंचाई, उन्नत बीज व कीट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उन्होंने खीरा-ककड़ी की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की।
➡️चार गुना बढ़ी आय, बदली जीवन की तस्वीर - परिणाम चौंकाने वाले रहे। शेडनेट हाउस में जलवायु नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़े। एक सीजन में 450 क्विंटल खीरा-ककड़ी का उत्पादन हुआ। 2 लाख रुपये की लागत के बाद भी कुल आय 6,75,000 रुपये हुई। इस प्रकार शुद्ध लाभ 4,75,000 रुपये प्राप्त हुआ, जो गेहूं की खेती से होने वाली आय का लगभग पांच गुनाहै।
➡️किसान की जुबानी-दशरथ कहते हैं, कि शासन की MIDH योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई। पहले बाजार में भाव कम मिलने व मौसम की मार से नुकसान होता था। अब शेडनेट में सालभर खेती कर सकते हैं। फसल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिससे भाव भी अच्छे मिलते हैं। अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मैं कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चंद्रा व उद्यानिकी विभाग का आभारी हूं।"
➡️अन्य किसानों के लिए प्रेरणा- वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री विजेश वसुनिया ने बताया,कि संरक्षित खेती कम पानी, कम भूमि में अधिक उत्पादन का सिद्धांत है। 
#Neemuch

📌#सफलता_की_कहानी 📌 एकीकृत बागवानी विकास मिशन से समृद्ध हुआ नीमच का किसान ✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️ शेडनेट हाउस में खीरा-ककड़ी उगाकर दशरथ पाटीदार ने कमाए 4.75 लाख ✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️✴️ योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल जाए,तो मेहनत रंग लाती है। यह कहना है नीमच विकासखंड के ग्राम केलूखेड़ा के प्रगतिशील कृषक दशरथ-नरसिंहलाल पाटीदार का। परंपरागत गेहूं की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले दशरथ ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के तहत संरक्षित खेती को अपनाकर अपनी तकदीर बदल दी है। आज वे जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। ➡️पहले थी चुनौतियां, अब मिली नई राह - दशरथ बताते हैं कि पहले वे 2500 वर्ग मीटर खेत में केवल गेहूं की खेती करते थे। सिंचाई, खाद-बीज पर 45 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी 55 क्विंटल उपज से 1,47,125 रुपये की कुल आय होती थी। सभी खर्च काटकर शुद्ध लाभ मात्र 1,02,125 रुपये बचता था। परिवार का भरण-पोषण कठिन था। तभी उन्हें उद्यानिकी विभाग से MIDH योजना की जानकारी मिली। ➡️8.87 लाख के अनुदान से बना शेडनेट हाउस - जिला उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में दशरथ ने 8.87 लाख रुपये के अनुदान से अपने खेत में 2500 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने उन्हें संरक्षित खेती की वैज्ञानिक विधि, ड्रिप सिंचाई, उन्नत बीज व कीट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उन्होंने खीरा-ककड़ी की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की। ➡️चार गुना बढ़ी आय, बदली जीवन की तस्वीर - परिणाम चौंकाने वाले रहे। शेडनेट हाउस में जलवायु नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़े। एक सीजन में 450 क्विंटल खीरा-ककड़ी का उत्पादन हुआ। 2 लाख रुपये की लागत के बाद भी कुल आय 6,75,000 रुपये हुई। इस प्रकार शुद्ध लाभ 4,75,000 रुपये प्राप्त हुआ, जो गेहूं की खेती से होने वाली आय का लगभग पांच गुनाहै। ➡️किसान की जुबानी-दशरथ कहते हैं, कि शासन की MIDH योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई। पहले बाजार में भाव कम मिलने व मौसम की मार से नुकसान होता था। अब शेडनेट में सालभर खेती कर सकते हैं। फसल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिससे भाव भी अच्छे मिलते हैं। अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मैं कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चंद्रा व उद्यानिकी विभाग का आभारी हूं।" ➡️अन्य किसानों के लिए प्रेरणा- वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री विजेश वसुनिया ने बताया,कि संरक्षित खेती कम पानी, कम भूमि में अधिक उत्पादन का सिद्धांत है। #Neemuch

Neemuch, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

📍#सफलता_की_कहानी 📍
एकीकृत बागवानी विकास मिशन से समृद्ध हुआ नीमच का किसान 
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शेडनेट हाउस में खीरा-ककड़ी उगाकर दशरथ पाटीदार ने कमाए 4.75 लाख
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योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल जाए,तो मेहनत रंग लाती है। यह कहना है नीमच विकासखंड के ग्राम केलूखेड़ा के प्रगतिशील कृषक दशरथ-नरसिंहलाल पाटीदार का। परंपरागत गेहूं की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले दशरथ ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के तहत संरक्षित खेती को अपनाकर अपनी तकदीर बदल दी है। आज वे जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
◾पहले थी चुनौतियां, अब मिली नई राह - दशरथ बताते हैं कि पहले वे 2500 वर्ग मीटर खेत में केवल गेहूं की खेती करते थे। सिंचाई, खाद-बीज पर 45 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी 55 क्विंटल उपज से 1,47,125 रुपये की कुल आय होती थी। सभी खर्च काटकर शुद्ध लाभ मात्र 1,02,125 रुपये बचता था। परिवार का भरण-पोषण कठिन था। तभी उन्हें उद्यानिकी विभाग से MIDH योजना की जानकारी मिली।
◾8.87 लाख के अनुदान से बना शेडनेट हाउस - जिला उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में दशरथ ने 8.87 लाख रुपये के अनुदान से अपने खेत में 2500 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने उन्हें संरक्षित खेती की वैज्ञानिक विधि, ड्रिप सिंचाई, उन्नत बीज व कीट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उन्होंने खीरा-ककड़ी की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की।
◾चार गुना बढ़ी आय, बदली जीवन की तस्वीर - परिणाम चौंकाने वाले रहे। शेडनेट हाउस में जलवायु नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़े। एक सीजन में 450 क्विंटल खीरा-ककड़ी का उत्पादन हुआ। 2 लाख रुपये की लागत के बाद भी कुल आय 6,75,000 रुपये हुई। इस प्रकार शुद्ध लाभ 4,75,000 रुपये प्राप्त हुआ, जो गेहूं की खेती से होने वाली आय का लगभग पांच गुनाहै।
◾किसान की जुबानी-दशरथ कहते हैं, कि शासन की MIDH योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई। पहले बाजार में भाव कम मिलने व मौसम की मार से नुकसान होता था। अब शेडनेट में सालभर खेती कर सकते हैं। फसल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिससे भाव भी अच्छे मिलते हैं। अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मैं कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चंद्रा व उद्यानिकी विभाग का आभारी हूं।"
◾अन्य किसानों के लिए प्रेरणा- वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री विजेश वसुनिया ने बताया,कि संरक्षित खेती कम पानी, कम भूमि में अधिक उत्पादन का सिद्धांत है। यह योजना छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। दशरथ पाटीदार की सफलता देखकर केलूखेड़ा व आसपास के गांवों के कई किसान अब संरक्षित खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
       MIDH योजना वास्तव में "लागत कम-आमदनी ज्यादा" के मूलमंत्र को साकार कर रही है और जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
#Neemuch
Department of Agriculture, Madhya Pradesh 
Department of Horticulture, Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh

📍#सफलता_की_कहानी 📍 एकीकृत बागवानी विकास मिशन से समृद्ध हुआ नीमच का किसान 🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹 शेडनेट हाउस में खीरा-ककड़ी उगाकर दशरथ पाटीदार ने कमाए 4.75 लाख 🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹 योजनाओं का लाभ सही समय पर मिल जाए,तो मेहनत रंग लाती है। यह कहना है नीमच विकासखंड के ग्राम केलूखेड़ा के प्रगतिशील कृषक दशरथ-नरसिंहलाल पाटीदार का। परंपरागत गेहूं की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले दशरथ ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना (MIDH) के तहत संरक्षित खेती को अपनाकर अपनी तकदीर बदल दी है। आज वे जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। ◾पहले थी चुनौतियां, अब मिली नई राह - दशरथ बताते हैं कि पहले वे 2500 वर्ग मीटर खेत में केवल गेहूं की खेती करते थे। सिंचाई, खाद-बीज पर 45 हजार रुपये खर्च करने के बाद भी 55 क्विंटल उपज से 1,47,125 रुपये की कुल आय होती थी। सभी खर्च काटकर शुद्ध लाभ मात्र 1,02,125 रुपये बचता था। परिवार का भरण-पोषण कठिन था। तभी उन्हें उद्यानिकी विभाग से MIDH योजना की जानकारी मिली। ◾8.87 लाख के अनुदान से बना शेडनेट हाउस - जिला उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में दशरथ ने 8.87 लाख रुपये के अनुदान से अपने खेत में 2500 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस स्थापित किया। विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने उन्हें संरक्षित खेती की वैज्ञानिक विधि, ड्रिप सिंचाई, उन्नत बीज व कीट प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। इसके बाद उन्होंने खीरा-ककड़ी की व्यावसायिक खेती प्रारंभ की। ◾चार गुना बढ़ी आय, बदली जीवन की तस्वीर - परिणाम चौंकाने वाले रहे। शेडनेट हाउस में जलवायु नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़े। एक सीजन में 450 क्विंटल खीरा-ककड़ी का उत्पादन हुआ। 2 लाख रुपये की लागत के बाद भी कुल आय 6,75,000 रुपये हुई। इस प्रकार शुद्ध लाभ 4,75,000 रुपये प्राप्त हुआ, जो गेहूं की खेती से होने वाली आय का लगभग पांच गुनाहै। ◾किसान की जुबानी-दशरथ कहते हैं, कि शासन की MIDH योजना मेरे लिए वरदान साबित हुई। पहले बाजार में भाव कम मिलने व मौसम की मार से नुकसान होता था। अब शेडनेट में सालभर खेती कर सकते हैं। फसल भी अच्छी गुणवत्ता की होती है, जिससे भाव भी अच्छे मिलते हैं। अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मैं कलेक्टर नीमच श्री हिमांशु चंद्रा व उद्यानिकी विभाग का आभारी हूं।" ◾अन्य किसानों के लिए प्रेरणा- वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी श्री विजेश वसुनिया ने बताया,कि संरक्षित खेती कम पानी, कम भूमि में अधिक उत्पादन का सिद्धांत है। यह योजना छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। दशरथ पाटीदार की सफलता देखकर केलूखेड़ा व आसपास के गांवों के कई किसान अब संरक्षित खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। MIDH योजना वास्तव में "लागत कम-आमदनी ज्यादा" के मूलमंत्र को साकार कर रही है और जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। #Neemuch Department of Agriculture, Madhya Pradesh Department of Horticulture, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh

Neemuch, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

नाबालिग वाहन चालकों पर पुलिस का शिकंजा: बाइक चलाते बच्चे  पर कानूनी कार्रवाई, #news

नाबालिग वाहन चालकों पर पुलिस का शिकंजा: बाइक चलाते बच्चे पर कानूनी कार्रवाई, #news

Neemuch Nagar, Neemuch | Jun 6, 2026

कलेक्टर के निर्देश पर खातीखेड़ा में रोड रेस्टोरेशन कार्य प्रारंभ
=================================
जन समस्या निराकरण शिविर में दिए निर्देशों पर जल निगम ने की त्वरित कार्रवाई
=================================
पेयजल पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त आंतरिक सड़कों का हो रहा सुधार
==================================
खातीखेड़ा सहित आसपास के तीन गांवों में  शुरू हुआ कार्य
==================================
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा गत दिवस भगवानपुरा ग्राम पंचायत के ग्राम खातीखेड़ा में आयोजित जन समस्या निराकरण शिविर में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जल निगम द्वारा त्वरित कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 
◾ग्रामीणों की समस्या का समाधान:  महाप्रबंधक श्री धीरेंद्र बिजोरिया ने बताया,कि ग्राम में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई आंतरिक सड़कों के सुधार कार्य एवं बचे हुए शेष रोड रेस्टोरेशन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। खाती खेड़ा एवं आसपास के तीनों गांवों में ग्रामीणों की मांग पर यह कार्य हाथ में लिया गया है। 
      जन समस्या निराकरण शिविर में ग्रामीणों द्वारा पाइपलाइन कार्य से क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या रखी गई थी, जिस पर कलेक्टर द्वारा जल निगम को तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के परिपालन में जल निगम ने बिना विलंब कार्य शुरू कर दिया है।
#Neemuch
Mera Neemuch 
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh 
Public Works Department, Madhya Pradesh

कलेक्टर के निर्देश पर खातीखेड़ा में रोड रेस्टोरेशन कार्य प्रारंभ ================================= जन समस्या निराकरण शिविर में दिए निर्देशों पर जल निगम ने की त्वरित कार्रवाई ================================= पेयजल पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त आंतरिक सड़कों का हो रहा सुधार ================================== खातीखेड़ा सहित आसपास के तीन गांवों में शुरू हुआ कार्य ================================== कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा गत दिवस भगवानपुरा ग्राम पंचायत के ग्राम खातीखेड़ा में आयोजित जन समस्या निराकरण शिविर में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जल निगम द्वारा त्वरित कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। ◾ग्रामीणों की समस्या का समाधान: महाप्रबंधक श्री धीरेंद्र बिजोरिया ने बताया,कि ग्राम में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई आंतरिक सड़कों के सुधार कार्य एवं बचे हुए शेष रोड रेस्टोरेशन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। खाती खेड़ा एवं आसपास के तीनों गांवों में ग्रामीणों की मांग पर यह कार्य हाथ में लिया गया है। जन समस्या निराकरण शिविर में ग्रामीणों द्वारा पाइपलाइन कार्य से क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या रखी गई थी, जिस पर कलेक्टर द्वारा जल निगम को तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के परिपालन में जल निगम ने बिना विलंब कार्य शुरू कर दिया है। #Neemuch Mera Neemuch Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh Public Works Department, Madhya Pradesh

Neemuch, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस मौके पर एडीएम श्री बी.एस.कलेश, श्री पराग जैन, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री चंद्रसिह धार्वे व अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। 
◾जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से लिया फीडबैक:  बैठक में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान UCC के संबंध में विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थितजनों ने समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप, विभिन्न राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने महत्‍वपूर्ण विचार एवं सुझाव प्रस्‍तुत किए।
◾'यूसी लागू करने से पहले नागरिकों के सुझाव जरूरी': डॉ. गोपाल शर्मा- समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने पारिवारिक कानूनों, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि "कुछ प्रदेशों में पूर्व में यूसीसी लागू हो गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूसीसी लागू करने से पूर्व नागरिकों के सुझाव लिये जायें। 
       डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में विभिन्न धर्म समुदायों के लिए भिन्न प्रकार के पारिवारिक कानून हैं। आजादी के बाद इनमें कुछ कानूनों को सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी बहुत से विषय ऐसे हैं जिनमें सुधार नहीं किया गया है, जो परंपरागत रीति रिवाजों से चलते हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं।
◾ucc.mp.gov.in पोर्टल पर भेजें सुझाव:  डॉ.शर्मा ने आगामी चरणों में नागरिकों से संवाद एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान में समानता के लिए यूसीसी लाने का प्रस्ताव है, इसीलिए यह विचार विमर्श हो रहा है। नागरिक इस पोर्टल पर समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव भेज सकते हैं।
#Neemuch
Mera Neemuch 
General Administration Department, MP  
Jansampark Madhya Pradesh

समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस मौके पर एडीएम श्री बी.एस.कलेश, श्री पराग जैन, डिप्‍टी कलेक्‍टर श्री चंद्रसिह धार्वे व अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। ◾जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से लिया फीडबैक: बैठक में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान UCC के संबंध में विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थितजनों ने समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप, विभिन्न राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने महत्‍वपूर्ण विचार एवं सुझाव प्रस्‍तुत किए। ◾'यूसी लागू करने से पहले नागरिकों के सुझाव जरूरी': डॉ. गोपाल शर्मा- समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने पारिवारिक कानूनों, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि "कुछ प्रदेशों में पूर्व में यूसीसी लागू हो गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूसीसी लागू करने से पूर्व नागरिकों के सुझाव लिये जायें। डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में विभिन्न धर्म समुदायों के लिए भिन्न प्रकार के पारिवारिक कानून हैं। आजादी के बाद इनमें कुछ कानूनों को सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी बहुत से विषय ऐसे हैं जिनमें सुधार नहीं किया गया है, जो परंपरागत रीति रिवाजों से चलते हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं। ◾ucc.mp.gov.in पोर्टल पर भेजें सुझाव: डॉ.शर्मा ने आगामी चरणों में नागरिकों से संवाद एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान में समानता के लिए यूसीसी लाने का प्रस्ताव है, इसीलिए यह विचार विमर्श हो रहा है। नागरिक इस पोर्टल पर समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव भेज सकते हैं। #Neemuch Mera Neemuch General Administration Department, MP Jansampark Madhya Pradesh

Neemuch, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026