कब आएगी वह तारीख, जब अलवर को फिर अपना पार्षद और मेयर मिलेगा?
इंतजार में शहर की सड़कें टूटते-टूटते थक गईं, नालियां जाम होते-होते भर गईं और जनता शिकायतें करते-करते। अब आंखें उस महान विकास पुरुष के इंतजार में पथरा गई हैं, जो चुनाव जीतते ही अलवर की तस्वीर बदलने का दावा करेगा।
पिछली बार क्या वादे हुए थे, पांच साल में क्या हुआ और शहर की हालत आज कहां पहुंच गई—यह हिसाब शायद चुनावी मौसम के साथ धुंधला पड़ चुका है। आखिर जनता भी कितनी पुरानी बातें याद रखे!
जब जनता पिछले पांच साल भूलकर फिर नए वादों पर भरोसा करने को तैयार है, तो मैं भी क्यों पीछे रहूं?
अलवर है साहब… यहां चुनाव आते हैं, वादे आते हैं, चेहरे बदलते हैं—बस शहर की हालत बदलने का इंतजार ही खत्म नहीं होता।
Alwar, Alwar | Sep 8, 2026