दो ऐसे बड़े भाई, जिन्होंने सिर्फ साथ नहीं दिया, बल्कि हर कदम पर विश्वास भी दिया…
नोट: डॉ के एस पंवार जी की प्रधानमंत्री के साथ फाइल फोटो है
आज का दिन मेरे लिए बेहद खास और भावुक है। आज उन दो महान हस्तियों का जन्मदिन है, जिन्होंने मुझे हमेशा छोटे भाई की तरह स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद दिया। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में उंगली पकड़कर चलना सिखाया और तन, मन व धन से हर संभव सहयोग किया।
मेरे जीवन और पत्रकारिता के सफर में यदि किसी का सबसे बड़ा योगदान रहा है, तो उनमें आदरणीय डॉ. के. एस. पंवार जी और श्री डी. एस. पंवार जी का नाम हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।
चाहे मेरी पुस्तक "उत्तराखंड का आँसू" का प्रकाशन हो, कवि सम्मेलनों में प्रतिभाग करने का अवसर हो, 'रैबार' जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में सहयोग हो, या फिर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मार्ग—हर मोड़ पर दोनों बड़े भाइयों का स्नेह और विश्वास मेरे साथ रहा।
जब जीवन में ऐसा दौर आया कि हम बेरोजगार हो गए थे, तब इन्होंने सिर्फ हौसला ही नहीं दिया, बल्कि अपने समाचार पत्र में मुझे काम करने का अवसर दिया। आगे चलकर APN, नेपाल वन और आज नेटवर्क 10 न्यूज़ जैसी जिम्मेदारियाँ भी उनके विश्वास का ही परिणाम हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी उनका यह विश्वास है कि वे मेरी ईमानदारी और काम के प्रति समर्पण पर भरोसा करते हैं।
एक घटना मैं कभी नहीं भूल सकता। जब मुझे पीलिया हो गया था और लगभग एक महीने तक मैं काम पर नहीं लौट सका। सामान्यतः ऐसी स्थिति में वेतन रुक जाता है, लेकिन उन्होंने न केवल पूरा वेतन दिया बल्कि दो माह तक बिना किसी कटौती के मेरा साथ निभाया। तभी महसूस हुआ कि कुछ रिश्ते खून से नहीं, विश्वास, अपनापन और संवेदनाओं से बनते हैं।
आदरणीय डॉ. के. एस. पंवार जी—उत्तराखंड सरकार के पूर्व औद्योगिक सलाहकार, सुप्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी, पॉलीगोंन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष, मृदुल स्वभाव के धनी, अपनी बोली-भाषा और संस्कृति के सच्चे संरक्षक तथा बाबा केदार और मद्महेश्वर की पावन धरती के गौरव।
और आदरणीय श्री डी. एस. पंवार जी—प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी, सोशल पॉलीगोंन ग्रुप के एमडी, सरल, मिलनसार, जमीन से जुड़े व्यक्तित्व, जिन्होंने हमेशा उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
आप दोनों भाइयों से मुझे हमेशा अच्छे कामों पर शाबाशी मिली है और गलती होने पर डांट भी। यही स्नेह, यही अनुशासन और यही अपनापन मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
बाबा केदारनाथ, भगवान मद्महेश्वर और देवभूमि के समस्त देवताओं से मेरी प्रार्थना है कि आप दोनों पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें। आप दोनों स्वस्थ, दीर्घायु और सदैव खुश रहें। समाज, उत्तराखंड और अपनी संस्कृति की सेवा का आपका यह सफर यूँ ही निरंतर आगे बढ़ता रहे।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत बधाई। 🙏🎂💐
– आपका शुभचिंतक
दीपक कैंतुरा
युवा कवि एवं पत्रकार